मूलांक 7 अंकज्योतिष राशिफल 20 सितंबर 2026: केतु का प्रभाव दूर करेगा मन का संशय, शांत बातचीत से संवरेंगे रिश्ते और कामवापसी से पहले सक्रिय हुआ मानसून, कई राज्यों में भारी बारिश और तेज हवाओं की चेतावनीजालोर के खेतों से 15 मुल्कों तक पहुंचा किनोवा, 3500 टन पहुंचा सालाना कारोबारगोभी की बंपर पैदावार चाहिए तो न करें ये गलतियां, जुताई से लेकर कटाई तक अपनाएं ये नियमवृश्चिक साप्ताहिक राशिफल 20 से 26 सितंबर 2026: राहु के प्रभाव में बजट और वाणी पर रखें नियंत्रण, करियर में मेहनत देगी फलसाप्ताहिक राशिफल 21 से 27 सितंबर: बुध के राशि परिवर्तन से किन जातकों को मिलेगा लाभ, पढ़ें मेष से मीन तक का संपूर्ण हालमूलांक 6 अंकज्योतिष 20 सितंबर 2026: परोपकार और सहयोग से खिलेगा मन, पर अपनी सीमा पहचानना भी है जरूरीजमशेदपुर की चाय वाली गली में सिर्फ 10 रुपये से शुरू होते हैं कुल्हड़ और चॉकलेट चाय के अनोखे स्वादचाणक्यपुरी के उत्तर प्रदेश भवन में लीजिए पारंपरिक भोजन का आनंद, सुबह के नाश्ते से रात के डिनर तक का पूरा मेन्यू और खर्चजयपुर ग्रामीण में रायथल-बासड़ी मार्ग का कायाकल्प शुरू, 5.25 करोड़ रुपये की लागत से बनेगी पक्की सड़क
राजस्थान निकाय चुनाव के बाद शीर्ष पदों पर घमासान, कई जिलों में प्रदर्शन और बाड़ेबंदी के बीच गरमाई सियासतराजस्थान
20 सित॰ 2026, 8:18 am (32 मिनट पहले)· 0

राजस्थान निकाय चुनाव के बाद शीर्ष पदों पर घमासान, कई जिलों में प्रदर्शन और बाड़ेबंदी के बीच गरमाई सियासत

राजस्थान के नगर निकायों में सभापति और महापौर पदों को लेकर खींचतान तेज हो गई है, जहां हनुमानगढ़ में प्रदर्शनकारियों पर केस दर्ज हुआ है, वहीं राजसमंद और जयपुर में नए समीकरण बन रहे हैं।

राजस्थान के नगर निकायों में पार्षदों के चुनावी नतीजे घोषित होने के तुरंत बाद अब बोर्ड गठन और शीर्ष पदों पर काबिज होने को लेकर सियासी दांवपेच चरम पर पहुंच गए हैं। विभिन्न जिलों में सभापति और महापौर की कुर्सी हासिल करने के लिए राजनीतिक दलों के भीतर और बाहर जबरदस्त खींचतान देखने को मिल रही है। हनुमानगढ़ से लेकर राजसमंद और राजधानी जयपुर तक राजनीतिक घटनाक्रम बेहद तेजी से बदला है, जिसमें सड़क जाम, पुलिसिया कार्रवाई, बाड़ेबंदी के आरोप और उम्मीदवारों की आधिकारिक घोषणाएं शामिल हैं।

हनुमानगढ़ में कलेक्ट्रेट घेराव और सड़क जाम के बाद पुलिसिया कार्रवाई

हनुमानगढ़ में नगर निकाय के सभापति पद को लेकर जारी खींचतान के बीच स्थिति तनावपूर्ण हो गई। स्थानीय विधायक के समर्थकों ने सरकार के कदमों के विरोध में जिला कलेक्ट्रेट का घेराव कर दिया और मुख्य मार्ग पर आवागमन पूरी तरह बाधित कर दिया। प्रदर्शन कर रहे लोगों का कहना था कि पार्षदों पर अनुचित दबाव बनाया जा रहा है और उन्हें मानसिक तौर पर प्रताड़ित किया जा रहा है। विरोध प्रदर्शन और चक्काजाम के बाद कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन हरकत में आया। जंक्शन थाना पुलिस ने इस मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए लगभग दो दर्जन लोगों के खिलाफ कानूनी मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस ने मौके से कुछ प्रदर्शनकारियों को अपनी हिरासत में भी लिया है, जिनसे थाने में निरंतर पूछताछ की जा रही है ताकि जाम लगाने और व्यवस्था बिगाड़ने के कारणों की विस्तृत जांच की जा सके।

