जयपुर में धनतेरस के पावन पर्व के साथ ही पांच दिवसीय दीपोत्सव का भव्य आगाज हो गया है। इस खास मौके पर राजस्थान की राजधानी के बाजारों और प्रमुख धार्मिक स्थलों पर जबरदस्त चहल-पहल और उत्साह का माहौल देखा जा रहा है। हिंदू धार्मिक मान्यताओं के अनुसार धनतेरस के दिन भगवान गणेश और माता लक्ष्मी की आराधना करने के साथ-साथ नए सामान और वाहनों की खरीद करना बेहद शुभ माना जाता है। इसी परंपरा और अटूट आस्था के चलते शहर के ऐतिहासिक मोती डूंगरी गणेश मंदिर में सुबह से ही श्रद्धालुओं और वाहन स्वामियों का तांता लगा रहा।
मोती डूंगरी मंदिर में उमड़े वाहन स्वामी
धनतेरस के पावन पर्व पर मोती डूंगरी गणेश मंदिर परिसर में अपने नए वाहनों की पूजा-अर्चना कराने के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। सुबह होते ही कार, मोटरसाइकिल, स्कूटर और अन्य नए वाहन कतारबद्ध होकर मंदिर के बाहर खड़े नजर आने लगे। जैसे-जैसे दिन आगे बढ़ा, मंदिर परिसर में पहुंचने वाले नए वाहनों की संख्या में भी लगातार तेजी आती गई। वाहन मालिक अपनी गाड़ियों की विधि-विधान से पूजा करवाने और प्रथम पूज्य भगवान गणेश का आशीर्वाद लेने के लिए खासे उत्सुक दिखाई दिए।
एक किलोमीटर लंबा जाम और दो घंटे का लंबा इंतजार
दोपहर का समय आते-आते मंदिर के आसपास सड़कों पर वाहनों का अत्यधिक दबाव बढ़ गया, जिसके परिणामस्वरूप वहां करीब एक किलोमीटर लंबा भयंकर जाम लग गया। मंदिर के बाहर और उसके आसपास के रास्तों पर वाहनों की लंबी कतारें दूर तक फैली हुई थीं। हालात यह हो गए कि वाहन स्वामियों को अपनी बारी का इंतजार करने और पूजा संपन्न करवाने के लिए लगभग दो घंटे तक कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। हालांकि इस भारी परेशानी और लंबे इंतजार के बावजूद लोगों के उत्साह में कोई कमी देखने को नहीं मिली, क्योंकि हर कोई अपने नए वाहन की पूजा कराकर इस शुभ दिन की शुरुआत करना चाहता था।
राजधानी में पांच हजार नए वाहनों की बिक्री का अनुमान
धनतेरस के इस शुभ अवसर पर जयपुर के ऑटोमोबाइल बाजार में भी अभूतपूर्व रौनक और बूम देखने को मिला। बाजार के जानकारों और जानकारों के अनुमान के मुताबिक इस एक दिन के भीतर राजधानी जयपुर में लगभग पांच हजार नए वाहनों की रिकॉर्ड बिक्री हुई है। चार पहिया और दो पहिया वाहनों की बंपर डिलीवरी लेने के बाद लोग सीधे मोती डूंगरी गणेश मंदिर पहुंचे और अपनी नई गाड़ियों की पूजा-अर्चना करवाई। धार्मिक विश्वास के अनुसार धनतेरस पर खरीदी गई संपत्ति या वाहन की पूजा करने से घर-परिवार में सुख-समृद्धि, सौभाग्य और बरकत आती है। इसके अलावा, नए वाहन की भगवान गणेश से पूजा कराने का मुख्य उद्देश्य यह होता है कि आगे की हर यात्रा सुरक्षित और निर्विघ्न संपन्न हो। यही कारण है कि हर साल धनतेरस के दिन मोती डूंगरी गणेश मंदिर में भारी संख्या में लोग अपनी नई गाड़ियों के साथ पहुंचते हैं और इस बार भी मंदिर परिसर में आस्था, उमंग और उत्साह का ऐसा ही अद्भुत नजारा देखने को मिला।

















