राजस्थान में राजसमंद नगर परिषद के निकाय चुनाव 2026 की तैयारी के बीच स्थानीय निवासियों ने नागरिक सुविधाओं की खराब स्थिति पर अपनी आवाज मुखर कर दी है। नगर परिषद के बड़े क्षेत्रों में शामिल वार्ड नंबर 6 के अंतर्गत आने वाले धोइंदा इलाके के जावद गांव में स्थानीय लोगों ने बुनियादी ढांचे की खस्ताहाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। इस वार्ड में 1200 से ज्यादा मतदाता पंजीकृत हैं, लेकिन निवासियों का कहना है कि इतने बड़े क्षेत्र के बावजूद यहां मूलभूत नागरिक सुविधाएं संतोषजनक स्थिति में नहीं हैं। सड़कों की बदहाली से लेकर बच्चों के लिए खेल के मैदानों का अभाव इस क्षेत्र की दैनिक दिनचर्या को प्रभावित कर रहा है।
बदहाल सड़कों से रोजाना आवागमन में भारी परेशानी
वार्ड नंबर 6 में नागरिकों की सबसे प्रमुख समस्या खस्ताहाल और क्षतिग्रस्त सड़कें हैं। जावद गांव और आसपास के संपर्क मार्गों की हालत लंबे समय से खराब बनी हुई है। गड्ढों और उधड़ी हुई गिट्टियों के कारण रोजाना आवाजाही करने वाले राहगीरों, दुपहिया चालकों और वाहन मालिकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। बारिश के मौसम में इन सड़कों पर जलभराव और कीचड़ की वजह से स्थिति और अधिक विकट हो जाती है। निवासियों का कहना है कि सड़कों के रखरखाव और मरम्मत की ओर ध्यान नहीं दिया गया है। लोगों की मांग है कि नगर परिषद प्राथमिक स्तर पर पुरानी क्षतिग्रस्त सड़कों की तत्काल मरम्मत कराए और जहां अत्यंत आवश्यकता हो, वहां नई पक्की सड़कों का निर्माण कार्य शुरू किया जाए ताकि दैनिक यातायात सुगम हो सके।
युवाओं और बच्चों के लिए खेल सुविधाओं का अभाव
सड़क इंफ्रास्ट्रक्चर के अलावा वार्ड नंबर 6 में युवाओं और बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए आवश्यक खेल सुविधाओं की कमी का मुद्दा भी केंद्र में आ गया है। स्थानीय निवासियों के अनुसार क्षेत्र में एक भी व्यवस्थित खेल मैदान या स्पोर्ट्स परिसर उपलब्ध नहीं है। इसके चलते बच्चों और युवाओं को खेलकूद और शारीरिक गतिविधियों के लिए उचित स्थान नहीं मिल पाता। खेल के मैदान के अभाव में युवाओं को अपनी प्रतिभा निखारने या नियमित अभ्यास करने में बाधा आ रही है। ग्रामीणों और वार्डवासियों ने मांग की है कि आगामी विकास योजनाओं में जावद और धोइंदा क्षेत्र में एक सुसज्जित खेल मैदान विकसित किया जाए ताकि स्थानीय युवाओं को अपनी खेल गतिविधियों के लिए दूर न जाना पड़े।
विकास कार्यों के लिए फंड की कमी का नगर परिषद पर आरोप
क्षेत्रीय समस्याओं के समाधान में देरी के लिए वार्डवासियों ने सीधे तौर पर नगर परिषद की कार्यप्रणाली और बजट आवंटन को जिम्मेदार ठहराया है। निवासियों का आरोप है कि नगर परिषद द्वारा वार्ड नंबर 6 के विकास कार्यों के लिए पर्याप्त फंड जारी नहीं किया जा रहा है। बजट के अभाव के कारण सड़क निर्माण, गड्ढों की भराई और अन्य आवश्यक सार्वजनिक निर्माण कार्य लंबे समय से लटके पड़े हैं। नगर परिषद की ओर से फंड की कमी का हवाला दिए जाने से स्थानीय लोग असंतुष्ट हैं। उनका तर्क है कि 1200 से अधिक मतदाताओं वाले एक प्रमुख वार्ड की उपेक्षा नहीं की जानी चाहिए और निकाय प्रशासन को पारदर्शी तरीके से बुनियादी विकास के लिए पर्याप्त वित्तीय संसाधन आवंटित करने चाहिए।
आगामी निकाय चुनाव 2026 में जवाबदेही तय करेंगे मतदाता
राजसमंद में आगामी निकाय चुनाव 2026 को लेकर राजनीतिक सरगर्मी तेज होती जा रही है। ऐसे में वार्ड नंबर 6 के मतदाताओं ने यह साफ कर दिया है कि इस बार चुनाव में स्थानीय बुनियादी मुद्दे और नागरिक सुविधाएं ही निर्णायक भूमिका निभाएंगे। निवासियों का कहना है कि खराब सड़कों की मरम्मत, खेल के मैदानों का विकास और पर्याप्त बजट की व्यवस्था ही उम्मीदवारों के आकलन का मुख्य पैमाना बनेगी। चुनाव प्रचार के दौरान जो भी राजनीतिक दल या प्रत्याशी वोट मांगने आएंगे, उन्हें इन बुनियादी समस्याओं के समाधान की ठोस रूपरेखा पेश करनी होगी। वार्डवासियों का स्पष्ट रुख है कि वे केवल वादों पर नहीं, बल्कि धरातल पर काम करने वाले और स्थानीय समस्याओं का त्वरित समाधान निकालने वाले प्रतिनिधियों को ही अपना समर्थन देंगे।



















