राजस्थान के किसानों के लिए प्याज की खेती से जुड़ी एक महत्वपूर्ण जानकारी सामने आई है। यदि आप भी खेती-किसानी से जुड़े हैं और अपनी फसल की पैदावार बढ़ाने के साथ बाजार में बेहतर दाम हासिल करना चाहते हैं, तो सबसे पहले बीज की सही किस्म का चयन करना बेहद जरूरी हो जाता है। जब भी बाजार में प्याज के दाम आसमान छूते हैं, तो आम आदमी की रसोई का बजट पूरी तरह गड़बड़ा जाता है। ऐसे में किसानों के लिए यह जरूरी हो जाता है कि वे ऐसी किस्मों की बुवाई करें जो गुणवत्ता में बेहतर हों और जिनका उत्पादन भी बंपर हो।
राजस्थान कृषि महाविद्यालय के विशेषज्ञों की सलाह
राजस्थान कृषि महाविद्यालय से जुड़े कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि प्याज की फसल लगाते समय खेत की बनावट, स्थानीय मौसम और क्षेत्र विशेष का विशेष ध्यान रखना चाहिए। खरीफ के मौसम में यदि किसान कुछ खास उन्नत किस्मों का चयन करते हैं, तो उन्हें उम्मीद से कहीं अधिक पैदावार मिल सकती है। विशेषज्ञों द्वारा सुझाई गई इन खास किस्मों में एन-53, एग्रीफाउंड डार्क रेड और भीमा सुपर के नाम शामिल हैं, जिन्हें किसानों के लिए काफी फायदेमंद माना गया है।
एन-53 और एग्रीफाउंड डार्क रेड की खासियत
एन-53 मुख्य रूप से खरीफ सीजन में उगाई जाने वाली एक प्रमुख किस्म है। अगर किसान भाई तय समय पर अपनी पौध तैयार करके उसकी रोपाई करें और समय पर सिंचाई तथा खादों का उचित प्रबंधन रखें, तो बंपर फसल मिलने की पूरी संभावना रहती है। देश के कई हिस्सों में इस किस्म की व्यावसायिक स्तर पर बड़े पैमाने पर खेती की जाती है। इसके अलावा, एग्रीफाउंड डार्क रेड अपने विशिष्ट गहरे लाल रंग के लिए बाजार में पहचानी जाती है। कृषि उपज में रंग, आकार और उसकी कुल गुणवत्ता का बहुत अधिक महत्व होता है, क्योंकि अच्छी क्वालिटी के प्याज की मांग बाजार में हमेशा बनी रहती है। किसान अपनी स्थानीय मिट्टी और जलवायु के अनुसार इसका चुनाव कर सकते हैं।
भीमा सुपर किस्म और पैदावार के पैमाने
इस सूची में तीसरी महत्वपूर्ण किस्म भीमा सुपर है। कृषि जानकारों के अनुसार यह किस्म भी खासतौर पर खरीफ के मौसम के लिए ही अनुशंसित की गई है। यदि फसल की शुरुआती अवस्था से ही सही देखभाल की जाए, तो किसान इससे बंपर पैदावार प्राप्त कर सकते हैं। हालांकि, किसी भी खेत से कुल कितनी पैदावार होगी, यह पूरी तरह से मिट्टी की उपजाऊ शक्ति, मौसम के मिजाज, पानी की उपलब्धता, खादों के इस्तेमाल और संपूर्ण फसल प्रबंधन पर निर्भर करता है।
बाजार भाव और किसानों की कमाई का गणित
बाजार में प्याज के दाम बढ़ने का सीधा और गहरा असर आम आदमी की जेब पर पड़ता है। प्याज के महंगे होते ही थाली के जायके से लेकर पूरे घर का बजट बिगड़ जाता है। लेकिन, दूसरी तरफ किसानों के लिए यही समय अपनी मेहनत का शानदार रिटर्न पाने का एक सुनहरा अवसर बन जाता है। यदि किसान वैज्ञानिक तरीकों से उच्च गुणवत्ता वाला प्याज तैयार करते हैं और उसे उचित समय पर सही बाजार में बेचते हैं, तो उनकी आमदनी में जबरदस्त बढ़ोतरी हो सकती है।


















