सीकर जिले के श्रीमाधोपुर कस्बे में आज दोपहर बाद मौसम ने अचानक करवट ले ली. आसमान में काले बादल छा गए, तेज गर्जना हुई और देखते ही देखते झमाझम बारिश शुरू हो गई. इस पहली मूसलाधार बारिश ने एक तरफ लोगों को कई दिनों की भीषण गर्मी और उमस से राहत दी, तो दूसरी तरफ नगरपालिका प्रशासन के दावों की पोल खोलकर रख दी.
उमस भरी गर्मी से मिली राहत
पिछले कई दिनों से श्रीमाधोपुर और आसपास के इलाके में तीखी धूप और उमस के चलते आम जनजीवन बेहाल था. लोग गर्मी से परेशान होकर बादलों की राह देख रहे थे. आज दोपहर बाद मौसम में आए इस अचानक बदलाव और तेज बारिश से तापमान में भारी गिरावट दर्ज हुई. ठंडी हवाएं चलने से मौसम खुशनुमा हो गया और लोगों ने राहत की सांस ली.
पहली बारिश में ही उखड़ी सफाई व्यवस्था
बारिश जहां राहत बनकर बरसी, वहीं नगरपालिका प्रशासन की बड़ी लापरवाही एक बार फिर सामने आ गई. मानसून से पहले नालों और छोटी नालियों की समय पर सफाई नहीं कराई गई थी, जिसका खामियाजा आज कस्बे की जनता को भुगतना पड़ा. निकासी व्यवस्था ठप होने से नालियों का गंदा पानी ओवरफ्लो होकर मुख्य रास्तों पर आ गया, जिससे कई प्रमुख इलाकों में गंभीर जलभराव की स्थिति बन गई.
निजी कॉलेज रोड और गौशाला बाजार में सबसे बुरा हाल
कस्बे के निजी कॉलेज रोड, गौशाला बाजार और आसपास की कई तंग गलियों तथा निचले इलाकों में महज कुछ ही देर की बारिश में घुटनों तक पानी भर गया. पानी का बहाव इतना तेज था कि दुपहिया वाहन चालकों का वहां से निकलना मुश्किल हो गया. सबसे खराब हालात निजी कॉलेज रोड पर देखने को मिले, जहां पूरी सड़क जलमग्न हो गई. दुकानों और घरों के बाहर पानी जमा हो जाने से वहां के व्यापारियों और स्थानीय निवासियों का पैदल चलना भी मुश्किल हो गया.
बार-बार शिकायत के बावजूद नहीं निकला स्थायी हल
जलभराव की इस समस्या से जूझते स्थानीय लोगों का गुस्सा नगरपालिका के खिलाफ फूट पड़ा. निवासियों का कहना है कि निजी कॉलेज रोड लंबे समय से इसी समस्या से जूझ रहा है. इस बारे में नगरपालिका के आला अधिकारियों को कई बार लिखित और मौखिक रूप से शिकायतें दी जा चुकी हैं, लेकिन प्रशासन की नींद अब तक नहीं टूटी है. लोगों का कहना है कि हर बार बारिश में यही हालात बनते हैं और यह सड़क आमजन के लिए एक बड़ी परेशानी बन चुकी है.













