जैसलमेर जिले के पोकरण क्षेत्र के मंगोलाई गांव में हुई एक दुखद दुर्घटना ने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया है। यहां पानी की मोटर से जुड़े बिजली के तार की चपेट में आने से दो सगे भाई-बहन की असमय मौत हो गई। इस हादसे में जान गंवाने वाले बच्चों की पहचान 3 वर्षीय फारुख और 5 वर्षीय ईसराना के रूप में हुई है। घटना के बाद से पीड़ित परिवार में कोहराम मचा हुआ है और इस हृदयविदारक खबर ने पूरे गांव को गमगीन कर दिया है।
जानकारी के अनुसार दोनों बच्चे अपने ननिहाल गए हुए थे और वहीं घर के पास खेल रहे थे। खेलते-खेलते दोनों बच्चे अचानक पानी की मोटर के खुले या क्षतिग्रस्त तार के संपर्क में आ गए। तार में विद्युत प्रवाह होने के कारण दोनों को तेज झटका लगा और वे गंभीर रूप से झुलस गए। इस अचानक हुए हादसे से आसपास के लोगों में हड़कंप मच गया।
अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने घोषित किया मृत
बच्चों के करंट की चपेट में आने की जानकारी मिलते ही परिजन तुरंत उन्हें बचाने के लिए दौड़े। बिना किसी देरी के दोनों को नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, ताकि उनका समय पर इलाज किया जा सके। हालांकि अस्पताल पहुंचते ही चिकित्सकों ने दोनों बच्चों की जांच की और उन्हें मृत घोषित कर दिया। डॉक्टरों की तरफ से मौत की पुष्टि होते ही परिजनों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा और अस्पताल परिसर में रोना-पीटकर बुरा हाल हो गया।
परिवार में छाया मातम और गांव में शोक
महज 3 और 5 साल की कोमल उम्र में फारुख और ईसराना की इस तरह अचानक हुई मौत ने हर किसी का दिल झकझोर दिया है। बच्चों की वह उम्र जो केवल खेलकूद और बचपन की किलकारियों के लिए होती है, वह इस तरह असमर्थ हो गई। घर के सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल है और एक साथ दो मासूमों की अर्थी उठने के दर्द को सहन करना परिवार के लिए असंभव सा हो गया है। इस दुखद घटना की सूचना मिलते ही आसपास के ग्रामीण और रिश्तेदार भी शोकाकुल परिवार को ढांढस बंधाने और सांत्वना देने के लिए लगातार पहुंच रहे हैं।
बिजली के उपकरणों के पास सावधानी की जरूरत
मंगोलाई गांव की इस दर्दनाक घटना ने एक बार फिर आम नागरिकों को घरों और आसपास खुले में पड़े बिजली के तारों को लेकर गंभीर चेतावनी दी है। विशेष तौर पर पानी की मोटर, सबमर्सिबल पंप और उनसे जुड़े वायरिंग के पास अत्यधिक सतर्कता बरतने की आवश्यकता होती है, विशेषकर उन जगहों पर जहां छोटे बच्चों की आवाजाही रहती है। घरों में बिजली के खुले तारों को सुरक्षित करना, उनकी समय-समय पर मरम्मत करवाना और बच्चों को ऐसे उपकरणों से दूर रखना ही इस तरह के जानलेवा हादसों को टाल सकता है। फिलहाल इस त्रासदी के बाद से पूरा मंगोलाई गांव गहरे सदमे और शोक में डूबा हुआ है।















