श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के मौके पर राजस्थान के कोने-कोने में भारी उल्लास और उत्साह का माहौल नजर आ रहा है। राजधानी जयपुर से लेकर मेवाड़ और मारवाड़ के ऐतिहासिक धामों में आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा है। सुबह से ही मंदिरों में विशेष अनुष्ठान और दर्शनों के लिए श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लग गई हैं। सुरक्षा और सुगम दर्शन के लिए स्थानीय प्रशासन ने व्यापक बंदोबस्त किए हैं ताकि किसी भी तरह की असुविधा न हो।
जयपुर के गोविंददेवजी मंदिर में विशेष व्यवस्थाएं
शहर के आराध्य देव गोविंददेवजी मंदिर में जन्मोत्सव को लेकर खास तैयारियां की गई हैं। भारी जनसमूह को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने प्रवेश और निकास के कड़े नियम तय किए हैं। भक्तों को केवल जलेब चौक के रास्ते अंदर जाने की अनुमति मिल रही है, जहां भीड़ को नियंत्रित करने के लिए तीन अलग कतारें बनाई गई हैं। तय किए गए मार्ग के मुताबिक श्रद्धालुओं को मंदिर तक पहुंचने के लिए करीब 5 से 6 किलोमीटर तक पैदल सफर तय करना पड़ सकता है। दर्शन संपन्न होने के बाद लोगों की निकासी जय निवास बाग के रास्ते तय की गई है।
यातायात और सुरक्षा के कड़े निर्देश
प्रशासन ने श्रद्धालुओं के लिए कई जरूरी दिशा-निर्देश जारी किए हैं। मंदिर परिसर के भीतर जूते-चप्पल उतारने की कोई व्यवस्था नहीं है, इसलिए भक्तों से कम सामान लेकर आने की अपील की गई है। सुरक्षा के मद्देनजर चारदीवारी इलाके में सार्वजनिक परिवहन के वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित कर दिया गया है। वाहन चालकों के लिए रामनिवास बाग और चौगान स्टेडियम में पार्किंग बनाई गई है। पुलिस ने नागरिकों से निजी गाड़ियों की जगह मेट्रो सेवा का उपयोग करने का अनुरोध किया है। सुरक्षा व्यवस्था संभालने के लिए भारी संख्या में पुलिस बल तैनात है और लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की गई है।
चित्तौड़गढ़ के सांवलियाजी धाम में ड्रोन शो
प्रसिद्ध कृष्णधाम सांवलियाजी मंदिर में भी सांवरिया सेठ के जन्मोत्सव को लेकर उत्साह चरम पर है। यहां रात को ठीक 12 बजे विशेष महाआरती और पूजा-अर्चना के साथ भगवान का जन्मोत्सव मनाया जाएगा। इस आयोजन का सबसे बड़ा आकर्षण 1100 ड्रोन का भव्य शो होगा, जो आसमान में अनूठा नजारा पेश करेगा। इसके साथ ही विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों और आतिशबाजी का भी आयोजन किया जाएगा।
सिरोही के रामझरोखा मंदिर में अलौकिक श्रृंगार
सिरोही के प्राचीन रामझरोखा मंदिर में भी जन्माष्टमी का पर्व धूमधाम से मनाया जा रहा है। यहां अयोध्या से आए महाराज पंकज दास जी ने भगवान श्रीकृष्ण और बालाजी महाराज का बेहद मनमोहक श्रृंगार किया है। मंदिर परिसर में कई आकर्षक झांकियां सजाई गई हैं जहां सुबह से ही धार्मिक अनुष्ठानों का दौर जारी है।





















