राजस्थान के झुंझुनूं शहर में दिनदहाड़े अंजाम दी गई सनसनीखेज डकैती और हत्या की वारदात में अदालत ने अपना अहम फैसला सुना दिया है. अपर सेशन कोर्ट संख्या 2 के पीठासीन अधिकारी कालूराम ने मामले की सुनवाई पूरी करते हुए पांच आरोपियों को दोषी करार दिया और उन्हें उम्रकैद की सजा सुनाई. वहीं मुकदमे के दौरान पर्याप्त साक्ष्य न मिलने के चलते अदालत ने एक आरोपी प्रमोद कुमार उर्फ धोलिया को बरी करने का आदेश जारी किया. यह पूरा मामला शहर के न्यू प्रकाश ज्वैलर्स में हथियारों के दम पर लूटपाट करने और शोरूम संचालक जतिन सोनी की गोली मारकर हत्या करने से जुड़ा हुआ था.
दोषियों पर जुर्माना और अदालत के महत्वपूर्ण निर्देश
अदालत ने दोषियों की सजा का ऐलान करते हुए उन पर भारी आर्थिक जुर्माना भी लगाया है. कोर्ट ने मामले में दोषी ठहराए गए दीपक पहल, योगेश कुमार और विनोद कुमार को उम्रकैद की सजा के साथ-साथ प्रत्येक पर 1 लाख 26 हजार रुपए का जुर्माना लगाया है. इसके अलावा अदालत ने दो अन्य दोषियों अंकित कुमार उर्फ मीठू और प्रताप सिंह को भी आजीवन कारावास की सजा सुनाई है, जिसके साथ इन दोनों दोषियों पर 1 लाख 32 हजार रुपए प्रति व्यक्ति का जुर्माना अदा करने का आदेश दिया गया है.
न्यायाधीश कालूराम ने अपने निर्णय में स्पष्ट किया कि सभी दोषियों को सुनाई गई अलग-अलग धाराओं की मूल सजाएं एक साथ चलेंगी. साथ ही अदालत ने यह भी निर्देश दिया कि जांच और विचारण के दौरान आरोपियों द्वारा पुलिस कस्टडी और न्यायिक अभिरक्षा में काटी गई अवधि को नियमानुसार उनकी कुल सजा की अवधि में समायोजित किया जाएगा.
दोपहर के समय हथियारों के साथ शोरूम पर बोला था धावा
यह वारदात 15 सितंबर 2019 की दोपहर को घटित हुई थी. दोपहर के करीब 2:37 बजे बाइक और सफेद रंग की बोलेरो गाड़ी में सवार होकर हथियारबंद बदमाश माननगर स्थित स्काईलाइन हॉस्पिटल के पास पहुंचे थे. यहां स्थित न्यू प्रकाश ज्वैलर्स पर बदमाशों ने अचानक धावा बोल दिया. उस समय दुकान के अंदर ज्वैलर संदीप सोनी के भाई बाईसराम उर्फ जतिन सोनी और उनका एक कर्मचारी नवीन काम संभाल रहे थे. शोरूम में घुसते ही बदमाशों ने दोनों पर पिस्तौल तान दी और जान से मारने की सीधी धमकी देते हुए सारा जेवर बैग में भरने को कहा.
डकैती के दौरान हमलावरों ने दहशत फैलाने के लिए जतिन सोनी के गले से सोने की चेन भी जबरन उतरवा ली थी. इसके साथ ही अपराध का कोई डिजिटल सबूत न बचे, इसलिए बदमाश दुकान के अंदर लगे सीसीटीवी कैमरों का डीवीआर भी खोजने में जुट गए थे.
बदमाश का छोड़ा हुआ पहचान पत्र बना जांच की अहम कड़ी
लूटपाट के दौरान वारदात में शामिल एक बदमाश ने बेहद बेखौफ अंदाज दिखाते हुए ज्वैलर को अपना पहचान पत्र थमा दिया था. उसने चुनौती भरे लहजे में कहा था कि अगर पुलिस या किसी में दम हो तो उसे पकड़कर दिखाए. बदमाश का यह अति-उत्साह और अहंकार ही बाद में जांच एजेंसियों के लिए सबसे बड़ा सुराग साबित हुआ, जिसके आधार पर पूरी जांच की दिशा तय की गई.
सड़क पर दौड़ाकर मारी थी गोली, एसएमएस अस्पताल में तोड़ा था दम
जिस समय हथियारबंद गिरोह तिजोरी और काउंटर से गहने समेटने में व्यस्त था, उसी समय जतिन सोनी ने सूझबूझ दिखाते हुए दुकान का शीशा खोला और जान बचाने के लिए बाहर की तरफ भागे. उन्हें भागता देख बदमाश भी पीछे लपके और भरी सड़क पर उन पर सीधे गोलियां चला दीं. गोली लगते ही जतिन लहूलुहान होकर सड़क पर गिर पड़े, जबकि अपराधी लाखों रुपए मूल्य के आभूषण अपने कब्जे में लेकर मौके से तेजी से फरार हो गए.
गोलीबारी में गंभीर रूप से घायल जतिन को तत्काल नजदीकी चिकित्सा केंद्र ले जाया गया, जहां से नाजुक हालत को देखते हुए उन्हें जयपुर स्थित सवाई मानसिंह अस्पताल में भर्ती कराया गया. करीब 25 दिनों तक चले लंबे और सघन इलाज के बाद आखिरकार 9 अक्टूबर 2019 को एसएमएस अस्पताल में जतिन सोनी ने दम तोड़ दिया था.
बीकानेर से दबोचा गया था मुख्य साजिशकर्ता
दिनदहाड़े हुए इस हत्याकांड और लूट के बाद मामले की गहन पड़ताल तत्कालीन कोतवाली थाना प्रभारी गोपाल सिंह ढाका और उनकी विशेष टीम को सौंपी गई थी. पुलिस टीम ने घटनास्थल पर मिले मुख्य आरोपी योगेश चारणवासी के आईडी कार्ड को अपनी तफ्तीश का मुख्य आधार बनाया. इसके जरिए पुलिस ने तकनीकी साक्ष्य जुटाए और राजस्थान के साथ-साथ गुजरात के कई संदिग्ध ठिकानों पर ताबड़तोड़ दबिश दी. करीब 5 महीने की लगातार घेराबंदी और पीछा करने के बाद पुलिस ने आखिरकार मुख्य आरोपी को बीकानेर से धर दबोचा था, जिसके बाद बाकी आरोपियों की कड़ियां जुड़ती चली गईं.



















