राजस्थान में तेज हुई प्री-मानसून गतिविधियां
राजस्थान इस समय सक्रिय प्री-मानसून गतिविधियों के दौर से गुजर रहा है, जिसका मुख्य कारण क्षेत्र में लगातार बन रहे नए मौसमी तंत्र हैं. भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, एक के बाद एक सक्रिय हो रहे इन मौसम प्रणालियों के चलते राज्य के विभिन्न हिस्सों में बादलों की आवाजाही और रुक-रुक कर बारिश का सिलसिला जारी है. गुरुवार को एक नया मौसमी तंत्र सक्रिय हुआ, जिसके प्रभाव से जयपुर, उदयपुर, चूरू, श्रीगंगानगर, अलवर और सीकर सहित कई जिलों में तेज हवाओं के साथ बारिश दर्ज की गई.
मौसम में आए इस ताजा बदलाव ने पूरे प्रदेश को भीषण गर्मी और उमस से राहत दिलाई है. लगातार बदल रहे मौसम के कारण दिन का अधिकतम तापमान भी अब 40 डिग्री सेल्सियस से नीचे चला गया है, जिससे लोगों को काफी सुकून मिला है.
उत्तरी राजस्थान में भारी बारिश और जलभराव
नवीनतम मौसमी तंत्र का सबसे ज्यादा असर उत्तरी राजस्थान के श्रीगंगानगर में देखने को मिला. यहां अचानक हुई तेज बारिश के कारण निचले इलाकों में तेजी से जलभराव हो गया. स्थिति यह रही कि बाजार की दुकानों के अंदर तक पानी घुस गया, जिससे स्थानीय निवासियों और व्यापारियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा. इसके अलावा, पिछले चौबीस घंटों के दौरान उदयपुर, चित्तौड़गढ़, प्रतापगढ़, करौली और इनके आसपास के क्षेत्रों में भी हल्की से मध्यम वर्षा दर्ज की गई है. बारिश के बाद वायुमंडल में नमी बढ़ने से कुछ समय के लिए उमस जरूर महसूस हुई, लेकिन बारिश की बूंदों ने समग्र मौसम को सुहाना बना दिया है.
IMD का 21 जून तक 29 जिलों के लिए अलर्ट
सक्रिय मौसमी सिस्टम को देखते हुए IMD ने आगामी तीन दिनों के लिए, यानी 21 जून तक, एक बड़ा अलर्ट जारी किया है. मौसम वैज्ञानिकों के अनुमान के मुताबिक, यह नया सिस्टम पूरे प्रदेश पर अपना असर बनाए रखेगा, जिससे राज्य के दक्षिणी और उत्तर-पूर्वी हिस्सों में तेज धूलभरी आंधी और मेघगर्जन के साथ बारिश होने की पूरी संभावना है. विभाग ने लगभग 29 जिलों में आंधी-तूफान को लेकर चेतावनी जारी की है. इस अवधि में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झंझावाती हवाएं चलने और कुछ जगहों पर वज्रपात होने की भी आशंका है, जिसके लिए आम जनता को सतर्क रहने की सलाह दी गई है.
25 जून के बाद राजस्थान में मानसून की संभावित एंट्री
IMD जयपुर केंद्र के अनुसार, राज्य में प्री-मानसून की ये गतिविधियां आने वाले दिनों में और भी तेज होंगी. मौसम विभाग का मानना है कि राजस्थान में 25 जून के बाद मानसून की आधिकारिक एंट्री हो सकती है, क्योंकि आगामी दिनों में मानसून के आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां पूरी तरह से अनुकूल बनी हुई हैं. अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से आने वाली नम हवाएं लगातार राज्य में आर्द्रता बढ़ा रही हैं, जिससे आने वाले समय में राज्य के बाकी हिस्सों में भी तापमान में भारी गिरावट आएगी और लोगों को गर्मी से पूरी तरह से निजात मिल जाएगी.
भीलवाड़ा और अजमेर संभाग में मौसम का हाल
भीलवाड़ा और अजमेर संभाग के जिलों में भी बादलों का डेरा लगातार बना हुआ है. भीलवाड़ा में तेज थंडरस्टॉर्म यानी मेघगर्जन के साथ धूलभरी हवाएं चलीं, जिससे वहां का अधिकतम तापमान सामान्य से 3.4 डिग्री गिरकर 36.8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया. भीलवाड़ा में सुबह की आर्द्रता 83 प्रतिशत दर्ज की गई, जो हवा में अत्यधिक नमी को दर्शाती है. दूसरी ओर, अजमेर में अधिकतम तापमान 37.8 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से लगभग 1 डिग्री कम है. अजमेर में सीधे तौर पर भारी वर्षा भले ही न हुई हो, लेकिन सुबह के समय 67 प्रतिशत और शाम को 42 प्रतिशत आर्द्रता होने के कारण लोगों को पसीने छुड़ाने वाली गर्मी का सामना करना पड़ रहा है.
येलो अलर्ट जारी और सुरक्षा सलाह
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने अगले दो दिनों के लिए राजस्थान के कई जिलों में आंधी-तूफान का येलो अलर्ट जारी रखा है. इस अलर्ट के मुताबिक, राज्य के पूर्वी और पश्चिमी हिस्सों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं और वज्रपात की भी आशंका है. मौसम विभाग ने आम लोगों को सलाह दी है कि खराब मौसम के दौरान वे पेड़ों या कमजोर इमारतों के नीचे शरण न लें. IMD के अनुसार, आने वाले दिनों में रुक-रुक कर होने वाली यह बारिश तापमान में और गिरावट ला सकती है, जिससे राज्य के लोगों को तेज गर्मी से निरंतर राहत मिलेगी.













