सवाई माधोपुर जिले के मलारना डूंगर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले काँच की झोंपड़ी भारजा नदी गांव में बीती रात एक भयानक और दिल दहला देने वाली घटना घटी। यहाँ खुले बरामदे में सो रही दो साल की एक दुधमुंही बच्ची को अज्ञात शख्स द्वारा उठा ले जाने का मामला सामने आया। इस दुस्साहसिक वारदात के कारण पूरे इलाके में सनसनी फैल गई और ग्रामीणों के बीच भारी दहशत का माहौल बन गया। गनीमत यह रही कि स्थानीय लोगों और पुलिस दल की त्वरित कार्रवाई के चलते समय रहते बच्ची को सकुशल छुड़ा लिया गया।
दर्शन के लिए आई थी पीड़िता की मां
प्राप्त जानकारी के अनुसार बौंली थाना क्षेत्र के शिशोलाव गांव की निवासी अनिता मीणा अपनी दो साल की बेटी आरबी को साथ लेकर इटावा बालाजी के दर्शन करने पहुँची थी। मंदिर में अपनी धार्मिक यात्रा पूरी करने के बाद अनिता ने अपने घर लौटने का इरादा बदला और काँच की झोंपड़ी भारजा नदी गाँव में रहने वाली अपनी मौसेरी बहन के पास चली गई। दिनभर की थकान के बाद उसने रात को उसी रिश्तेदार के घर पर रुकने का फैसला किया था। उस समय किसी को भी इस बात का आभास नहीं था कि रात के सन्नाटे में उनके साथ इतनी बड़ी खौफनाक घटना घटित हो जाएगी।
रात के समय चोरी के साथ बच्ची को ले भागा आरोपी
घटना वाली रात अनिता अपनी छोटी बेटी के साथ अपनी मौसेरी बहन तथा अन्य महिलाओं के साथ घर के बाहर खुले बरामदे में गहरी नींद में सो रही थी। तभी मध्यरात्रि लगभग 12 बजे के आसपास एक अनजान शख्स दबे पाँव चुपचाप घर के भीतर घुस आया। उसने सबसे पहले वहाँ रखा मोबाइल फोन चुराया और फिर सो रही मासूम बालिका को अपनी गोद में उठाकर वहाँ से भागने की कोशिश करने लगा। इसी दौरान आहट होने पर माँ अनिता की अचानक आँख खुल गई। उसने तुरंत एक व्यक्ति को अपनी बच्ची को साथ लेकर भागते हुए अपनी आँखों से देखा। इस डरावने दृश्य को देखकर अनिता और पास में सो रही अन्य महिलाओं ने जोर-जोर से चीखना-चिल्लाना शुरू कर दिया। शोर की आवाज सुनकर आसपास के तमाम ग्रामीण तुरंत मौके पर इकट्ठा हो गए, लेकिन जब तक लोग पूरी तरहजम्मा होते, आरोपी अंधेरे का लाभ उठाकर बच्ची के साथ फरार हो चुका था।
बनास नदी के पास अमरूदों के बाग में पकड़ा गया आरोपी
इस सनसनीखेज घटना के तुरंत बाद स्थानीय लोगों ने मलारना डूंगर थाना पुलिस को अपहरण की इस वारदात की सूचना दी। मामले की गंभीरता को भाँपते हुए पुलिस बल बिना कोई समय गँवाए घटनास्थल पर पहुँचा और पूरी जानकारी जुटाई। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए फौरन पूरे इलाके में कड़ी नाकाबंदी करवा दी। पुलिसकर्मियों ने ग्रामीणों के सहयोग से अलग-अलग खोज दल बनाए और रात के अंधेरे में ही बच्ची की तलाश तेज कर दी। ग्रामीणों ने पुलिस के साथ मिलकर गाँव के तमाम रास्तों और आसपास के खेतों की पूरी तरह घेराबंदी कर ली। कड़ी मशक्कत और लगातार खोज अभियान के बाद आखिरकार पुलिस और ग्रामीणों की मेहनत रंग लाई और उन्होंने आरोपी को गाँव के नजदीक बनास नदी के किनारे स्थित अमरूदों के एक विशाल बगीचे में छिपे हुए धर दबोचा। सबसे बड़ी राहत की बात यह रही कि पुलिस ने अपहृत बच्ची को उस शातिर के चंगुल से बिल्कुल सुरक्षित अवस्था में बरामद कर लिया।
आदतन चोर निकला आरोपी और ग्रामीणों का फूटा गुस्सा
बच्ची को सकुशल बरामद करने के दौरान गुस्से से उबले ग्रामीणों ने आरोपी की मौके पर ही जमकर पिटाई कर दी। हालाँकि पुलिस ने बीच-बचाव कर किसी तरह आरोपी को आक्रोशित भीड़ के चंगुल से छुड़ाकर अपनी हिरासत में ले लिया। पकड़े गए आरोपी की पहचान भारजा नदी गाँव निवासी भीम सिंह पुत्र गनी लाल मीणा के रूप में की गई है। स्थानीय निवासियों के अनुसार आरोपित भीम सिंह एक आदतन चोर है और वह मूल रूप से चोरी की नीयत से ही उस घर के अंदर दाखिल हुआ था। फिलहाल मलारना डूंगर थाना पुलिस आरोपी को थाने लेकर आ चुकी है और उससे कड़ाई से पूछताछ जारी है। पुलिस यह पता लगाने का गंभीर प्रयास कर रही है कि आखिर इस शख्स ने चोरी के अलावा मासूम बच्ची का अपहरण क्यों किया था। बच्ची के सुरक्षित मिलने से पुलिस प्रशासन और परिजनों ने भारी राहत की साँस ली है।



















