अरावली की पहाड़ियों में बसा एकमात्र हिल स्टेशन माउंट आबू अपनी प्राकृतिक खूबसूरती और धार्मिक धरोहर के लिए देश भर में जाना जाता है। आम तौर पर पर्यटक यहां की प्रसिद्ध जगहों जैसे नक्की झील, गुरु शिखर और दिलवाड़ा जैन मंदिरों के दीदार करने पहुंचते हैं, जिसकी वजह से खासकर त्योहारों और छुट्टियों के सीजन में यहां पर्यटकों का भारी सैलाब उमड़ पड़ता है। यदि आप मुख्य पर्यटन स्थलों की इस भागदौड़ और भीड़भाड़ से दूर किसी शांत कोने में समय बिताना चाहते हैं, तो इस खूबसूरत पहाड़ी शहर में कई ऐसे छिपे हुए नगीने मौजूद हैं जो कुदरत के बेहद करीब होने का अहसास कराते हैं। इन जगहों पर पहुंचकर सैलानी पहाड़ों की गोद में सुकून के पल बिता सकते हैं और प्रकृति के एक अलग ही रूप से रूबरू हो सकते हैं।
टोड रॉक और परिक्रमा मार्ग का विहंगम नजारा
माउंट आबू की प्रसिद्ध नक्की झील के परिक्रमा मार्ग पर आगे बढ़ने पर एक ऐसी पहाड़ी आती है, जहां से पूरे शहर और झील का विहंगम स्काई व्यू दिखाई देता है। इस विशेष व्यू प्वाइंट तक पहुंचने के लिए पर्यटकों को लगभग 150 सीढ़ियां चढ़नी पड़ती हैं, जिस कारण यहां आम पर्यटकों की भारी भीड़ नहीं जुट पाती है और शांति बनी रहती है। इसी इलाके में स्थित टोड रॉक अपनी अनूठी और दिलचस्प बनावट के कारण खास आकर्षण का केंद्र रहती है, जिसकी चट्टानें पानी से बाहर झांकते हुए मेंढक की आकृति जैसी दिखाई देती हैं। साहसिक गतिविधियों के शौकीन सैलानी अक्सर इस चट्टानी इलाके में रॉक क्लाइंबिंग और रोमांचक ट्रेकिंग का आनंद लेने के लिए खिंचे चले आते हैं।
पालनपुर पॉइंट पर अरावली की प्राकृतिक ट्रेल
माउंट आबू का पालनपुर पॉइंट एक बेहद खूबसूरत नेचुरल ट्रेल के रूप में विकसित है, जो सैलानियों को प्रकृति के बीच समय बिताने का शानदार मौका देता है। सेंचुरी एरिया के बीच से गुजरने वाले इस मार्ग से अरावली पर्वतमाला की दूर-दूर तक फैली हुई प्राकृतिक छटा को बहुत करीब से निहारा जा सकता है। सुबह के वक्त जब मौसम पूरी तरह साफ होता है, तब आसपास की पहाड़ियों का मनोरम दृश्य देखने वालों का मन मोह लेता है। फोटोग्राफी के शौकीन, ट्रैकिंग करने वाले और पूरी तरह शांति की तलाश में रहने वाले सैलानी इस तरह के अनछुए व्यू पॉइंट पर सुकून भरे पल बिताना सबसे ज्यादा पसंद करते हैं।
बेली वॉक का शांत और हरा-भरा रास्ता
नक्की झील के परिक्रमा पथ से शुरू होकर सनसेट पॉइंट तक जाने वाला यह मार्ग माउंट आबू का एक बेहतरीन नेचुरल ट्रेल माना जाता है। यह पूरा ट्रैकिंग पाथ माउंट आबू सेंचुरी एरिया के भीतर से होकर गुजरता है और इसकी कुल लंबाई लगभग 2.5 किलोमीटर के आसपास है। जो सैलानी शहरी कोलाहल से दूर घने जंगलों और हरियाली के बीच पैदल घूमने का शौक रखते हैं, उनके लिए यह जगह किसी वरदान से कम नहीं है। इन शांत रास्तों पर चहलकदमी करते हुए अरावली की पहाड़ियों के एकांत माहौल को गहराई से महसूस किया जा सकता है और कुदरत के खूबसूरत नजारों को अपने कैमरे में कैद किया जा सकता है।
गौमुख पॉइंट की प्राचीन और धार्मिक धरोहर
माउंट आबू में धार्मिक आस्था और प्राकृतिक सुंदरता का अनूठा संगम गौमुख पॉइंट पर देखने को मिलता है, जो अपनी खासियतों के लिए जाना जाता है। अरावली की पहाड़ियों के आंचल में बने एक प्राचीन कुंड में संगमरमर से बनी गाय के मुख से निरंतर जलधारा बहती रहती है। इस पवित्र स्थल तक पहुंचने के लिए नीचे उतरते समय लगभग 750 सीढ़ियां पार करनी पड़ती हैं, जिसके कारण यहां सामान्य पर्यटकों का आना-जाना थोड़ा सीमित रहता है। हालांकि बुजुर्गों और छोटे बच्चों के साथ सफर करने वाले परिवारों को इस लंबी सीढ़ी यात्रा के दौरान अपनी सेहत को लेकर विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। इसी परिसर में प्राचीन वशिष्ठ ऋषि का ऐतिहासिक आश्रम और मंदिर भी स्थित है, जो इस जगह के धार्मिक महत्व को और अधिक बढ़ा देता है।
गोल्डन हॉर्न व्यू पॉइंट का रोमांचक सफर
माउंट आबू वाइल्ड लाइफ सेंचुरी के भीतर स्थित गोल्डन हॉर्न व्यू पॉइंट रोमांच और ट्रैकिंग प्रेमियों के बीच अपनी एक अलग पहचान रखता है। इस संरक्षित क्षेत्र में प्रवेश करने के लिए वन विभाग द्वारा निर्धारित शुल्क जमा करना अनिवार्य होता है और साथ ही सुरक्षा की दृष्टि से एक स्थानीय ट्रैकिंग गाइड को साथ रखना जरूरी होता है। गोल्डन हॉर्न के इस जंगली इलाके में पहुंचकर पहाड़ी पर बने डाइविंग बोर्ड नामक स्थान से पूरे क्षेत्र का बेहद सुंदर और विस्तृत नजारा साफ दिखाई देता है। रोमांचक अनुभवों की तलाश में रहने वाले पर्यटकों के लिए यह इलाका प्रकृति के बीच एक बेहतरीन और यादगार मुकाम साबित होता है।
















