पश्चिम मध्य रेल के कोटा मंडल में त्योहारी सीजन के दौरान ट्रेनों और रेलवे स्टेशनों पर उमड़ने वाली भारी भीड़ को नियंत्रित करने के लिए सुरक्षा व्यवस्था को पूरी तरह से आधुनिक बना दिया गया है। यात्रियों की यात्रा को सुरक्षित और सुविधाजनक बनाने की दिशा में रेलवे सुरक्षा बल यानी आरपीएफ ने तकनीक का इस्तेमाल बढ़ा दिया है। कोटा आरपीएफ ने अपनी सुरक्षा प्रणालियों को और अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से दो महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। इसके तहत मैदानी स्तर पर तैनात किए जाने वाले जवानों को कुल 100 बॉडी वॉर्न कैमरे और 60 अत्याधुनिक नेकबैंड माइक सौंपे गए हैं। इन तकनीकी उपकरणों के जरिए अब रेलवे स्टेशनों पर निगरानी रखने के साथ-साथ यात्रियों तक जरूरी सूचनाएं और सुरक्षा से जुड़े निर्देश भी तुरंत पहुंचाए जा सकेंगे, जिससे भीड़भाड़ के समय प्रबंधन में आसानी होगी।
बॉडी कैमरों से बढ़ेगी पारदर्शिता और जवाबदेही
सुरक्षाबलों को मुहैया कराए गए 100 बॉडी वॉर्न कैमरे रेलवे परिसर में पारदर्शिता बढ़ाने में बेहद मददगार साबित होंगे। ड्यूटी के दौरान आरपीएफ के जवान इन कैमरों को अपने शरीर पर पहनकर रखेंगे, जिससे उनके आसपास होने वाली हर गतिविधि और घटना रिकॉर्ड होती रहेगी। इसके माध्यम से रेलवे स्टेशनों और प्लेटफॉर्मों पर सुरक्षा से जुड़ी गतिविधियों की निगरानी रखना काफी आसान हो जाएगा। किसी भी तरह के विवाद, संदिग्ध हरकतों या आपातकालीन परिस्थितियों में मौके का पूरा डिजिटल रिकॉर्ड उपलब्ध रहेगा। इससे सुरक्षा ड्यूटी पर तैनात जवानों की जवाबदेही तो तय होगी ही, साथ ही आम यात्रियों की सुरक्षा व्यवस्था को भी एक मजबूत सुरक्षा कवच मिलेगा।
नेकबैंड माइक से मिलेगी त्वरित और सटीक सूचना
तकनीक के दूसरे चरण में आरपीएफ जवानों को 60 पोर्टेबल नेकबैंड माइक दिए गए हैं, जो एक प्रकार के पोर्टेबल पब्लिक अनाउंसमेंट सिस्टम की तरह काम करेंगे। भीड़भाड़ वाले प्लेटफॉर्मों और स्टेशन परिसरों में इन माइक्स की सहायता से जवान सीधे यात्रियों तक अपनी बात पहुंचा सकेंगे। इन उपकरणों का उपयोग ट्रेनों के आने और जाने की सूचना देने, प्लेटफॉर्म पर अत्यधिक भीड़ को नियंत्रित करने, किसी भी संदिग्ध वस्तु के प्रति लोगों को आगाह करने तथा आपातकाल में दिशा-निर्देश जारी करने के लिए किया जाएगा। इससे यात्रियों को बिल्कुल समय पर सटीक जानकारी मिल सकेगी और स्टेशनों पर अनावश्यक अफरा-तफरी या भगदड़ जैसी स्थितियों से प्रभावी ढंग से निपटा जा सकेगा।
460 सुरक्षाकर्मियों का अमला संभालेगा मोर्चा
आगामी त्योहारों के सीजन में कानून व्यवस्था और सुरक्षा को चुस्त-दुरस्त बनाए रखने के लिए कोटा मंडल में कुल 460 सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया गया है। इसमें आरपीएफ के 400 नियमित जवानों के साथ-साथ 60 होमगार्ड के जवान भी शामिल हैं। ये सभी कर्मी रेलवे स्टेशनों, मुख्य प्लेटफॉर्मों और यात्रियों की भारी आवाजाही वाले तमाम संवेदनशील स्थानों पर सुरक्षा और निगरानी का जिम्मा संभालेंगे। आधुनिक गैजेट्स से लैस इन सुरक्षाकर्मियों की तैनाती से रेलवे प्रशासन को भीड़ प्रबंधन में खासी मदद मिलेगी और असामाजिक तथा संदिग्ध गतिविधियों पर पैनी नजर रखी जा सकेगी।
यात्रियों को सुरक्षित माहौल देना मुख्य उद्देश्य
मंडल के वरिष्ठ वाणिज्य प्रबंधक सौरभ जैन ने इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि त्योहारी सीजन के दौरान यात्रियों की सुरक्षित और आरामदायक यात्रा सुनिश्चित करने के लिए आरपीएफ की ओर से बेहद व्यापक बंदोबस्त किए गए हैं। बॉडी वॉर्न कैमरों और पोर्टेबल पब्लिक अनाउंसमेंट सिस्टम यानी नेकबैंड माइक का उपयोग सुरक्षा तंत्र को अधिक धारदार बनाने की दिशा में एक अहम कदम है। रेलवे का मुख्य उद्देश्य आधुनिक तकनीकी उपकरणों और पर्याप्त बल की मौजूदगी से यात्रियों को पूरी तरह सुरक्षित माहौल मुहैया कराना है, ताकि पर्वों के इस दौर में जब स्टेशनों पर भारी भीड़ उमड़ती है, तब भी रेल यात्रा पूरी तरह सुगम और सुरक्षित बनी रहे।



















