राजस्थान के स्थानीय निकाय चुनावों के तहत आगामी 11 सितंबर को होने वाले दूसरे चरण के मतदान से पहले प्रशासनिक तैयारियां अपने अंतिम चरण में पहुंच चुकी हैं। चुनाव प्रचार का शोर थमने के बाद निर्वाचन विभाग, जिला प्रशासन और पुलिस बल पूरी तरह से सक्रिय हो गए हैं ताकि मतदान की प्रक्रिया पूरी तरह निष्पक्ष, सुरक्षित और शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न कराई जा सके। सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम सुनिश्चित करने के लिए पुलिस महकमे ने संवेदनशील इलाकों में लगातार मार्च निकालना शुरू कर दिया है।
जयपुर कमिश्नरेट क्षेत्र में सुरक्षा और गश्त कड़ी
राजधानी जयपुर में कानून व्यवस्था को पुख्ता बनाए रखने के वास्ते जयपुर कमिश्नरेट पुलिस ने विभिन्न संवेदनशील इलाकों में फ्लैग मार्च और पैदल गश्त का सिलसिला तेज कर दिया है। इसी कड़ी में जयपुर दक्षिण के अंतर्गत आने वाले मानसरोवर सर्कल क्षेत्र में पुलिस बल ने रूट मार्च निकालकर सुरक्षा व्यवस्था का बारीकी से जायजा लिया। इस दौरान पुलिस अधिकारियों ने स्थानीय हालात का जायजा लिया ताकि मतदान के दिन किसी भी प्रकार की अप्रिय स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटा जा सके और आम मतदाता बिना किसी डर के अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकें।
जयपुर शहर में मतदान और पोलिंग पार्टियों की रवानगी
जयपुर शहर के कुल 150 वार्डों में 11 सितंबर को सुबह 7 बजे से लेकर शाम 6 बजे तक मतदाता अपने प्रत्याशियों के भाग्य का फैसला करेंगे। मतदान प्रक्रिया को सुचारू रूप से चलाने के लिए सीकर रोड स्थित भवानी निकेतन कॉलेज ऑफ फार्मेसी को मुख्य केंद्र बनाया गया है, जहां से पोलिंग पार्टियों को दो अलग-अलग पारियों में मतदान केंद्रों के लिए रवाना किया जाएगा। कुल 2204 मतदान केंद्रों के लिए प्रशासनिक अमले ने अपनी कमर कस ली है।
बुधवार को तय शेड्यूल के मुताबिक पहली पारी के लिए निर्वाचन दलों को सुबह ठीक 7 बजे रिपोर्ट करने के निर्देश दिए गए थे। इस पहली खेप में विद्याधरनगर क्षेत्र के 298 मतदान दल, झोटवाड़ा के 243 दल, हवामहल के 241 दल, सांगानेर के 329 दल और बगरू विधानसभा क्षेत्र के 264 मतदान दल शामिल हैं जो अपने तय बूथों की तरफ कूच करेंगे। इसके बाद दूसरी पारी में किशनपोल के 176 दल, आदर्श नगर के 237 दल, मालवीय नगर के 192 दल और सिविल लाइंस क्षेत्र के पोलिंग दल चुनावी सामग्री के साथ रवाना किए जाएंगे।
पार्टी विरोधी गतिविधियों पर भारतीय जनता पार्टी का कड़ा रुख
दूसरी तरफ राजनीतिक मोर्चे पर सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी ने अनुशासन का डंडा चलाना शुरू कर दिया है। पार्टी लाइन के खिलाफ जाकर बगावत करने वालों और पार्टी विरोधी गतिविधियों में संलिप्त पाए जाने वाले नेताओं के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा रही है। अजमेर, ब्यावर और नागौर जिलों में पार्टी ने कड़ा रुख अपनाते हुए कुल सात बागी नेताओं को छह साल की लंबी अवधि के लिए पार्टी से निष्कासित कर दिया है।
अजमेर जिले में की गई इस सख्त कार्रवाई के दायरे में अरुण शर्मा, नीतू मिश्रा, सीमा गोस्वामी, रूबी जैन और धर्मेंद्र सिंह चौहान समेत कई अन्य स्थानीय पदाधिकारी व कार्यकर्ता आए हैं। यह तमाम अनुशासनात्मक कदम भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ के स्पष्ट निर्देशों और दिशानिर्देशों के आधार पर उठाए गए हैं ताकि संगठन के भीतर अनुशासन बना रहे।
चुनाव ड्यूटी में लापरवाही पर प्रशासनिक कार्रवाई और राहत
चुनावी प्रबंधों में किसी भी प्रकार की कोताही या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जा रही है। राजधानी जयपुर में चुनाव कार्य के दौरान डयूटी में गंभीर लापरवाही बरतने के दो अलग-अलग मामलों में दो कार्मिकों को चिह्नित किया गया है और उनके विरुद्ध 17 सीसीए के तहत औपचारिक चार्जशीट जारी कर दी गई है। इसके उलट, राजसमंद जिले के नाथद्वारा और आमेट क्षेत्रों में चुनाव संबंधी कार्यों में तैनात किए गए कार्मिकों के लिए राहत भरा फैसला लिया गया है, जिसके तहत 10 सितंबर के अवकाश को ऑन ड्यूटी यानी आधिकारिक कर्तव्यकाल के रूप में मान्य किया जाएगा।





















