झीलों के खूबसूरत शहर उदयपुर में आयोजित नगर निगम दीपावली मेले की सांस्कृतिक शाम संगीत के नाम रही। टाउन हॉल परिसर में तैयार सांस्कृतिक पांडाल में शुक्रवार को पार्श्वगायिका पलक मुच्छल की मधुर आवाज का जादू ऐसा चला कि लोग देर रात तक सुरों की महफिल में खोए रहे। शहर भर से उमड़े संगीत प्रेमियों ने तालियों और उत्साहभरी हूटिंग के साथ मशहूर गायिका का जोरदार स्वागत किया। कार्यक्रम के औपचारिक शुभारंभ से काफी पहले ही पूरा पांडाल श्रोताओं से खचाखच भर चुका था, जिससे कार्यक्रम स्थल पर जबरदस्त रौनक देखने को मिली।
मशहूर बॉलीवुड गीतों की रही धूम
मंच संभालते ही पलक मुच्छल ने अपनी प्रस्तुति की शुरुआत लोकप्रिय गीतों से की, जिस पर दर्शकों ने तालियां बजाकर भरपूर उत्साह जताया। उन्होंने अपने प्रशंसकों के लिए एक से बढ़कर एक चार्टबस्टर नगमे पेश किए। फिल्म एमएस धोनी का बेहद मशहूर गीत ‘कौन तुझे’ जब उन्होंने गाना शुरू किया, तो पूरा पांडाल उनके साथ गुनगुनाने लगा। इसके बाद उन्होंने ‘आशिकी-2’ के सदाबहार गीत ‘चाहूं मैं या ना’ और ‘मेरी आशिकी’ की प्रस्तुति दी। सुरों के इस सफर में ‘तेरे संग यारा’, ‘जुम्मे की रात’, ‘लापता’ और ‘प्रेम रतन धन पायो’ जैसे गीतों ने माहौल को बेहद खुशनुमा और जीवंत बना दिया। कई उत्साही युवा दर्शक इन धुनों पर झूमते रहे और अपने मोबाइल कैमरों में इन यादगार पलों को कैद करते नजर आए।
हर उम्र के दर्शकों की रही मौजूदगी
इस संगीतमय कार्यक्रम की खास बात यह रही कि इसमें केवल युवाओं की ही नहीं, बल्कि भारी संख्या में पहुंचे परिवारों की भी सक्रिय भागीदारी रही। नगर निगम मेला संयोजक प्रमोद सामर ने बताया कि पलक मुच्छल की प्रस्तुति को लेकर शहरवासियों में गजब का आकर्षण था। इसी भारी दिलचस्पी के कारण तय समय से काफी पहले ही पूरा परिसर दर्शकों से पैक हो गया। पुख्ता सुरक्षा प्रबंधों के बीच यह पूरी शाम शांतिपूर्ण और सुचारू तरीके से संपन्न हुई। गायिका ने अपने सादगी भरे अंदाज और सुरीली गायकी से दर्शकों को शुरुआत से लेकर समापन तक पूरी तरह बांधे रखा।
अंजन गुहा की प्रस्तुति और अगले दिन का कार्यक्रम
शुक्रवार की इस सांस्कृतिक संध्या की शुरुआती कड़ी में ‘इंडियन आइडल’ फेम अंजन गुहा ने मंच संभाला था। उन्होंने अपनी दमदार आवाज और खूबसूरत अंदाज से दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया, जिसके बाद मुख्य मंच पर पलक मुच्छल की सुरमयी नाइट ने समां बांधा। दीपावली मेले के चौथे दिन का सांस्कृतिक मंच अब उदयपुर की स्थानीय प्रतिभाओं को समर्पित रहेगा। नगर निगम की इस खास पहल के तहत शहर के उभरते गायक, नर्तक और अन्य क्षेत्रीय फनकार अपनी प्रस्तुतियों के जरिए अपना हुनर दिखाएंगे, जिससे स्थानीय कलाकारों को एक बड़ा मंच और नई पहचान मिल सकेगी।





















