सरकारी शिक्षण संस्थानों में नौकरी पाने की चाह रखने वाले युवाओं के लिए एक सुनहरा अवसर सामने आया है। राजस्थान के झुंझुनूं स्थित सैनिक स्कूल ने विभिन्न प्रकार के टीचिंग और नॉन-टीचिंग पदों को भरने के लिए आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। इस भर्ती प्रक्रिया की सबसे बड़ी खूबी यह है कि इसमें उच्च शिक्षा प्राप्त पीजीटी और टीजीटी उम्मीदवारों के साथ-साथ 10वीं और 12वीं कक्षा पास कर चुके युवाओं के लिए भी आवेदन करने के रास्ते खुले हुए हैं। जो उम्मीदवार लंबे समय से सरकारी क्षेत्र में अपनी सेवाएं देने का सपना देख रहे थे, वे निर्धारित समय सीमा के भीतर अपना आवेदन प्रस्तुत कर सकते हैं।
रेगुलर और कॉन्ट्रैक्ट आधार पर होंगी नियुक्तियां
इस भर्ती अभियान के तहत उम्मीदवारों का चयन नियमित और संविदा, दोनों श्रेणियों के आधार पर किया जाएगा। यदि आप शिक्षक, प्रयोगशाला सहायक, अपर डिवीजन क्लर्क या वाहन चालक जैसे पदों पर अपनी सेवाएं देने के इच्छुक हैं, तो अंतिम तिथि से पहले अपने दस्तावेज और फॉर्म भेज दें। इस भर्ती के लिए आवेदन प्रक्रिया पहले ही आरंभ की जा चुकी है। उम्मीदवारों को यह बात विशेष रूप से ध्यान रखनी होगी कि उन्हें ऑनलाइन के बजाय तय फॉर्मेट में अपना एप्लीकेशन फॉर्म ऑफलाइन माध्यम से स्पीड पोस्ट के जरिए सीधे स्कूल प्रशासन के पते पर भेजना होगा। इस भर्ती से जुड़ी किसी भी प्रकार की नई जानकारी या अपडेट्स प्राप्त करने के लिए आधिकारिक वेबसाइट ssjhunjhunu.com पर विजिट किया जा सकता है।
विभिन्न पदों के लिए निर्धारित शैक्षणिक योग्यता
सैनिक स्कूल झुंझुनूं की इस विज्ञप्ति में कई तरह के पद शामिल हैं। पीजीटी श्रेणी के तहत फिजिक्स, केमिस्ट्री और मैथ्स विषय रखे गए हैं, जबकि टीजीटी के अंतर्गत मैथ्स, इंग्लिश और सोशल साइंस विषयों के अलावा काउंसलर, पीटीआई कम मैट्रॉन, आर्ट मास्टर, लैब असिस्टेंट (फिजिक्स, केमिस्ट्री और बायो), म्यूजिक टीचर और यूडीसी क्लर्क के पद भी शामिल हैं। पीजीटी पदों पर आवेदन करने के लिए अभ्यर्थियों के पास संबंधित विषय में न्यूनतम 50 प्रतिशत अंकों के साथ पोस्ट ग्रेजुएशन की डिग्री और साथ में बीएड होना अनिवार्य किया गया है। वहीं टीजीटी पदों के लिए संबंधित विषय में 50 प्रतिशत अंकों के साथ ग्रेजुएशन, बीएड की डिग्री के साथ-साथ सीटेट या एसटेट का दूसरा लेवल पास करना भी जरूरी है।
दसवीं और बारहवीं पास युवाओं के लिए भी मौके
