पश्चिमी राजस्थान के जैसलमेर जिले में स्थित प्रसिद्ध लोकतीर्थ बाबा रामदेवरा धाम की व्यवस्थाओं को आधुनिक स्वरूप देने के लिए केंद्र सरकार ने बड़ा वित्तीय आवंटन किया है. स्वदेश दर्शन योजना के अंतर्गत धाम परिसर और आसपास यात्री सहूलियतों को विस्तार देने के वास्ते 21.16 करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत किया गया है. इस निर्णय की सार्वजनिक जानकारी केंद्रीय पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने अपने सोशल मीडिया खाते पर साझा की. स्वीकृत की गई इस धनराशि का मुख्य उपयोग तीर्थ स्थल पर आधारभूत व्यवस्थाओं को सुदृढ़ करने और दर्शनार्थियों की यात्रा को सुगम बनाने के लिए किया जाएगा.
लाखों श्रद्धालुओं के आवागमन को ध्यान में रखकर तैयार होगी व्यवस्था
बाबा रामदेवजी की समाधि स्थली होने के कारण रामदेवरा में वर्षभर पूरे देश से दर्शनार्थी पहुंचते हैं. विशेष रूप से भादवा मेले के आयोजन के समय यहां देश के कोने-कोने से लाखों लोगों का जमावड़ा लगता है. विभिन्न राज्यों, जातियों और पृष्ठभूमि के लोग इस पावन स्थल पर अपनी श्रद्धा प्रकट करने आते हैं. इतने बड़े पैमाने पर होने वाले जनप्रवाह को देखते हुए रामदेवरा में नागरिक सुविधाओं, ठहराव, आवागमन और सुव्यवस्थित दर्शन व्यवस्था का विस्तार लंबे समय से अपेक्षित माना जा रहा था. इस वित्तीय मंजूरी से परिसर में बुनियादी ढांचे की उन सभी कमियों को दूर करने की तैयारी है, जिनका सामना आम श्रद्धालुओं को करना पड़ता था.
सामाजिक समरसता के प्रतीक केंद्र का संवर्धन
बाबा रामदेवजी का संदेश मूल रूप से सामाजिक समरसता, मानवीय समानता और भेदभावरहित समाज की स्थापना का रहा है. इसी कारण समाज के सभी वर्गों और समुदायों में इस धाम के प्रति गहरी और अटूट आस्था पाई जाती है. केंद्रीय पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने भी रेखांकित किया कि यह स्थल केवल एक धार्मिक केंद्र नहीं है, बल्कि समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर और लोकआस्था का अद्वितीय संगम है. सरकार का प्रयास है कि इस विरासत के मूल स्वरूप को सुरक्षित रखते हुए यहां आधुनिक दौर की पर्यटन आवश्यकताओं के अनुरूप ढांचा खड़ा किया जाए.
भादवा मेले के भारी दबाव से मिलेगी राहत
भादवा महीने में आयोजित होने वाले वार्षिक मेले के दौरान प्रशासनिक व्यवस्थाओं और स्थानीय संसाधनों पर अत्यधिक दबाव बन जाता है. सड़कों, विश्राम स्थलों, कतार प्रबंधन और स्वच्छता जैसी बुनियादी सेवाओं के अभाव में दर्शनार्थियों को असुविधाएं झेलनी पड़ती हैं. स्वदेश दर्शन योजना से प्राप्त होने वाले इस 21.16 करोड़ रुपये के कोष से ऐसे कार्य प्राथमिकता से कराए जाएंगे, जिससे चरम भीड़ के दिनों में भी तीर्थयात्रियों को किसी प्रकार की अव्यवस्था का सामना न करना पड़े. इस समग्र पुनरुद्धार से धार्मिक पर्यटन की गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार आने की उम्मीद है.
स्थानीय आजीविका और क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को सहारा
तीर्थ क्षेत्र के विकास को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस व्यापक दृष्टिकोण से जोड़कर देखा जा रहा है, जिसमें देश के प्रमुख विरासत स्थलों को सशक्त बनाकर स्थानीय समुदायों को सशक्त करने पर बल दिया जाता है. रामदेवरा पहुंचने वाले लाखों श्रद्धालु जैसलमेर और आसपास के इलाकों में परिवहन, धर्मशालाओं, होटलों, खानपान और हस्तशिल्प की दुकानों का उपयोग करते हैं. ऐसे में जब धाम पर सुविधाएं बेहतर होंगी और पर्यटकों का ठहराव अधिक सुगम बनेगा, तो इसका प्रत्यक्ष सकारात्मक प्रभाव स्थानीय दुकानदारों, चालकों और छोटे व्यवसायियों की आय पर पड़ेगा. बुनियादी ढांचे का यह उन्नयन पूरे इलाके के आर्थिक ताने-बाने को मजबूत आधार प्रदान करेगा.
फलोदी के बापिणी में मेहोजी मांगलिया धाम के लिए 16 करोड़ रुपये
केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने अपने संदेश में राजस्थान की लोकपरंपरा के एक अन्य महान स्तंभ का भी उल्लेख किया. वीरता, त्याग और गौसेवा के प्रतीक माने जाने वाले लोकदेवता मेहोजी मांगलिया के फलोदी जिले स्थित बापिणी मंदिर के कायाकल्प की भी रूपरेखा सामने आई है. ग्रामीण समाज में लोकदेवता और गौरक्षक के रूप में पूजे जाने वाले मेहोजी मांगलिया के मंदिर में भाद्रपद कृष्ण अष्टमी के अवसर पर विशाल मेला लगता है. इस लोकआस्था और सांस्कृतिक विरासत को सहेजने के उद्देश्य से स्वदेश दर्शन योजना के तहत बापिणी में 16 करोड़ रुपये की लागत से विकास कार्य कराए जाएंगे, ताकि इस गौरवशाली परंपरा को और अधिक व्यापक पहचान मिल सके.



















