राजस्थान की ऐतिहासिक धरोहर, प्राचीन किले, महल और रंग-बिरंगी लोक परंपराएं हमेशा से दुनिया भर के सैलानियों को आकर्षित करती रही हैं। इसी अनूठी मेहमाननवाजी और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को एक बड़ा कारोबारी मंच देने के मकसद से जोधपुर में मारवाड़ ट्रैवल मार्ट 2026 की शुरुआत होने जा रही है। 20 सितंबर से आयोजित होने वाला यह भव्य मंच राज्य के पर्यटन को नई दिशा देने के लिए पूरी तरह तैयार है। इस बड़े आयोजन में कुल 125 स्टॉल लगाए जाएंगे, जिनके जरिए राजस्थान के अलग-अलग पर्यटन आकर्षणों और सांस्कृतिक वैभव को प्रभावी ढंग से प्रदर्शित किया जाएगा। साथ ही, देशभर से करीब 200 ट्रैवल एजेंट और पर्यटन क्षेत्र से जुड़े प्रमुख प्रतिनिधि इसमें हिस्सा लेने जोधपुर पहुंच रहे हैं।
पर्यटन उद्योग और स्थानीय रोजगार को मिलेगा नया विस्तार
इस मार्ट के आयोजन से जुड़े रणनीतिकारों का मानना है कि इस पहल के माध्यम से राज्य के पर्यटन कारोबारियों को देश के नए और उभरते बाजारों तक सीधी पहुंच बनाने का शानदार मौका मिलेगा। इस बड़े आयोजन के व्यापक प्रचार-प्रसार के लिए चार प्रमुख शहरों में विशेष रोड शो भी संचालित किए जा रहे हैं। उद्योग के जानकारों का आकलन है कि ऐसे आयोजनों से न केवल पर्यटन गतिविधियों का दायरा बढ़ेगा, बल्कि होटल, हेरिटेज हवेलियों और रिसॉर्ट कारोबार को भी सीधा लाभ पहुंचेगा। इसके साथ ही हस्तशिल्प, स्थानीय गाइड और परिवहन जैसे स्थानीय स्तर पर रोजगार देने वाले छोटे-बड़े कारोबारों में भी तेजी आने की उम्मीद जताई गई है।
मारवाड़ की लोक संस्कृति और आतिथ्य पर रहेगा खास जोर
इस पूरे आयोजन के दौरान मारवाड़ की पारंपरिक लोक संस्कृति, स्थानीय कला और पारंपरिक आतिथ्य को विशेष प्राथमिकता दी जाएगी। देश के कोने-कोने से आ रहे करीब 200 ट्रैवल एजेंटों के समक्ष मारवाड़ की सांस्कृतिक पहचान को बेहद जीवंत रूप में पेश किया जाएगा, जिससे यह पूरा इलाका देश के अन्य राज्यों के ट्रैवल नेटवर्क से सीधे तौर पर जुड़ सकेगा। इन प्रतिनिधियों को मारवाड़ और आसपास के प्रमुख दर्शनीय स्थलों, वहां उपलब्ध आधुनिक सुविधाओं, सुरक्षा व्यवस्था और नए पर्यटन अनुभवों की विस्तृत जानकारी दी जाएगी, ताकि वे अपने-अपने राज्यों के पर्यटकों को यहां आने के लिए प्रेरित कर सकें।
21 सितंबर की बैठक में नए संयुक्त टूर पैकेज पर होगा मंथन
जरा के अध्यक्ष जे एम बूब के अनुसार, आयोजन के दूसरे दिन यानी 21 सितंबर को होने वाली उच्चस्तरीय बैठक में राजस्थान के प्रमुख पर्यटन स्थलों को आधुनिक टूर पैकेज के रूप में वैश्विक स्तर पर पेश करने पर गहन विचार-विमर्श किया जाएगा। इस बैठक का मुख्य केंद्र मारवाड़ और जवाई के लेपर्ड सफारी क्षेत्र, जोधपुर की ऐतिहासिक हवेलियों व महलों, जैसलमेर के रेतीले धोरों और राज्य के अन्य प्रमुख डेस्टिनेशन को आपस में जोड़कर आकर्षक और सुविधाजनक सर्किट तैयार करना रहेगा। इसका अंतिम लक्ष्य ऐसा पर्यटन ढांचा विकसित करना है, जहां आने वाले मुसाफिरों को एक साथ राजस्थान की समृद्ध संस्कृति, इतिहास, वन्यजीव प्रकृति और रोमांचक गतिविधियों का संपूर्ण अनुभव मिल सके, जिससे राजस्थान एक बहुआयामी वैश्विक पर्यटन गंतव्य के रूप में और अधिक मजबूती से उभर सके।



















