मेड़ता कृषि उपज मंडी में इन दिनों विभिन्न कृषि जिंसों के बाजार भाव में लगातार फेरबदल देखने को मिल रहा है। किसानों और व्यापारियों की निगाहें मंडी में रोजाना तय होने वाले नए दामों पर टिकी हुई हैं, क्योंकि मांग और आवक के संतुलन के आधार पर फसलों के भाव ऊपर-नीचे हो रहे हैं। इस हलचल के बीच कुछ चुनिंदा फसलों में तेजी का रुख बना हुआ है, जबकि कुछ प्रमुख जिंसों के दाम नीचे आने से कारोबार की चाल में भी बदलाव आया है।
मंडी में इस दौरान सुवा के दाम 8,000 से 11,000 रुपए प्रति क्विंटल दर्ज किए गए, जबकि ग्वार का कारोबार 7,000 से 7,730 रुपए प्रति क्विंटल के दायरे में हुआ। इन दोनों प्रमुख जिंसों में तेजी का रुख रहने से इनके उत्पादकों को बेहतर कमाई की उम्मीद बंध गई है। हालांकि आने वाले दिनों में बाजार की चाल पूरी तरह से इस बात पर निर्भर करेगी कि मंडी में कुल आवक कितनी होती है और बाहर से मांग किस प्रकार की बनी रहती है।
दूसरी तरफ मूंग, चना और तारामीरा के मोर्चे पर किसानों को नरमी का सामना करना पड़ा है। मंडी परिसर में मूंग के दाम 7,600 से 8,500 रुपए प्रति क्विंटल के बीच रहे, वहीं चना 6,300 से 6,600 रुपए प्रति क्विंटल के भाव पर बिका। इसके अलावा तारामीरा की बिक्री भी 6,800 से 7,400 रुपए प्रति क्विंटल के स्तर पर दर्ज की गई। इन जिंसों में आई गिरावट के कारण कृषि उत्पादकों को अब बाजार के अगले रुख का इंतजार करना पड़ रहा है।
मंडी में अन्य प्रमुख मसालों और फसलों के कारोबार की बात करें तो सौंफ के भाव 8,000 से 12,500 रुपए प्रति क्विंटल के बीच बोले गए। जीरे का कारोबार 19,000 से 25,500 रुपए प्रति क्विंटल के भाव पर संपन्न हुआ, जबकि इसबगोल के दाम 12,000 से 16,500 रुपए प्रति क्विंटल दर्ज किए गए। इन सभी जिंसों में भाव का अंतर मुख्य रूप से उनकी गुणवत्ता, स्थानीय मांग और मंडी में आवक की मात्रा पर निर्भर कर रहा है।
इसके अलावा असालिया के दाम 6,500 से 7,800 रुपए प्रति क्विंटल के दायरे में रहे। रायड़े के भाव में क्वालिटी के आधार पर भिन्नता देखने को मिली, जिसमें 40 प्रतिशत फैट वाले रायड़े का कारोबार 8,300 से 8,500 रुपए प्रति क्विंटल के भाव पर दर्ज किया गया। मंडी में लगातार हो रहे इन बदलावों के बीच किसान अपनी उपज बेचने के सही समय और बाजार की चाल का आकलन करने में जुटे हुए हैं।





















