हिमाचल प्रदेश के सोलन शहर के पीजी कॉलेज परिसर से एक गंभीर मामला सामने आया है, जहां लाइब्रेरी कार्ड बनवाने पहुंची प्रथम वर्ष की एक छात्रा के साथ कथित तौर पर दुर्व्यवहार किया गया और आपत्तिजनक टिप्पणियां की गईं। इस घटना ने शिक्षण संस्थानों में छात्रों के मान-सम्मान और उनके साथ होने वाले बर्ताव को लेकर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। पीड़ित छात्रा ने इस पूरे घटनाक्रम की लिखित शिकायत कॉलेज प्रशासन को सौंपी है, जिसके बाद प्रशासनिक स्तर पर त्वरित कदम उठाते हुए संबंधित कर्मचारी को नोटिस जारी किया गया है। हालांकि, इन تمام आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि होना अभी बाकी है।
लाइब्रेरी कार्ड बनवाने के दौरान हुआ विवाद
शिकायत दर्ज कराने वाली प्रथम वर्ष की छात्रा सोनम पालमो ने पूरी घटना के बारे में विस्तार से जानकारी दी है। उनका कहना है कि वह कॉलेज की लाइब्रेरी में अपना कार्ड बनवाने के लिए गई हुई थीं और उस दौरान वह अपनी एक सहेली के साथ सामान्य रूप से बातचीत कर रही थीं। सोनम के अनुसार, वहां तैनात कर्मचारी मिस संजना ने पहले उन्हें थप्पड़ मारने की धमकी दी। इसके बाद जब वह कार्ड से जुड़ा काम करवाने के लिए अंदर दाखिल हुईं, तो उनके साथ बेहद अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल किया गया।
अपमानजनक शब्दों और टिप्पणी का आरोप
पीड़िता ने अपनी शिकायत में यह भी आरोप लगाया है कि लाइब्रेरियन ने उन्हें 'मैनरलेस' और 'कैरेक्टरलेस' जैसे शब्दों से नवाजा। सिर्फ इतना ही नहीं, छात्रा का यह भी कहना है कि बातचीत के दौरान उनकी जनजाति को विशेष रूप से निशाना बनाकर आपत्तिजनक टिप्पणियां की गईं। सोनम का यह भी तर्क है कि वह उस लाइब्रेरियन को पहले से बिल्कुल नहीं जानती थीं और केवल एक मामूली सी बातचीत पर इस तरह का आक्रामक और अपमानजनक व्यवहार देखकर वह अंदर से बेहद आहत महसूस कर रही हैं।
कॉलेज प्रशासन की प्रतिक्रिया और कार्रवाई
इस पूरे मामले पर कॉलेज की प्रधानाचार्य डॉ शिवानी शर्मा ने स्थिति स्पष्ट करते हुए बताया कि लाइब्रेरी कार्ड बांटने की प्रक्रिया के दौरान किसी गलतफहमी के कारण यह पूरी अप्रिय घटना घटी। उन्होंने पुष्टि की कि छात्रा की तरफ से लिखित शिकायत मिलने के तुरंत बाद संबंधित लाइब्रेरियन को कारण बताओ नोटिस थमाया जा चुका है और कड़ी चेतावनी भी दी गई है। प्रधानाचार्य के मुताबिक, आरोपी लाइब्रेरियन ने अपने ऊपर लगे तमाम आरोपों से साफ इंकार किया है और इसके पीछे काम का अत्यधिक दबाव होने की दलील दी है। इसके साथ ही, प्रशासन का यह भी कहना है कि लाइब्रेरियन ने बाद में छात्रा से माफी मांग ली है।



















