अरावली की प्राचीन पहाड़ियों और विशाल ग्रेनाइट चट्टानों के बीच स्थित यह खास ठिकाना दुनिया भर के पर्यटकों को आकर्षित करता है। यह जगह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिष्ठित 'द वर्ल्ड्स 50 बेस्ट रिसॉर्ट्स' की सूची में जगह बनाने वाला भारत का इकलौता रिसॉर्ट होने का गौरव रखती है। यहां आने वाले मेहमानों को जंगल के रोमांच के साथ सात-सितारा स्तर की आधुनिक सुविधाएं मिलती हैं, जो इसे अन्य जगहों से बिल्कुल अलग बनाती हैं।
इस रिसॉर्ट की एक बड़ी खासियत यहां की स्थानीय परंपरा और आतिथ्य है। यहां का पूरा स्टाफ राजस्थानी संस्कृति में रंगा हुआ है और मेहमानों का स्वागत पारम्परिक अंदाज में किया जाता है। अधिकांश कर्मचारी आसपास के गांवों और राबारी चरवाहा समुदाय से ताल्लुक रखते हैं। इन लोगों को इस पूरे इलाके, जंगलों और वहां रहने वाले वन्यजीवों की गहरी समझ है, जो पर्यटकों के अनुभव को और भी बेहतर बनाती है।
प्रकृति की गोद में होने और पुख्ता गोपनीयता मिलने के कारण यह स्थान बॉलीवुड और खेल जगत की नामचीन हस्तियों का पसंदीदा ठिकाना बन चुका है। यहां कई मशहूर सितारे अपनी छुट्टियों का आनंद लेने आ चुके हैं। इसके अलावा देश-विदेश के जाने-माने उद्योगपति और वन्यजीव प्रेमी भी इस शांत और खूबसूरत माहौल में समय बिताना पसंद करते हैं। वीआईपी मेहमानों के लिए यहां की सुरक्षा और खास सेवा इसे खास बनाती है.
यहां ठहरने का पूरा तौर-तरीका आम होटलों से पूरी तरह जुदा है। मेहमानों को पक्के कमरों के बजाय आधुनिक सुविधाओं से लैस शानदार कैनवास टेंट में ठहराया जाता है। सुबह की चाय के साथ प्राकृतिक नजारों का लुत्फ उठाने से लेकर रात को तारों की छांव में विशेष भोजन का आनंद लेने तक, यहां हर चीज का खास ध्यान रखा जाता है। इसके अलावा प्रशिक्षित गाइड की देखरेख में कराई जाने वाली लेपर्ड सफारी यहां का मुख्य आकर्षण है, जहां इंसान और वन्यजीवों का आपसी तालमेल देखने को मिलता है।
इस खूबसूरत जगह तक पहुंचना भी काफी आसान है। यहां का सबसे नजदीकी प्रमुख शहर सुमेरपुर है, जो पाली जिले में आता है और यहां से इसकी दूरी करीब 25 से 30 किलोमीटर है। सड़क मार्ग काफी अच्छा होने के कारण पर्यटक अपनी गाड़ी या टैक्सी से आसानी से पहुंच सकते हैं। जो लोग ट्रेन से यात्रा करना चाहते हैं, उनके लिए जवाई बांध और फालना रेलवे स्टेशन सबसे पास हैं, जहां से लगभग 40 से 50 मिनट की दूरी तय करके रिसॉर्ट पहुंचा जा सकता है।
शाम ढलते ही इस कंजर्वेशन इलाके का नजारा बेहद जादुई हो जाता है। खुले आसमान के नीचे जगमगाते दीयों और पेड़ों पर लटकी लालटेन की रोशनी इस पूरे परिवेश को किसी परी कथा जैसा बना देती है। पर्यावरण संरक्षण और आधुनिक ऐशो-आराम का ऐसा अनूठा संगम शायद ही कहीं और देखने को मिले, जो हर यात्री के मन में एक गहरी छाप छोड़ जाता है।


