ये भी पढ़ें

राजसमंद में बाड़ेबंदी के आरोपों पर कुमावत समाज का विरोध

राजसमंद नगर परिषद में बोर्ड गठन की कवायद के दौरान पार्षदों की कथित बाड़ेबंदी का विवाद पुलिस अधीक्षक कार्यालय तक जा पहुंचा। यहां कुमावत समाज के प्रतिनिधियों और नव-निर्वाचित पार्षदों के परिजनों ने एकत्रित होकर विरोध प्रदर्शन किया और पुलिस अधीक्षक कार्यालय में एक लिखित शिकायत सौंपी। प्रदर्शनकारियों ने यह गंभीर आरोप लगाया कि उनके समाज से ताल्लुक रखने वाले कुछ पार्षद पिछले दो दिनों से पूरी तरह लापता हैं और परिजनों का उनसे किसी भी प्रकार का संपर्क नहीं हो पा रहा है। समाज के लोगों ने मांग की कि परिजनों की उन पार्षदों से तुरंत प्रत्यक्ष मुलाकात कराई जाए। विरोध के दौरान मौजूद भीड़ के कुछ लोगों ने राजसमंद की विधायक दीप्ति माहेश्वरी के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की। इसके बाद अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक महेंद्र पारीक ने प्रदर्शनकारियों से वार्ता की और उन्हें पूरे मामले में निष्पक्ष व नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई का ठोस आश्वासन दिया। इसी गहमागहमी के बीच भारतीय जनता पार्टी के पार्षदों का एक साथ गीत गाते हुए वीडियो भी चर्चा का विषय बना हुआ है।

जातीय समीकरणों के बीच सभापति पद की दावेदारी और शक्ति प्रदर्शन

राजसमंद नगर परिषद के कुल 45 वार्डों में सामने आए चुनावी नतीजों ने राजनीतिक समीकरणों को बेहद दिलचस्प बना दिया है। इन नतीजों में भारतीय जनता पार्टी ने 27 वार्डों पर विजय हासिल की है, जबकि कांग्रेस के खाते में 14 वार्ड आए हैं और 4 वार्डों पर निर्दलीय पार्षदों ने बाजी मारी है। भारतीय जनता पार्टी के विजयी रहे 27 पार्षदों में से 9 पार्षद अकेले कुमावत समाज से चुनकर आए हैं। पार्षदों की इस बड़ी संख्या के आधार पर कुमावत समाज यह मांग कर रहा है कि सभापति की कुर्सी इसी समाज के किसी जनप्रतिनिधि को दी जानी चाहिए। हालांकि, भारतीय जनता पार्टी के संगठन ने सभापति पद के लिए अनीता पालीवाल का नाम आगे कर दिया है, जिसके चलते समाज में नाराजगी और गहरा गई। कथित बाड़ेबंदी और उपेक्षा के विरोध में समाज की बैठक आयोजित की गई और अंतिम फैसले के तहत शहर की सड़कों पर बाकायदा पैदल मार्च निकालकर शक्ति प्रदर्शन किया गया।

