घर के फ्रूट बास्केट में रखे केले अक्सर जरूरत से ज्यादा पक जाते हैं और फिर कोई उन्हें खाना पसंद नहीं करता. कई बार तो यह इतने गल जाते हैं कि इन्हें फेंकना ही पड़ता है. लेकिन इन्हीं ज्यादा पके केलों से घर पर बहुत कम सामग्री और बिना ज्यादा मेहनत के एक स्वादिष्ट मिठाई तैयार की जा सकती है. खास बात यह है कि केला जितना ज्यादा पका होता है, मिठाई का स्वाद उतना ही निखर कर आता है, यानी जिस चीज को लोग बेकार समझकर फेंक देते हैं, वही इस रेसिपी की सबसे बड़ी खूबी बन जाती है.
भीलवाड़ा शहर की रहने वाली मंजू देवी ने इस मिठाई को बनाने का पूरा तरीका बताया है.
केले को मैश करने से होती है शुरुआत
मंजू देवी के अनुसार सबसे पहला काम केले को अच्छी तरह छीलकर किसी बर्तन में डालना है. इसके बाद इन्हें चम्मच या हाथ से तब तक मैश किया जाता है जब तक इनका एकसार गाढ़ा पेस्ट न बन जाए. यहां एक बात का खास ध्यान रखना जरूरी है, केला जितना ज्यादा पका होगा, मिठाई का स्वाद भी उतना ही बेहतर निकलेगा. इसलिए हल्के कच्चे या कम पके केलों की बजाय पूरी तरह पके, मुलायम केले ही इस रेसिपी के लिए सही रहते हैं.
धीमी आंच पर पकाने का तरीका
मैश किए हुए केले तैयार होने के बाद एक कड़ाही ली जाती है, जिसमें थोड़ा सा घी डालकर उसे हल्का गर्म किया जाता है. घी गर्म होते ही इसमें मैश किया हुआ केला डाल दिया जाता है और धीमी आंच पर लगातार चलाते हुए पकाया जाता है. इस दौरान मिश्रण को बीच-बीच में नहीं बल्कि लगातार चलाते रहना जरूरी है, ताकि यह कड़ाही के तले में चिपके नहीं और जले भी नहीं. थोड़ी देर पकने के बाद केले का यह मिश्रण धीरे-धीरे गाढ़ा होने लगता है और इसकी बनावट बदलने लगती है.
मीठा और मेवे मिलाने का सही समय
मिश्रण जब गाढ़ा होना शुरू हो जाए तो इसमें स्वाद के हिसाब से चीनी मिलाई जा सकती है. अगर केले पहले से ही बहुत ज्यादा मीठे हैं तो चीनी की मात्रा जरूरत के हिसाब से कम रखी जा सकती है, ताकि मिठाई बहुत ज्यादा मीठी न लगे. इसके बाद मिठाई के स्वाद को और बढ़ाने के लिए इसमें इलायची पाउडर डाला जाता है. साथ ही कटे हुए काजू, बादाम या अपनी पसंद के दूसरे मेवे भी मिलाए जा सकते हैं. इन सभी चीजों को अच्छी तरह मिलाकर मिश्रण को कुछ देर और धीमी आंच पर पकाया जाता है. जैसे ही यह मिश्रण कड़ाही की सतह छोड़ने लगे और अच्छी तरह गाढ़ा हो जाए, समझ लेना चाहिए कि मिठाई तैयार हो चुकी है. इसी के साथ गैस बंद कर दी जाती है.
आकार देकर परोसने के आसान तरीके
कड़ाही से उतारने के बाद तैयार मिश्रण को हल्का ठंडा होने दिया जाता है. ठंडा होने के बाद इसे मनचाहा आकार दिया जा सकता है. इसे छोटे-छोटे पेड़ों की तरह हाथ से गोल आकार में भी बनाया जा सकता है, या फिर किसी थाली या प्लेट में समान रूप से फैलाकर ठंडा होने के लिए रख दिया जाता है और बाद में इसे चाकू से मनचाहे टुकड़ों में काट लिया जाता है. परोसने से पहले ऊपर से कुछ और मेवे डालकर इसे सजाया भी जा सकता है, जिससे यह देखने में भी आकर्षक लगती है.
यह मिठाई खासतौर पर उन लोगों के लिए फायदेमंद है जो घर पर कम समय में कुछ मीठा बनाना चाहते हैं. इसमें इस्तेमाल होने वाली सामग्री, जैसे घी, चीनी, इलायची पाउडर और मेवे, आमतौर पर हर घर की रसोई में पहले से ही मौजूद रहती है, इसलिए इसके लिए अलग से बाजार जाकर कुछ खरीदने की जरूरत नहीं पड़ती. इसे शाम की चाय के साथ परोसा जा सकता है या फिर खाने के बाद मीठे के तौर पर भी दिया जा सकता है. कम मेहनत और कम समय में तैयार होने वाली यह मिठाई एक तरफ जायके का पूरा ध्यान रखती है, तो दूसरी तरफ ज्यादा पक चुके केलों के सही इस्तेमाल का भी एक अच्छा जरिया बन जाती है, जिससे घर में खाना बर्बाद होने से भी बचता है.



















