अजमेर जिले में खाद्य सुरक्षा और साफ-सफाई के नियमों को ताक पर रखकर नमकीन तैयार करने का एक गंभीर मामला सामने आया है। खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण की एक टीम ने रूपनगढ़ क्षेत्र में स्थित सीजी फूड्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड की निर्माण इकाई पर औचक निरीक्षण किया। इस दौरान अधिकारियों को उत्पादन प्रक्रिया में भारी अनियमितताएं और गंभीर स्वास्थ्य जोखिम पैदा करने वाली लापरवाहियां देखने को मिलीं। जांच में पता चला कि कारखाने के भीतर फर्श पर गिरे और टूटे हुए नूडल्स को समेटकर दोबारा इस्तेमाल में लाया जा रहा था।
फर्श पर फैले नूडल्स से हो रहा था उत्पादन
अधिकारियों के अनुसार, निरीक्षण के दौरान जो तथ्य सामने आए वे हैरान करने वाले थे। कारखाने के फर्श पर बिखरे हुए और टूटे नूडल्स को इकट्ठा करके वापस उत्पादन लाइन में डाला जा रहा था। सबसे बड़ी चिंता की बात यह थी कि इस तरह दोबारा उठाए गए खाद्य सामग्री को किसी भी प्रकार के अनिवार्य हीट ट्रीटमेंट से गुजारे बिना ही सीधे भुजिया बनाने की प्रक्रिया में इस्तेमाल किया जा रहा था। खाद्य निर्माण इकाइयों के लिए यह नियम है कि वे साफ-सुथरे माहौल में काम करें और किसी भी स्थिति में जमीन पर गिरी सामग्री को खाद्य उत्पादों में शामिल न करें, क्योंकि इससे उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य को गंभीर नुकसान पहुंच सकता है।
बिना वैध मंजूरियों के चल रहा था नमकीन का काम
निरीक्षण के दौरान केवल स्वच्छता का ही उल्लंघन नहीं मिला, बल्कि प्रशासनिक मंजूरियों के स्तर पर भी बड़ी गड़बड़ियां पकड़ी गईं। अधिकारियों ने पाया कि इकाई के पास वेज भुजिया और अन्य प्रकार के नमकीन उत्पादों का उत्पादन करने के लिए आवश्यक और वैध अनुमतियां नहीं थीं। इसके बाद टीम ने कंपनी को कड़ी चेतावनी देते हुए बिना अनुमति के चल रहे ऐसे तमाम उत्पादों के निर्माण को तत्काल प्रभाव से रोकने के निर्देश जारी किए। इस पूरी कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य यही सुनिश्चित करना है कि आम जनता तक जो खाने-पीने की चीजें पहुंचें, वे पूरी तरह सुरक्षित हों और स्थापित मानकों पर खरी उतरें।
खाद्य कारोबारियों के लिए नियमों का कड़ा संदेश
खाद्य सुरक्षा विभाग के अधिकारियों का स्पष्ट कहना है कि किसी भी खाद्य निर्माण इकाई को कच्चे माल की खरीद से लेकर अंतिम उत्पाद की पैकिंग तक हर चरण में कड़े स्वच्छता मानकों का पालन करना अनिवार्य है। यदि प्रसंस्करण इकाई में साफ-सफाई और सही तरीकों को नजरअंदाज किया जाता है, तो यह सीधे तौर पर लोगों की सेहत से खिलवाड़ है। अजमेर की इस घटना के बाद से क्षेत्र की अन्य खाद्य इकाइयों में भी हड़कंप मच गया है और उत्पादन प्रणालियों पर सवाल उठने लगे हैं। विभाग ने स्पष्ट किया है कि खाद्य सुरक्षा नियमों की अनदेखी करने वाले संस्थानों के खिलाफ आगे भी इस तरह की सख्त जांच और दंडात्मक कार्रवाई का सिलसिला लगातार जारी रहेगा।


















