मेवाड़ के प्रसिद्ध सांवलिया सेठ मंदिर में इस बार जलझूलनी एकादशी का पर्व बेहद खास और यादगार रहने वाला है। धार्मिक अनुष्ठानों और मेलों के इस पारंपरिक माहौल में संगीत का अनूठा रंग घोलने के लिए एक विशेष आयोजन तय किया गया है। आगामी 22 सितंबर को मंदिर परिसर के पास सुरों की एक भव्य शाम सजेगी, जिसमें देश के जाने-माने पार्श्व गायक और संगीतकार बी प्राक अपनी जादुई आवाज से उपस्थित दर्शकों को मंत्रमुग्ध करेंगे।
जलझूलनी एकादशी के पावन अवसर पर हर साल मेवाड़ और देश के अन्य हिस्सों से भारी संख्या में श्रद्धालु सांवलिया जी के दर्शन के लिए पहुंचते हैं। इस दौरान मंदिर प्रांगण में विशेष धार्मिक कार्यक्रमों के साथ एक विशाल मेले का भी आयोजन किया जाता है। इस बार इस धार्मिक और सांस्कृतिक मेले के आकर्षण को और अधिक बढ़ाने के उद्देश्य से एक लाइव म्यूजिक कॉन्सर्ट का प्रबंध किया गया है, जो श्रद्धालुओं के साथ-साथ संगीत प्रेमियों के लिए भी मुख्य केंद्र बिंदु बनेगा।
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, यह लाइव परफॉर्मेंस 22 सितंबर की रात को होगी। प्रसिद्ध गायक बी प्राक रात ठीक 9 बजे मंच संभालेंगे और अपनी लोकप्रिय प्रस्तुतियों से समां बांधेंगे। इस आयोजन के लिए स्थल का चयन सांवलिया जी हॉस्पिटल के पास किया गया है, जहां बड़ी संख्या में लोगों के जुटने की पूरी संभावना है। इतनी बड़ी भीड़ और आयोजन को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए स्थानीय स्तर पर तैयारियां तेजी से चल रही हैं ताकि मेले में आने वाले प्रत्येक आगंतुक को एक बेहतरीन और सुरक्षित अनुभव मिल सके।
अपनी विशिष्ट और दमदार आवाज के साथ-साथ दिल को छू लेने वाले भावुक गानों के लिए पहचाने जाने वाले बी प्राक युवाओं के बीच खासे लोकप्रिय हैं। उनके गाए हुए कई रोमांटिक और दर्द भरे गीत आज की पीढ़ी की जुबान पर रहते हैं। जब ऐसे लोकप्रिय कलाकार की आवाज सांवलिया सेठ के दरबार में गूंजेगी, तो वहां का आध्यात्मिक और संगीतमय वातावरण देखने लायक होगा।
जलझूलनी एकादशी के दिन सांवलिया जी में भक्तों का सैलाब उमड़ता है। दूर-दराज से आने वाले लोग भगवान सांवलिया सेठ के चरणों में हाजिरी लगाते हैं और विभिन्न धार्मिक आयोजनों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते हैं। इस पारंपरिक भीड़ में बी प्राक का यह लाइव कॉन्सर्ट एक नया और आधुनिक आकर्षण जोड़ेगा, जिससे उत्सव का उत्साह कई गुना बढ़ जाएगा।
इस भव्य आयोजन की सफलता के लिए आयोजकों ने सभी संगीत प्रेमियों और श्रद्धालुओं से कार्यक्रम में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने की अपील की है। यदि आप भी जलझूलनी एकादशी के इस पावन मौके पर सांवलिया सेठ के दर्शन के लिए जा रहे हैं, तो 22 सितंबर की यह सुरीली शाम आपके इस सफर को बेहद खास बना देगी।


















