राजस्थान के चूरू जिले में मानवता को झकझोर देने वाला मामला सामने आया है, जहां राजलदेसर इलाके में सड़क किनारे लावारिस हालत में छोड़ी गई एक नवजात बच्ची को सुरक्षित बरामद किया गया है। बच्ची को कीकरों यानी बबूल के पेड़ों और कचरे के ढेर के बीच छिपाकर फेंका गया था। स्थानीय राहगीरों ने जब नवजात के रोने की चीखें सुनीं, तब जाकर इस अमानवीय घटना की जानकारी सामने आई और समय रहते मासूम की जान बचाई जा सकी।
रोने की आवाज सुनकर मौके पर जुटे स्थानीय लोग
यह पूरी घटना राजलदेसर क्षेत्र के अंतर्गत भावनदेसर रोड पर स्थित वार्ड नंबर 26 और 27 के समीप घटित हुई। रास्ते से गुजर रहे लोगों का ध्यान अचानक झाड़ियों की तरफ से आ रही सिसकियों और रोने की आवाज पर गया। जब पास जाकर देखा गया, तो बबूल के कंटीले पेड़ों और गंदगी के ढेर में एक लावारिस बच्ची लाचार पड़ी थी। इस दृश्य को देखकर आसपास के तमाम लोग इकट्ठा हो गए और तुरंत स्थानीय पुलिस प्रशासन को मामले की सूचना दी गई।
अस्पताल में प्राथमिक उपचार और आगे की जांच
सूचना प्राप्त होते ही पुलिस दल ने घटनास्थल पर पहुंचकर स्थिति को संभाला और नवजात शिशु को तत्काल राजकीय अस्पताल पहुंचाया। चिकित्सीय जांच के दौरान बच्ची की स्थिति स्थिर पाई गई, हालांकि उसके कोमल शरीर पर खरोंच और मामूली चोटों के निशान मौजूद थे। डॉक्टरों ने बेहतर निगरानी और समुचित देखभाल सुनिश्चित करने के लिए उसे उच्च चिकित्सा केंद्र रेफर कर दिया। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस नवजात को झाड़ियों में कौन छोड़ गया था।





















