राष्ट्रीय मुक्त विद्यालयी शिक्षा संस्थान यानी एनआईओएस द्वारा आगामी अक्टूबर 2026 के दौरान आयोजित की जाने वाली माध्यमिक तथा उच्च माध्यमिक कक्षाओं की परीक्षाओं के लिए प्रशासनिक स्तर पर प्रशासनिक व शैक्षणिक तैयारियां आरंभ कर दी गई हैं। इस सिलसिले में नागौर तथा डीडवाना-कुचामन जिलों के अंतर्गत आने वाले कुल पांच प्रमुख क्षेत्रों में बारह सरकारी विद्यालयों को परीक्षा केंद्र के रूप में स्थापित करने की योजना बनाई गई है। संस्थान की तरफ से राजस्थान शिक्षा विभाग को इस बाबत परीक्षा केंद्रों से जुड़ा एक प्रस्ताव भेजा जा चुका है, जिसके उपरांत सरकारी विद्यालयों से आवेदन आमंत्रित करने की प्रक्रिया पर तेजी से काम किया जा रहा है ताकि समय रहते सभी बंदोबस्त पुख्ता किए जा सकें।
प्रशासनिक निर्देश और दिशा-निर्देश
माध्यमिक शिक्षा निदेशक के कार्यालय से गत चौबीस अगस्त को सभी संबंधित विभागीय अधिकारियों के नाम एक आधिकारिक निर्देश जारी किया गया था जिसमें एनआईओएस परीक्षाओं के वास्ते परीक्षा केंद्र तय करने से जुड़ी सभी औपचारिकताएं समयबद्ध तरीके से पूरी करने के आदेश दिए गए थे। इन निर्देशों के मिलने के तुरंत बाद शिक्षा विभाग ने चिन्हित विद्यालयों में आधारभूत सुविधाओं का ब्योरा जुटाने के साथ ही आवेदन प्रक्रिया की औपचारिक शुरुआत करने की दिशा में कदम बढ़ाए हैं। विभाग का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि आगामी अक्टूबर माह में आयोजित होने वाली इन परीक्षाओं के दौरान विद्यार्थियों को किसी भी तरह की असुविधा या बाधा का सामना न करना पड़े और संपूर्ण प्रक्रिया पूरी तरह सुचारु रूप से संपन्न हो सके।
क्षेत्रवार केंद्रों और परीक्षार्थियों का गणित
संस्थान द्वारा तैयार की गई लोकेशन सूची के अनुसार नागौर और डीडवाना-कुचामन अंचल के पांच चुनिंदा इलाकों को परीक्षा केंद्रों के लिए उपयुक्त माना गया है। इनमें डीडवाना में एक, कुचामन सिटी में दो, लूणवा में चार, मोलासर में एक तथा रियां क्षेत्र में चार परीक्षा केंद्र स्थापित किए जाने की आवश्यकता दर्शाई गई है। इन पांचों क्षेत्रों को मिलाकर कुल 3,089 परीक्षार्थी परीक्षा में हिस्सा लेंगे, जिनकी सुविधा को ध्यान में रखते हुए कुल बारह केंद्र बनाए जाने का प्रस्ताव है। विद्यार्थियों की कुल संख्या और क्षेत्र विशेष की भौगोलिक आवश्यकता को आधार बनाकर ही अंतिम तौर पर केंद्रों की रूपरेखा को अंतिम रूप दिया जा रहा है।
विद्यालयों की जांच और मानक प्रक्रिया
एनआईओएस द्वारा भेजी गई लोकेशन सूची में छात्रों की संख्या और केंद्रों की जरूरत का पूरा खाका मौजूद है, जिसके आधार पर अब शिक्षा विभाग मैदान स्तर पर कार्य कर रहा है। विभाग के अधिकारी प्रस्तावित सरकारी स्कूलों में पहले से मौजूद बुनियादी सुविधाओं, कमरों की उपलब्धता और अन्य तकनीकी मानकों की बारीकी से जांच-पड़ताल कर रहे हैं। इस प्रक्रिया के पूरा होने के बाद पात्र पाए गए विद्यालयों से आवेदन पत्र भरवाकर उनकी रिपोर्ट संस्थान को भेजी जाएगी। हालांकि यह स्पष्ट किया गया है कि किसी भी विद्यालय को केवल आवेदन कर देने मात्र से ही परीक्षा केंद्र के रूप में आवंटित किए जाने की कोई गारंटी नहीं मिलेगी, बल्कि चयन का आधार प्रशासनिक जरूरत और तय मानदंड ही होंगे।
तकनीकी और सुरक्षा से जुड़े कड़े मापदंड
परीक्षा केंद्रों के रूप में चुने जाने वाले सरकारी विद्यालयों के लिए कुछ तकनीकी और सुरक्षा से जुड़े कड़े नियम तय किए गए हैं, जिनका पालन करना अनिवार्य होगा। केंद्रों पर छात्रों की सुरक्षा और संपूर्ण परीक्षा प्रक्रिया पर पैनी नजर रखने के लिए परिसरों में सीसीटीवी कैमरों का होना बेहद जरूरी है। इसके अलावा संबंधित स्कूल भवनों में हाई-स्पीड इंटरनेट कनेक्शन, भारी क्षमता वाले प्रिंटर, फोटोकॉपी मशीनें और बिजली गुल होने की स्थिति से निपटने के लिए पर्याप्त पावर बैकअप का इंतजाम होना चाहिए। परीक्षा अवधि के दौरान सीसीटीवी कैमरों से रिकॉर्ड होने वाली तमाम फुटेज को पूरी सुरक्षा और सावधानी के साथ संभालकर सुरक्षित रखना होगा ताकि पारदर्शिता बनी रहे।
अंतिम चयन और प्रशासनिक तैयारियां
शिक्षा विभाग और एनआईओएस के आपसी समन्वय से चल रही इन तैयारियों का मुख्य उद्देश्य नागौर और डीडवाना-कुचामन के हजारों विद्यार्थियों को उनके स्थानीय क्षेत्र में ही परीक्षा देने की सुगम सुविधा उपलब्ध कराना है। जिन बारह केंद्रों की रूपरेखा तैयार की गई है, उनके लिए अब स्कूलों की भौतिक स्थिति और संसाधनों का अंतिम सत्यापन किया जा रहा है। आने वाले दिनों में सभी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद अक्टूबर माह की इन परीक्षाओं को पूरी पारदर्शिता, सुरक्षा और सुव्यवस्था के साथ संपन्न कराने के लिए विभाग अपनी तैयारियों को और अधिक पुख्ता करने में जुटा हुआ है ताकि छात्र बिना किसी तनाव के परीक्षा दे सकें।



















