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करौली में बीमारी से जूझते बेटे को देख टूटा परिवार, जहर पीने से तीन की जान गईराजस्थान
11 घंटे पहले· 2

करौली में बीमारी से जूझते बेटे को देख टूटा परिवार, जहर पीने से तीन की जान गई

राजस्थान के करौली जिले में बीमारी और तनाव से जूझ रहे एक परिवार के चार सदस्यों ने एक साथ जहर पी लिया, जिसमें माता-पिता और बड़े बेटे की मौत हो गई जबकि छोटा बेटा जयपुर के अस्पताल में गंभीर हालत में भर्ती है।

राजस्थान के करौली जिले से एक दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है, जहां सपोटरा उपखंड के बालौती गांव की बैरवा बस्ती में एक ही परिवार के चार सदस्यों ने एक साथ जहर पी लिया। इस हादसे में परिवार के माता-पिता और बड़े बेटे की जान चली गई, जबकि छोटा बेटा गंभीर हालत में जयपुर के एसएमएस अस्पताल में जिंदगी और मौत से जूझ रहा है।

सोमवार सुबह हुआ हादसा

यह घटना सोमवार सुबह करीब 10 बजे सामने आई। गांव वालों ने बताया कि यह परिवार लंबे समय से बीमारी और उससे जुड़ी परेशानियों का सामना कर रहा था। परिवार के छोटे बेटे की सेहत को लेकर घर में मायूसी और तनाव का माहौल था, और यही डिप्रेशन आखिरकार इतने बड़े कदम की वजह बना। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और पूरे मामले की जांच में जुट गई।

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चार लोगों ने एक साथ पी लिया जहर

बालौती गांव के रहने वाले 45 वर्षीय रामदयाल बैरवा, उनकी 40 वर्षीय पत्नी राजबाई, बड़े बेटे 25 वर्षीय लक्ष्मीनारायण और छोटे बेटे 23 वर्षीय विजयराज बैरवा ने एक साथ जहर पी लिया। तबीयत अचानक बिगड़ने पर आसपास रहने वाले पड़ोसियों ने चारों को तुरंत सपोटरा के अस्पताल पहुंचाया। हालत ज्यादा गंभीर होने पर डॉक्टरों ने उन्हें पहले गंगापुर सिटी के अस्पताल भेजा और वहां से आगे इलाज के लिए जयपुर रेफर करने का फैसला लिया गया।

गंगापुर सिटी से जयपुर की तरफ निकलते ही रास्ते में राजबाई और लक्ष्मीनारायण ने दम तोड़ दिया। दोनों के शव फिलहाल सपोटरा अस्पताल की मॉर्च्युरी में रखवाए गए हैं। वहीं पिता रामदयाल की मौत जयपुर पहुंचने से ठीक पहले हुई, इसलिए उनका शव जयपुर में ही रखवाया गया है।

छोटा बेटा अब भी जिंदगी के लिए लड़ रहा

परिवार में सबसे छोटे विजयराज का इलाज जयपुर के एसएमएस अस्पताल में चल रहा है। डॉक्टरों के मुताबिक उसकी हालत अभी भी नाजुक बनी हुई है और परिवार व गांव वाले उसकी सलामती की दुआ कर रहे हैं।

पुलिस की शुरुआती जांच में क्या निकला

पुलिस के मुताबिक शुरुआती जांच में सामने आया है कि परिवार का सबसे छोटा सदस्य विजयराज लंबे समय से किसी बीमारी से जूझ रहा था। उसी बीमारी को लेकर पूरा परिवार मानसिक रूप से टूट चुका था और गहरे तनाव में जी रहा था। पुलिस का कहना है कि यही मानसिक तनाव इस दर्दनाक कदम की वजह बना हो सकता है, हालांकि घटना के असली कारणों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।

पहले भी सामने आ चुके हैं ऐसे मामले

परिवार के सामूहिक रूप से जान देने का यह कोई अकेला मामला नहीं है। पिछले साल हरियाणा के पंचकूला में एक ही परिवार के सात सदस्यों ने सामूहिक रूप से जहर खाकर जान दे दी थी और सभी शव एक ही कार से बरामद हुए थे। देहरादून के इस परिवार पर भारी कर्ज था और आर्थिक तंगी से परेशान होकर परिवार ने यह कदम उठाया था।

सवाल-जवाब

यह घटना कहां हुई?
राजस्थान के करौली जिले के सपोटरा उपखंड स्थित बालौती गांव की बैरवा बस्ती में यह घटना हुई।
घटना कब सामने आई?
सोमवार सुबह करीब 10 बजे यह मामला सामने आया।
जहर पीने वाले परिवार के सदस्य कौन थे?
45 वर्षीय रामदयाल बैरवा, उनकी पत्नी 40 वर्षीय राजबाई, बड़े बेटे 25 वर्षीय लक्ष्मीनारायण और छोटे बेटे 23 वर्षीय विजयराज बैरवा ने जहर पिया था।
इस हादसे में किसकी मौत हुई?
रामदयाल, राजबाई और लक्ष्मीनारायण की मौत हो गई।
छोटे बेटे की हालत अभी कैसी है?
विजयराज जयपुर के एसएमएस अस्पताल में गंभीर हालत में भर्ती है और उसका इलाज जारी है।
परिवार ने यह कदम क्यों उठाया?
पुलिस के मुताबिक छोटे बेटे विजयराज की लंबी बीमारी को लेकर परिवार गहरे मानसिक तनाव और डिप्रेशन में था।
मृतकों के शव कहां रखे गए हैं?
राजबाई और लक्ष्मीनारायण के शव सपोटरा अस्पताल की मॉर्च्युरी में हैं, जबकि रामदयाल का शव जयपुर में रखवाया गया है।
क्या ऐसा मामला पहले भी हुआ है?
हां, पिछले साल हरियाणा के पंचकूला में एक परिवार के सात सदस्यों ने भी सामूहिक रूप से जहर खाकर जान दे दी थी।
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