जयपुर नगर निगम में कांग्रेस ने महापौर प्रत्याशी का किया ऐलान

राजसमंद और हनुमानगढ़ की हलचलों के बीच राजधानी जयपुर में भी नगर निकाय चुनाव के बाद महापौर पद के लिए गतिविधियां पूरी तरह तेज हो गई हैं। कांग्रेस पार्टी ने अपने आंतरिक विचार-विमर्श के बाद महापौर पद के लिए स्थिति साफ करते हुए प्रत्याशी के नाम की आधिकारिक घोषणा कर दी है। कांग्रेस की तरफ से सुनीता महावर ने सिंबल फॉर्म भरकर अपनी उम्मीदवारी पेश की। इस मौके पर उनके समर्थन में अनेक निर्वाचित पार्षद भी मौजूद रहे, जिन्होंने मौके पर ही सुनीता महावर को अपना पूर्ण समर्थन देने की बात कही। इसके उपरांत जयपुर जिला कांग्रेस की संगठनात्मक टीम ने सुनीता महावर को पार्टी की ओर से महापौर पद का आधिकारिक प्रत्याशी घोषित कर दिया। निकाय में बोर्ड गठन की औपचारिक प्रक्रियाओं के बीच कांग्रेस की इस घोषणा और पार्षदों के जमावड़े को सियासी तौर पर बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

सवाल-जवाब

हनुमानगढ़ में पुलिस ने कितने लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है?
जंक्शन थाना पुलिस ने कलेक्ट्रेट घेराव और सड़क जाम करने के आरोप में लगभग दो दर्जन लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है और कुछ को हिरासत में लिया है।
राजसमंद नगर परिषद में कुल कितने वार्ड हैं और किस पार्टी को कितनी सीटें मिली हैं?
राजसमंद में कुल 45 वार्ड हैं, जिनमें भारतीय जनता पार्टी को 27, कांग्रेस को 14 और निर्दलीय प्रत्याशियों को 4 सीटों पर विजय प्राप्त हुई है।
राजसमंद में कुमावत समाज किस बात को लेकर विरोध कर रहा है?
कुमावत समाज के 9 पार्षद भाजपा से जीते हैं, इसलिए वे समाज से सभापति बनाने की मांग कर रहे हैं और पार्षदों की कथित बाड़ेबंदी का विरोध कर रहे हैं।
भाजपा ने राजसमंद नगर परिषद के सभापति पद के लिए किसका नाम आगे किया है?
भारतीय जनता पार्टी ने राजसमंद नगर परिषद के सभापति पद के लिए अनीता पालीवाल का नाम आगे किया है।
जयपुर में कांग्रेस ने महापौर पद के लिए किसे अपना उम्मीदवार बनाया है?
जयपुर में कांग्रेस ने सिंबल फॉर्म भरवाकर सुनीता महावर को महापौर पद के लिए अपना आधिकारिक उम्मीदवार घोषित किया है।
राजसमंद में परिजनों ने किस पुलिस अधिकारी से मिलकर शिकायत दी?
परिजनों ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय के बाहर प्रदर्शन कर लिखित शिकायत दी, जिसके बाद अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक महेंद्र पारीक ने उन्हें उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 2

Karan Malhotra@karan-malhotra·6 मिनट पहले

यह खबर दर्शाती है कि स्थानीय निकाय चुनावों के बाद कानून-व्यवस्था की स्थिति किस प्रकार बिगड़ सकती है। हनुमानगढ़ में चक्काजाम के बाद दर्ज मुकदमे और राजसमंद में पार्षदों के गायब होने व बाड़ेबंदी के आरोप सीधे तौर पर पुलिस और प्रशासन के लिए गंभीर चुनौती हैं। यदि प्रशासनिक स्तर पर तुरंत निष्पक्ष जांच नहीं हुई, तो राजनीतिक दलों की यह खींचतान और अधिक तनावपूर्ण हो सकती है।

Rohan Verma@rohan-verma·6 मिनट पहले

यह प्रशासनिक और खुफिया तंत्र की बड़ी नाकामी को उजागर करता है कि चुनाव परिणामों के तुरंत बाद ही बाड़ेबंदी और कलेक्ट्रेट घेराव जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई। यदि जिला प्रशासन ने समय रहते राजनीतिक दलों की गतिविधियों पर नजर रखी होती, तो हनुमानगढ़ में मुख्य मार्ग बाधित होने और राजसमंद में पार्षदों के गायब होने जैसे गंभीर विवादों से बचा जा सकता था। आने वाले दिनों में बोर्ड गठन की प्रक्रिया के दौरान यदि पुलिस ने निष्पक्षता नहीं बरती, तो यह स्थानीय गतिरोध और अधिक उग्र रूप ले सकता है, जिससे समूचे तंत्र की साख दांव पर लग जाएगी।

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR
Chamar no WhatsApp