राजस्थान में दक्षिण-पश्चिमी मानसून अपने विदाई के दौर से गुजर रहा है। राज्य के अधिकांश क्षेत्रों से बादलों की विदाई की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है, जिसके चलते आने वाले दिनों में मौसमी गतिविधियों में बड़ा बदलाव देखा जा रहा है। मौसम केंद्र जयपुर द्वारा जारी ताजा आकलन के अनुसार, 23 सितंबर 2026 को पूरे प्रदेश में मौसम मुख्य रूप से शुष्क रहेगा। वर्षा का दौर थमने के साथ ही राज्य के पश्चिमी जिलों में तापमान में एक बार फिर इजाफा होने लगा है, जिससे आम लोगों को तेज धूप और उमस भरी तपिश का सामना करना पड़ रहा है।
कई जिलों से मानसून की रवानगी पूरी
मानसून की वापसी का दूसरा चरण राज्य में तेजी पकड़ चुका है। 22 सितंबर तक दर्ज किए गए आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, बीकानेर संभाग के सभी इलाकों से मानसून पूरी तरह रुखसत हो चुका है। इसके साथ ही शेखावाटी और मध्य राजस्थान के झुंझुनूं जिले समेत सीकर और नागौर के कई हिस्सों से भी मानसूनी हवाएं पीछे हट चुकी हैं। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि वायुमंडलीय परिस्थितियां पूरी तरह अनुकूल हैं, जिससे अगले 2 से 3 दिनों के भीतर राजस्थान के शेष बचे हिस्सों से भी मानसून की अंतिम रवानगी पूरी हो जाएगी।
23 सितंबर को प्रदेशभर में मौसम साफ
आगामी 23 सितंबर 2026 को राज्य के किसी भी हिस्से में वर्षा या तेज अंधड़ की आशंका नहीं है। उपग्रह से प्राप्त मौसम चित्रों और पूर्वानुमानों के आधार पर राज्य के किसी भी जिले के लिए वर्षा, आंधी या वज्रपात की कोई चेतावनी यानी नो वार्निंग जारी नहीं की गई है। पूरा प्रदेश पूरी तरह से साफ आसमान और खिली हुई धूप के प्रभाव में रहेगा।
पश्चिमी राजस्थान के जोधपुर और बीकानेर संभाग में आने वाले 6 से 7 दिनों तक किसी भी प्रकार की मौसमी हलचल नहीं होगी और मौसम लगातार शुष्क बना रहेगा। खुले आसमान के कारण यहाँ दिन के समय तेज धूप के साथ उमस और गर्मी का असर बरकरार रहेगा। वहीं पूर्वी राजस्थान के इलाकों में भी अगले 3 से 4 दिनों तक मौसम मुख्यतः साफ और सूखा रहेगा। हालांकि, वायुमंडल के स्थानीय बदलावों के असर से 26 सितंबर के आसपास कोटा और भरतपुर संभाग के कुछ सीमित स्थानों पर हल्की फुल्की फुहारें या छिटपुट बारिश देखने को मिल सकती है।
जैसलमेर में पारा 40 डिग्री के पार, रातें सुहावनी
वर्षा की गतिविधियों पर ब्रेक लगते ही थार के रेगिस्तानी क्षेत्रों में दिन के तापमान में तीखा उछाल आया है। जैसलमेर लगातार दूसरे दिन पूरे राज्य में सबसे गर्म स्थान दर्ज किया गया, जहाँ सोमवार को अधिकतम तापमान 40.5 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जो इस मौसम के सामान्य स्तर से काफी अधिक है। इसके अलावा सीमावर्ती बाड़मेर जिले में अधिकतम तापमान 39.5 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ। जोधपुर और बीकानेर संभाग के अधिकांश जिलों में दिन का तापमान लगातार 36 से 40 डिग्री सेल्सियस के बीच बना हुआ है।
दिन में झुलसाने वाली धूप के बावजूद रात्रिकालीन तापमान में राहत मिलने लगी है। राज्य में न्यूनतम तापमान की बात करें तो पर्वतीय पर्यटन स्थल माउंट आबू (सिरोही) में सबसे कम 18.7 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया। इसके चलते अलसुबह और देर रात के समय गुलाबी ठंडक का अहसास बना हुआ है, जिससे लोगों को सुकून मिल रहा है।
बीते 24 घंटों में केवल छिटपुट बारिश
पिछले 24 घंटों की अवधि में राजस्थान के अधिकांश जिलों में मौसम पूरी तरह से सूखा रहा। केवल दक्षिणी और दक्षिण-पूर्वी राजस्थान के कुछ सीमित जिलों जैसे सलूम्बर, उदयपुर, बांसवाड़ा और झालावाड़ में स्थानीय बादलों की वजह से बहुत हल्की बारिश दर्ज की गई। इन इलाकों में सर्वाधिक 10 मिलीमीटर वर्षा सलूम्बर जिले में मापी गई। राज्य के बाकी सभी संभागों में छिटपुट बादलों की मौजूदगी के बावजूद कहीं भी बारिश नहीं हुई।
आगामी दिनों का रुख और किसानों के लिए जरूरी सलाह
आने वाले 3 से 4 दिनों तक राजस्थान के किसी भी हिस्से में संगठित मानसूनी बारिश की कोई संभावना नहीं है। साफ आसमान और तेज धूप के कारण अधिकतम तापमान में 1 से 2 डिग्री सेल्सियस तक की और वृद्धि हो सकती है। कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को सलाह दी है कि मानसून की विदाई और यह लगातार शुष्क मौसम खरीफ की फसलों के पकने तथा उनकी कटाई के लिए पूरी तरह अनुकूल है। किसानों को चाहिए कि वे मौसम की इस अनुकूलता का लाभ उठाते हुए पकी हुई फसलों की कटाई, गहाई और उनके सुरक्षित भंडारण का कार्य बिना देरी किए आगे बढ़ाएं।






















