दीपावली के त्योहार पर इस बार मिठास के साथ-साथ महंगाई का भारी असर देखने को मिल रहा है। त्योहार के नजदीक आते ही देश भर में ड्राई फ्रूट्स की कीमतों में जबरदस्त उछाल दर्ज किया गया है, जिससे आम आदमी की जेब पर सीधा असर पड़ रहा है। सबसे ज्यादा मार पिस्ता की कीमतों पर पड़ी है, जिसके दाम आसमान छू रहे हैं। थोक बाजारों में पिस्ता लगभग 40 फीसदी तक महंगा बिक रहा है, जबकि खुदरा या रिटेल बाजारों में इसकी कीमतों में करीब 60 फीसदी तक की भारी बढ़ोतरी हो चुकी है। इसके अलावा बादाम के दाम भी 30 से 40 फीसदी तक ऊपर चले गए हैं। महंगे मेवों की इस बेतहाशा तेजी का असर अब सीधे तौर पर दीपावली के पारंपरिक गिफ्ट पैक और थालियों पर भी साफ दिखने लगा है, जहां दुकानदारों ने लागत नियंत्रित करने के लिए अपने पैक्स में बदलाव करना शुरू कर दिया है।
खारी बावली में कारोबारियों की बढ़ी चिंताएं
दिल्ली के प्रसिद्ध खारी बावली होलसेल मार्केट में आमतौर पर दीपावली से पहले खरीफ और त्योहारी सीजन की रौनक देखते ही बनती है। इस दौरान ड्राई फ्रूट्स की भारी मांग की उम्मीद हमेशा बनी रहती है, लेकिन इस बार आसमान छूती कीमतों ने यहां के कारोबारियों की नींद उड़ा दी है। पिछले साल के मुकाबले इस बार मेवों के दाम काफी ऊंचे स्तर पर पहुंच चुके हैं। थोक बाजार से लेकर रिटेल काउंटर तक ग्राहक खरीदारी से पहले अपने बजट का कड़ा हिसाब-लगाते नजर आ रहे हैं। कई ग्राहक मजबूरन पहले के मुकाबले काफी कम मात्रा में मेवे खरीद रहे हैं। कारोबारियों का कहना है कि साल के इस सबसे बड़े पीक सीजन में भी महंगाई की वजह से व्यापार की रफ्तार धीमी पड़ गई है। जिस समय बाजार में खरीदारों की भारी भीड़ होनी चाहिए, उस समय बढ़े हुए दाम कारोबार की गति पर एक बड़ा ब्रेक लगा रहे हैं।
सप्लाई चेन में रुकावट और देरी से चढ़े दाम
बाजार के जानकारों और कारोबारियों के मुताबिक, ईरान और अमेरिका के बीच जारी तनाव और युद्ध जैसी भू-राजनीतिक परिस्थितियों का सीधा असर ड्राई फ्रूट्स की ग्लोबल सप्लाई चेन पर पड़ रहा है। विदेशों से भारत आने वाली मेवों की खेप और शिपमेंट में लगातार देरी हो रही है। जिन शिपमेंट की डिलीवरी पहले समय पर आसानी से हो जाती थी, उनके भारतीय बंदरगाहों या बाजारों तक पहुंचने में अब करीब एक महीने तक की देरी हो रही है। माल की आवाजाही में इस तरह की देरी होने और आयात लागत बढ़ने से स्थानीय बाजारों में कीमतें तेजी से ऊपर चढ़ गई हैं। इसका असर थोक कारोबार से लेकर सीधे खुदरा बाजार तक साफ दिखाई दे रहा है। खासकर पिस्ता जैसे महंगे मेवों की सप्लाई बाधित होने और कीमतों में बेतहाशा तेजी आने से व्यापारियों और आम ग्राहकों दोनों की मुश्किलें काफी बढ़ गई हैं।
त्योहारी गिफ्ट थाली से गायब हुआ पिस्ता
महंगे मेवों की इस तेजी का सबसे अनोखा और बड़ा असर इस बार दीपावली के गिफ्ट पैक और थालियों पर दिखाई दे रहा है। हमारे समाज में त्योहारों के मौके पर रिश्तेदारों, दोस्तों और व्यावसायिक परिचितों को ड्राई फ्रूट्स की थाली या सुंदर गिफ्ट पैक भेंट करने की पुरानी परंपरा है। लेकिन इस बार गिफ्ट की थाली का पूरा स्वरूप ही बदलने लगा है। खारी बावली के रिटेल बाजार में दुकानदार अब अपने तैयार होने वाले गिफ्ट पैक्स से पिस्ता को पूरी तरह हटाते नजर आ रहे हैं। पिस्ता की कीमतों में करीब 60 फीसदी तक की भारी बढ़ोतरी के बाद तयशुदा बजट के भीतर पहले जैसे शानदार गिफ्ट पैक तैयार करना दुकानदारों के लिए लगभग असंभव हो गया है। ऐसे में व्यापारी या तो गिफ्ट थाली में महंगे मेवों की मात्रा बहुत कम कर रहे हैं या फिर उनकी जगह अन्य सस्ते विकल्पों को जगह दे रहे हैं। इसका मतलब साफ है कि इस बार दीपावली पर उपहार में मिलने वाली मेवे की थाली में पिस्ता नदारद रह सकता है या उसकी मौजूदगी बेहद सीमित हो जाएगी।
पीक सीजन में बिक्री घटने से व्यापारी परेशान
दीपावली का समय हमेशा से ड्राई फ्रूट्स के कारोबार के लिए साल का सबसे महत्वपूर्ण और व्यस्त सीजन माना जाता है। इस पूरे दौर में घरों के अंदर खुद के इस्तेमाल के साथ-साथ एक दूसरे को उपहार देने के लिए गिफ्ट पैक की मांग में भारी उछाल आता है। लेकिन इस बार बेतहाशा बढ़ती कीमतें और आयातित सप्लाई में आने वाली रुकावटें कारोबारियों के लिए बहुत बड़ी चुनौती बन चुकी हैं। थोक बाजारों में बढ़े दामों का सीधा असर रिटेल कीमतों और गिफ्ट पैक की लागत पर पड़ रहा है। एक तरफ जहां आम ग्राहक अपने खर्चों को सीमित रखने की पूरी कोशिश कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ दुकानदारों के सामने भी एक निश्चित बजट के भीतर ग्राहकों की पसंद के मुताबिक आकर्षक गिफ्ट पैक तैयार करने की बड़ी चुनौती आन पड़ी है।



















