राजस्थान के नागौर जिले में स्थित मूण्डवा कस्बे में स्थानीय जनप्रतिनिधियों के आवास को निशाना बनाए जाने की गंभीर घटना सामने आई है। कस्बे में भारतीय जनता पार्टी से जुड़े दो पार्षदों के घर पर कुछ असामाजिक तत्वों ने धावा बोल दिया। जानकारी के अनुसार, पार्षद रमाकांत शर्मा और पार्षद आशा शर्मा के आवास के बाहर अचानक पहुंचे कुछ उपद्रवियों ने पहले आपत्तिजनक व अनर्गल बयानबाजी शुरू कर दी। इसके बाद उपद्रवियों ने उनके मकान पर पत्थरों से हमला कर दिया। घर पर अचानक हुई इस पत्थरबाजी की आवाज सुनकर आसपास के रिहायशी क्षेत्र में भारी अफरा-तफरी मच गई और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग घटना स्थल की ओर दौड़ पड़े।
घटना के बाद मौके पर उमड़ी भीड़, कुचेरा से बुलाई गई अतिरिक्त पुलिस
हमले की इस वारदात के तुरंत बाद इलाके में गहरा आक्रोश फैल गया और देखते ही देखते पार्षदों के आवास के सामने लोगों का भारी जमावड़ा लग गया। हालात बिगड़ने की आशंका को देखते हुए तत्काल पुलिस प्रशासन को मामले की सूचना दी गई। सूचना मिलते ही मूण्डवा थाने की पुलिस टीम मौके पर पहुंची और बिगड़ती परिस्थितियों को संभालने की कोशिश की। आसपास के माहौल में बढ़ते तनाव को भांपते हुए उच्चाधिकारियों ने तुरंत सुरक्षा व्यवस्था कड़ी करने के निर्देश दिए। स्थिति को पूरी तरह नियंत्रण में रखने के लिए कुचेरा सहित आसपास के अन्य पुलिस थानों से भी अतिरिक्त पुलिस जाब्ता मूण्डवा तलब किया गया। मौके पर पहुंचे सुरक्षाकर्मियों ने सबसे पहले भीड़ को शांत कराया और कानून व्यवस्था की स्थिति का जायजा लिया।
डिप्टी कार्यालय के बाहर प्रदर्शन और आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग
जनप्रतिनिधियों के घर पर खुलेआम हुए इस हमले से स्थानीय नागरिकों और समर्थकों में जबरदस्त रोष देखने को मिला। गुस्साए लोगों ने मूण्डवा पुलिस उप अधीक्षक कार्यालय के बाहर पहुंचकर अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया। प्रदर्शनकारी धरने पर बैठकर नारेबाजी करने लगे और इस पूरे मामले में संलिप्त असामाजिक तत्वों के खिलाफ अविलंब व सख्त कानूनी कार्रवाई किए जाने की मांग पर अड़ गए। डिप्टी दफ्तर के बाहर चल रहे इस प्रदर्शन के दौरान पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी भी लगातार मौजूद रहे। अधिकारियों ने आंदोलनकारियों से बातचीत करते हुए उनसे कानून हाथ में न लेने और शांति व्यवस्था बनाए रखने की पुरजोर अपील की।
हमले के कारणों की जांच में जुटा प्रशासन, इलाके में कड़ी निगरानी
विवाद की मुख्य वजह घर के बाहर की गई अनर्गल बयानबाजी और उसके तुरंत बाद शुरू हुई पत्थरबाजी को माना जा रहा है, जिसने देखते ही देखते बड़ा रूप ले लिया। हालांकि यह हमला किस रंजिश या कारण से किया गया और इसमें कौन-कौन से चेहरे शामिल थे, इस संबंध में पुलिस गहन तफ्तीश कर रही है। जांच अधिकारी घटनास्थल के आसपास मौजूद चश्मदीदों से बयान ले रहे हैं और मामले से जुड़े सभी तकनीकी व भौतिक साक्ष्य जुटाने में लगे हैं। मूण्डवा कस्बे के संवेदनशील बिंदुओं पर पुलिस बल की लगातार तैनाती रखी गई है ताकि कोई नई अप्रिय घटना न घट सके। पुलिस अधिकारियों का स्पष्ट कहना है कि जांच पूरी होने और ठोस साक्ष्य सामने आने के बाद दोषियों पर कड़ी वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।


