शिक्षण पदों के अलावा इस भर्ती प्रक्रिया में गैर-शिक्षण श्रेणियों के अंतर्गत भी कई रिक्तियां उपलब्ध कराई गई हैं। जो युवा केवल स्कूल स्तर की योग्यता रखते हैं, उनके लिए भी यहां अवसर मौजूद हैं। लैब असिस्टेंट के पदों पर आवेदन करने के इच्छुक उम्मीदवार का साइंस स्ट्रीम से 12वीं यानी इंटरमीडिएट पास होना जरूरी है। इसके अलावा क्लर्क यानी यूडीसी पदों के लिए आवेदक के पास ग्रेजुएट होने के साथ-साथ कंप्यूटर का बुनियादी ज्ञान और कार्यालय में काम करने का अनुभव होना आवश्यक माना गया है। वहीं ड्राइवर और अन्य चतुर्थ श्रेणी के पदों पर आवेदन करने वाले उम्मीदवार यदि केवल 10वीं कक्षा पास हैं, तो भी वे इन पदों के लिए अपनी दावेदारी पेश कर सकते हैं।
सैनिक स्कूल में चयन होने के बाद उम्मीदवारों को उनके पद के हिसाब से बेहद आकर्षक वेतनमान प्रदान किया जाएगा। नियमित पीजीटी पदों पर नियुक्त होने वाले कर्मचारियों को पे-मैट्रिक्स लेवल-8 के अनुसार वेतन मिलेगा, जबकि टीजीटी पदों के लिए लेवल-7 के तहत वेतन देय होगा। इसके अलावा संविदा आधारित पदों के लिए भी 20,000 रुपये से लेकर 40,000 रुपये तक का निश्चित मासिक मानदेय तय किया गया है। नियमित पीजीटी टीचर के लिए पे लेवल-08 के तहत 47,600 रुपये बेसिक सैलरी के अलावा अन्य भत्ते और सुविधाएं मिलेंगी। वहीं टीजीटी मैथ के नियमित पद के लिए पे लेवल-07 के तहत 44,900 रुपये और सातवें वेतन आयोग के नियमों के मुताबिक अन्य भत्ते दिए जाएंगे। संविदा पर रखे जाने वाले काउंसलर, पीटीआई मैट्रॉन और आर्ट मास्टर को प्रति माह 63,758 रुपये का मानदेय मिलेगा। लैब असिस्टेंट कॉन्ट्रैक्ट के लिए 38,250 रुपये, म्यूजिक टीचर या बैंड मास्टर के लिए 46,720 रुपये और यूडीसी क्लर्क कॉन्ट्रैक्ट के लिए 38,250 रुपये मासिक तय किए गए हैं। इसके अलावा एलडीसी, ड्राइवर और इलेक्ट्रीशियन के संविदा पदों पर 31,840 रुपये प्रति माह मिलेंगे, जबकि नर्सिंग सिस्टर कॉन्ट्रैक्ट के लिए 38,250 रुपये का मानदेय निर्धारित किया गया है।
कर्मचारियों को मिलने वाली अन्य सुविधाएं और सेवा शर्तें
सैनिक स्कूल के नियमित स्टाफ को मूल वेतन के साथ-साथ कई विशेष लाभ और सुविधाएं भी दी जाती हैं। इनमें मुख्य रूप से मुफ्त आवास, परिवहन भत्ता, महंगाई भत्ता और चिकित्सा भत्ता शामिल होते हैं। इसके साथ ही इस स्कूल में कार्यरत कर्मचारियों के दो बच्चों को छठी कक्षा से आठवीं कक्षा तक की पढ़ाई रियायती दरों यानी सब्सिडी पर मुहैया कराई जाती है। दूसरी तरफ संविदा के आधार पर चुने जाने वाले कर्मचारियों की सेवा अवधि नियुक्ति की तारीख से 11 महीने की होगी। हालांकि स्कूल के प्रधानाचार्य के पास यह पूरा अधिकार सुरक्षित रहेगा कि वे संविदा स्टाफ की सेवाएं समाप्त कर सकें। यदि कर्मचारी का कार्य संतोषजनक रहता है, तो उसके प्रदर्शन के आधार पर इस संविदा अवधि को अधिकतम 3 साल तक आगे बढ़ाया जा सकता है।



















