राजस्थान के बारां जिले के नगरीय निकाय चुनावों को लेकर सियासी सरगर्मी अपने चरम पर पहुंच गई है। नामांकन पत्र दाखिल करने का आज अंतिम दिन होने के बावजूद भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और कांग्रेस, दोनों ही प्रमुख दलों ने अब तक अपने अधिकृत प्रत्याशियों की सूची सार्वजनिक नहीं की है। सूची में हो रही इस देरी के कारण टिकट के दावेदारों और पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच बेचैनी और संशय का माहौल साफ देखा जा सकता है। अंतिम समय का इंतजार किए बिना कई टिकटार्थी पहले ही निर्दलीय रूप से अपने पर्चे दाखिल कर चुके हैं।
निर्दलीय नामांकन और बागियों की सुगबुगाहट
राजनीतिक गलियारों में यह माना जा रहा है कि सोमवार को जैसे ही दोनों प्रमुख दल अपनी सूचियां जारी करेंगे, नामांकन दाखिल करने वालों की संख्या में अचानक भारी उछाल आएगा। इसके साथ ही, टिकट न मिलने से निराश कई दावेदारों के बगावती तेवर अपनाकर चुनावी मैदान में उतरने की प्रबल आशंका जताई जा रही है। इस पूरी स्थिति पर दोनों पार्टियों के शीर्ष नेतृत्व की पैनी नजरें टिकी हुई हैं ताकि समय रहते डैमेज कंट्रोल किया जा सके।
अब तक 195 नामांकन पत्र हुए दाखिल
निर्वाचन विभाग की तरफ से साझा किए गए आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, बारां जिले के कुल 6 नगरीय निकायों में अभी तक 178 उम्मीदवारों द्वारा कुल 195 नामांकन पत्र जमा कराए जा चुके हैं। बारां नगर परिषद के कुल 60 वार्डों में से फिलहाल केवल 30 वार्डों के भीतर ही 38 अभ्यर्थियों ने 39 नामांकन पत्र भरे हैं, जिनमें सबसे ज्यादा दावेदारी कांग्रेस पार्टी के पाले से सामने आई है। दिलचस्प बात यह है कि शेष 30 वार्डों में अभी तक एक भी पर्चा दाखिल नहीं किया गया है।
सोमवार को उमड़ सकती है भारी भीड़
अंतिम दिन को देखते हुए जिला मुख्यालय और तहसील कार्यालयों के बाहर भारी गहमागहमी रहने के पूरे आसार हैं। आखिरी वक्त में सूचियां आने की संभावना के बीच टिकट की आस लगाए बैठे नेता और कार्यकर्ता बड़ी संख्या में पहुंचकर अपने आवेदन जमा करवा सकते हैं। निर्वाचन विभाग ने भी अंतिम दिन की इस भागदौड़ और भीड़ को नियंत्रित करने के लिए अपनी तैयारियां पूरी कर ली हैं ताकि प्रक्रिया सुचारू रूप से चल सके।
चुनावी प्रक्रिया की आगामी तिथियां
प्रशासन की ओर से जारी चुनावी शेड्यूल के मुताबिक, नामांकन प्रक्रिया समाप्त होने के बाद आगे के चरण तय किए गए हैं। 1 सितंबर यानी मंगलवार को सभी दाखिल किए गए नामांकन पत्रों की बारीकी से स्क्रूटनी यानी जांच की जाएगी। इसके बाद, 3 सितंबर यानी गुरुवार को दोपहर 3 बजे तक उम्मीदवार अपने नाम वापस ले सकेंगे। अंततः 4 सितंबर यानी शुक्रवार को चुनावी मैदान में डटे रहने वाले अंतिम प्रत्याशियों को चुनाव चिह्न यानी सिंबल आवंटित कर दिए जाएंगे, जिसके बाद सभी वार्डों की तस्वीर पूरी तरह साफ हो जाएगी।



















