राष्ट्रीय राजधानी में सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए दिल्ली सरकार एक नई और व्यापक सोलर पॉलिसी लेकर आई है। इस अहम नीति को हाल ही में हुई कैबिनेट की बैठक में औपचारिक रूप से मंजूरी दे दी गई है, जिससे शहर के लाखों बिजली उपभोक्ताओं को बड़ा आर्थिक लाभ मिलने की उम्मीद है।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में साझा की गई योजना की डिटेल
कैबिनेट की बैठक के बाद मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और मंत्री आशीष सूद ने एक साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया। इस दौरान सरकार की ओर से नई नीति की पूरी रूपरेखा और विस्तृत जानकारी मीडिया के सामने रखी गई। मंत्री आशीष सूद ने बताया कि मंत्रिमंडल ने दिल्ली सौर ऊर्जा नीति के दूसरे संशोधन को हरी झंडी दे दी है, जिसका मुख्य उद्देश्य सौर ऊर्जा के दायरे को तेजी से बढ़ाना है।
मुफ्त सोलर पैनल और मेंटेनेंस का पूरा जिम्मा
सरकार ने इस योजना के तहत कुल 2 लाख 30 हजार लोगों को अपने घरों की छतों पर मुफ्त सोलर पैनल लगवाने की सुविधा देने का बड़ा निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने स्पष्ट किया कि प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना का पूरा लाभ राष्ट्रीय राजधानी में सही से नहीं उठ पा रहा था, जिसके चलते सरकार को यह विशेष कदम उठाना पड़ा। जिन परिवारों की बिजली खपत 400 यूनिट तक है, उनके घरों पर पूरी तरह मुफ्त में सोलर पैनल स्थापित किए जाएंगे। यह पूरा लक्ष्य मार्च 2027 तक हर हाल में पूरा कर लिया जाएगा। इसके अलावा, पैनलों के रख-रखाव और मेंटेनेंस का सारा खर्च भी सरकार ही उठाएगी।
सब्सिडी और वित्तीय मदद का पूरा गणित
वित्तीय सहायता को लेकर सरकार ने स्पष्ट किया है कि तीन किलोवाट क्षमता के सोलर सिस्टम की स्थापना के लिए केंद्र सरकार की ओर से 78,000 रुपये दिए जाएंगे और इतनी ही यानी 78,000 रुपये की राशि दिल्ली सरकार द्वारा भी उपलब्ध कराई जाएगी। खास बात यह है कि यह नई सब्सिडी केंद्र सरकार की पीएम सूर्य घर योजना के तहत मिलने वाली सामान्य सब्सिडी के बिल्कुल अतिरिक्त होगी। साथ ही, जिन उपभोक्ताओं को पहले से 200 यूनिट तक की बिजली सब्सिडी का लाभ मिल रहा है, वह आगे भी बिना किसी बाधा के जारी रहेगा।
इंसेंटिव और आगे का बड़ा लक्ष्य
नीति में बदलाव करते हुए यह भी तय किया गया है कि उपभोक्ताओं को मिलने वाला इंसेंटिव अब पहले की तरह पांच साल बाद मिलने के बजाय शुरुआत में ही दे दिया जाएगा। दिल्ली सरकार ने अपनी इस महत्वाकांक्षी योजना के तहत राजधानी के लगभग 2.25 लाख नए घरों को सोलर ग्रिड से जोड़ने का कड़ा लक्ष्य निर्धारित किया है। सरकार का पूरा जोर इस बात पर है कि अधिक से अधिक रिहायशी मकानों को सौर ऊर्जा से जोड़ा जाए ताकि बिजली के भारी-भरकम बिलों से राहत मिल सके और बिजली उत्पादन की लागत को भी प्रभावी रूप से कम किया जा सके। कैबिनेट की इस मंजूरी के बाद अब इस पॉलिसी से जुड़ी पात्रता के नियम, सब्सिडी वितरण की ऑनलाइन प्रक्रिया और अन्य जरूरी प्रावधानों की आधिकारिक गाइडलाइंस भी जल्द ही जारी होने की उम्मीद है।





















