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रामदेवरा मेले में अनूठी परंपरा, 20 मिनट के भीतर भक्तों ने पी ली 200 लीटर भांगराजस्थान
23 सित॰ 2026, 12:45 pm (5 घंटे पहले)· 0

रामदेवरा मेले में अनूठी परंपरा, 20 मिनट के भीतर भक्तों ने पी ली 200 लीटर भांग

राजस्थान के रामदेवरा मेले में 45वें अखिल भारतीय भांग स्नेह मिलन के दौरान श्रद्धालुओं ने महज 20 मिनट में 200 लीटर भांग का प्रसाद ग्रहण कर लिया।

राजस्थान के जैसलमेर जिले में स्थित प्रसिद्ध तीर्थ रामदेवरा में वार्षिक भादवा मेले की रौनक अपने चरम पर है। सामाजिक समरसता और भाईचारे के इस बड़े धार्मिक समागम में दशकों पुरानी परंपराएं आज भी पूरी आस्था के साथ निभाई जा रही हैं। इसी कड़ी में भला फाउंडेशन धर्मशाला के प्रांगण में 45वां ‘अखिल भारतीय भांग स्नेह मिलन’ आयोजित किया गया, जहां भारत के कोने-कोने से पहुंचे भक्तों ने महज 20 मिनट के भीतर 200 लीटर भांग का प्रसाद ग्रहण कर लिया। पांच दशक पूर्व सामाजिक मेलजोल और सद्भाव बढ़ाने के संकल्प के साथ शुरू हुई यह परंपरा अब हर साल मेले का एक बड़ा आकर्षण बन चुकी है।

मेवे और दूध के खास मिश्रण से तैयार हुआ 200 लीटर प्रसाद

मंगलवार को आयोजित इस सामूहिक मिलन समारोह में प्रसाद तैयार करने के लिए बड़े पैमाने पर सामग्री जुटाई गई थी। इस बार कुल 20 किलो भांग को विशेष विधि से घोंटकर तैयार किया गया। इस पेय को समृद्ध बनाने के लिए एक क्विंटल दूध के साथ 30 किलो सूखे मेवे मिलाए गए, जिसमें बादाम, पिस्ता, काजू, किशमिश और मिश्री शामिल रहे। इस पूरे मिश्रण को तैयार करने में वहां मौजूद सभी लोगों ने सामूहिक रूप से हाथ बंटाया। इसके बाद पूरे विधि-विधान से भगवान भोले बाबा को भोग अर्पित किया गया और फिर वहां उपस्थित श्रद्धालुओं के बीच इसे प्रसादी के रूप में वितरित किया गया।

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प्रतियोगिता का दौर बीता, अब केवल स्वैच्छिक प्रसाद

इस आयोजन से जुड़ा एक दिलचस्प पहलू यह भी है कि पहले यहां भांग पीने की औपचारिक प्रतियोगिता आयोजित की जाती थी। उस दौर में कुछ प्रतिभागी अकेले ही 10 से 12 लीटर तक भांग पी जाते थे। हालांकि समय बीतने के साथ आयोजकों ने प्रतिस्पर्धा की यह व्यवस्था पूरी तरह समाप्त कर दी। अब यहां कोई होड़ नहीं होती, बल्कि हर श्रद्धालु अपनी मर्जी और क्षमता के अनुसार जितना चाहे उतना प्रसाद ग्रहण कर सकता है। इस बार दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, बेंगलुरु, हैदराबाद, चेन्नई, बाड़मेर, जैसलमेर, बीकानेर और जोधपुर समेत कई शहरों से आए भक्तों ने जब यह पेय लेना शुरू किया तो उनका उत्साह देखने लायक था और देखते ही देखते सारा प्रसाद खत्म हो गया।

एक जाजम पर मिटते हैं सारे भेदभाव

आयोजन की देखरेख कर रहे संचालक हीरालाल हर्ष ने बताया कि इस कार्यक्रम का असली उद्देश्य समाज में आपसी प्रेम, स्नेह और भाईचारे की जड़ें मजबूत करना है। मेले में पहुंचने वाले तमाम श्रद्धालु एक ही जाजम पर बैठते हैं और पारिवारिक रिश्तों जैसी आत्मीयता साझा करते हैं। ऊंच-नीच, जाति-पात और आपसी मनमुटाव को पीछे छोड़कर सभी लोग एक स्वर में बाबा के जयकारे लगाते हैं। इस मेले की शुरुआत बीते 13 सितंबर को भादवा सुदी दूज से हुई थी और यह 26 सितंबर तक जारी रहेगा। इस धार्मिक मेले में अब तक करीब 50 से 60 लाख श्रद्धालु बाबा के दर्शन कर चुके हैं।

सवाल-जवाब

रामदेवरा में 45वां अखिल भारतीय भांग स्नेह मिलन कहां आयोजित किया गया?
यह आयोजन राजस्थान के जैसलमेर जिले के रामदेवरा स्थित भला फाउंडेशन धर्मशाला में किया गया।
इस आयोजन में 200 लीटर भांग तैयार करने के लिए क्या-क्या सामग्री उपयोग की गई?
इसमें 20 किलो भांग, एक क्विंटल दूध, 30 किलो सूखे मेवे (काजू, बादाम, पिस्ता, किशमिश) और मिश्री का उपयोग किया गया।
क्या अब भी इस मिलन समारोह में भांग पीने की प्रतियोगिता होती है?
नहीं, पहले होने वाली प्रतियोगिता को अब बंद कर दिया गया है और अब श्रद्धालु अपनी इच्छा अनुसार प्रसाद ग्रहण करते हैं।
रामदेवरा मेला कब शुरू हुआ था और यह कब तक चलेगा?
यह मेला 13 सितंबर को भादवा सुदी दूज से शुरू हुआ था और 26 सितंबर तक चलेगा।
इस मेले में अब तक कितने श्रद्धालुओं ने दर्शन किए हैं?
मेले की इस अवधि में अब तक लगभग 50 से 60 लाख श्रद्धालु बाबा के दर्शन कर चुके हैं।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 2

Rohan Verma@rohan-verma·4 घंटे पहले

सिर्फ बीस मिनट में दो सौ लीटर! भाई साहब, राजस्थान के मेलों की रौनक ही अलग है। बिना किसी प्रतियोगिता के सब मिलकर इसे पी गए, यही असली अपनापन है।

Karan Malhotra@karan-malhotra·4 घंटे पहले

रोहन भाई, बीस मिनट में दो सौ लीटर खत्म होना थोड़ा हजम नहीं हुआ। इतनी भारी मात्रा इतनी जल्दी पीने पर लोग होश में कैसे रहे होंगे?

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