राजस्थान के शेखावाटी क्षेत्र में स्थित प्रमुख धार्मिक केंद्रों की यात्रा करने वाले श्रद्धालुओं के सफर को सुगम बनाने के लिए रोडवेज प्रशासन ने एक महत्वपूर्ण पहल की है। सीकर डिपो की ओर से एक विशेष कनेक्टिंग बस सेवा का संचालन शुरू किया गया है, जो जीणमाता, खाटूश्यामजी और सालासर बालाजी जैसे सुप्रसिद्ध आस्था स्थलों को एक ही रूट पर आपस में जोड़ती है। अब तक इन तीर्थों के बीच अलग-अलग वाहनों को बदलने के झंझट से जूझने वाले श्रद्धालुओं को इस सीधी सेवा से बड़ी सहूलियत मिलेगी।
सीकर से रवाना होकर किन तीर्थ स्थलों को जोड़ेगा रूट
इस नई परिवहन सेवा का मार्ग इस तरह तैयार किया गया है कि श्रद्धालु एक ही फेरे में कई प्रमुख मंदिरों में शीश नवा सकें। सीकर से प्रस्थान करने के उपरांत यह बस डूकिया और जीणमाता होते हुए खाटूश्यामजी की ओर अग्रसर होगी। इस व्यवस्था का सीधा लाभ उन भक्तों को मिलेगा जो एक साथ माता जीण भवानी और बाबा श्याम के दरबार में हाजिरी लगाना चाहते हैं। खाटूश्यामजी में ठहराव के पश्चात यही बस आगे सालासर बालाजी धाम के लिए अपनी यात्रा जारी रखेगी, जिससे यात्रियों को बीच रास्ते में अन्य सवारी तलाशने की आवश्यकता नहीं रहेगी।
सुबह की समय सारिणी और प्रमुख पड़ावों पर पहुंचने का वक्त
रोडवेज की ओर से जारी आधिकारिक समय चक्र के अनुसार पहली बस सीकर बस स्टैंड से प्रातः 9.40 बजे प्रस्थान करती है। सीकर से चलकर यह गाड़ी लगभग 11.10 बजे जीणमाता व डूकिया मार्ग से गुजरते हुए खाटूश्यामजी पहुंचती है। इस प्रकार सीकर से निकलने वाले यात्री करीब डेढ़ घंटे की अवधि में खाटू नगरी पहुंच जाते हैं।
खाटू धाम में श्रद्धालुओं को दर्शन पूजन के लिए अल्पविराम का समय उपलब्ध रहता है। इसके पश्चात यही बस पूर्वाह्न 11.40 बजे अपने अगले पड़ाव के लिए रवाना होती है। आगे का सफर तय करते हुए यह दोपहर 2.50 बजे सालासर बालाजी पहुंचती है, जहां श्रद्धालु पवनपुत्र हनुमान जी के दर्शन कर सकते हैं।
दोपहर बाद वापसी का समय और रूट का ब्योरा
धार्मिक स्थलों के दर्शन उपरांत घर लौटने वाले मुसाफिरों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए वापसी का समय भी निर्धारित किया गया है। सालासर में विश्राम के बाद यह बस दोपहर 3.25 बजे वापसी के लिए रवाना होगी।
लौटते समय यह गाड़ी सीकर, मदनी और खाटू के रास्ते आगे बढ़ते हुए शाम करीब 7 बजे बाय पहुंचेगी। इस सुनियोजित वापसी समय से श्रद्धालुओं को शाम के वक्त निजी टैक्सियों या अलग-अलग लोकल बसों की निर्भरता से मुक्ति मिलेगी।
एक दिन में तीर्थ परिक्रमा करने वाले परिवारों को बड़ा लाभ
शेखावाटी के ये धार्मिक स्थल पूरे देश के श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र हैं, जहां वर्षभर भक्तों का भारी तांता लगा रहता है। विशेषकर छोटे बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों के साथ पारिवारिक यात्रा करने वालों के लिए बार-बार बस बदलना काफी असुविधाजनक और खर्चीला साबित होता था। इस संयुक्त बस सेवा से एकल दिन में त्रिवेणी दर्शन की योजना बनाने वाले श्रद्धालुओं का समय और धन दोनों बचेगा।





















