हिमाचल प्रदेश के नालागढ़ उपमंडल में पड़ने वाले सैनी माजरा इलाके से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहाँ एक कारोबारी का शव बेहद रहस्यमयी परिस्थितियों में बरामद किया गया। मृतक की पहचान नालागढ़ के रहने वाले लगभग 45 वर्षीय गोल्डी के तौर पर की गई है। गोल्डी सैनी माजरा क्षेत्र में देसी और अंग्रेजी शराब के ठेके के ठीक बगल में अहाता संचालित करते थे। जिस संदिग्ध हालत में उनका शव बरामद हुआ है, उससे पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है और स्थानीय लोग तरह-तरह के कयास लगा रहे हैं।
घर लौटते समय रास्ते में मिला क्षतिग्रस्त वाहन और शव
घटनाक्रम के संबंध में सामने आए विवरण के मुताबिक, 17 सितंबर की रात गोल्डी रोजमर्रा की तरह अपना अहाता बंद करके नालागढ़ स्थित अपने घर की तरफ वापस लौट रहे थे। इसी सफर के दौरान सैनी माजरा के पास वह सड़क किनारे संदिग्ध हालत में बेसुध पड़े मिले, जहाँ उनकी जान जा चुकी थी। घटनास्थल पर उनकी मोटरसाइकिल भी बुरी तरह टूटी-फूटी अवस्था में मिली थी। शुरुआती पलों में मौके का मंजर देखकर ऐसा प्रतीत हो रहा था कि यह कोई भीषण सड़क दुर्घटना हो सकती है, जिसमें बाइक असंतुलित होकर टकरा गई हो।
सिर पर गहरे घाव के निशान और परिजनों का गंभीर आरोप
शुरुआती तौर पर सड़क हादसे का मामला दिखने के बावजूद, जब परिजनों ने शव को नजदीक से देखा तो उनके होश उड़ गए। परिवार वालों का कहना है कि गोल्डी के सिर और माथे पर काफी गहरे कटे हुए घाव मौजूद थे। परिजनों ने साफ तौर पर अंदेशा जाहिर किया है कि यह केवल कोई साधारण दुर्घटना नहीं है, बल्कि किसी ने धारदार हथियार से उनके सिर पर जानलेवा वार करके उनकी जान ली है। घटना की सच्चाई जानने के लिए परिजनों ने आसपास के रास्तों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग भी खंगाली, मगर वारदात के समय से जुड़ी कोई साफ फुटेज अब तक हाथ नहीं लग सकी है।
पुराने विवाद का जिक्र और निष्पक्ष जांच की गुहार
परिजनों ने मामले की पृष्ठभूमि साझा करते हुए बताया कि गोल्डी काफी लंबे समय से सैनी माजरा में अहाते का संचालन कर रहे थे। कुछ समय पहले उनका अहाते में ठेके पर काम करने वाले किसी शख्स के साथ किसी बात को लेकर आपसी विवाद भी हुआ था। उस समय दोनों पक्षों में बातचीत होने के बाद मामला शांत हो गया था और सुलह हो गई थी। हालांकि, अब इस संदिग्ध घटना के बाद परिवार का शक गहरा गया है और उन्होंने पुलिस प्रशासन से इस पुराने विवाद समेत हर संभावित पहलू की गहन पड़ताल करने की मांग उठाई है।
परिवार में छाया मातम, एम्स बिलासपुर में पोस्टमार्टम
गोल्डी अपने पीछे पत्नी, 19 साल का बेटा और 15 साल की बेटी छोड़ गए हैं। परिवार के मुखिया की अचानक संदिग्ध परिस्थितियों में मौत से पूरे घर पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। शोकाकुल परिजनों ने पुलिस से गुहार लगाई है कि यदि जांच के दौरान यह साबित होता है कि गोल्डी की हत्या की गई है, तो वारदात में शामिल सभी मुजरिमों को तुरंत बेनकाब कर उनके खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाए। मामले की संवेदनशीलता को ध्यान में रखते हुए पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम की प्रक्रिया के लिए एम्स बिलासपुर भेज दिया है, जहाँ 19 सितंबर को डॉक्टरों के बोर्ड द्वारा पोस्टमार्टम किया जाना तय हुआ है।
पुलिस का बयान और आगामी कार्रवाई
बद्दी के पुलिस अधीक्षक विनोद धीमान ने इस घटना के संदर्भ में बताया कि व्यक्ति का शव संदिग्ध परिस्थितियों के बीच बरामद हुआ है। परिजनों द्वारा हत्या का अंदेशा जताए जाने के बाद पुलिस पूरी सतर्कता बरत रही है। शव का पोस्टमार्टम एम्स बिलासपुर में विशेषज्ञ चिकित्सकों की देखरेख में करवाया जा रहा है। पोस्टमार्टम की विस्तृत रिपोर्ट सामने आने के बाद ही यह पूरी तरह साफ हो पाएगा कि यह महज एक सड़क दुर्घटना थी या फिर किसी ने आपराधिक साजिश के तहत वारदात को अंजाम दिया है। पुलिस ने इस संबंध में औपचारिक मामला दर्ज कर लिया है और फॉरेंसिक तथा मेडिकल साक्ष्यों के आधार पर तफ्तीश को आगे बढ़ाया जा रहा है।



















