घर की बालकनी या छत पर हरी मिर्च उगाना अब बेहद आसान हो गया है। कई लोग गमलों में पौधे तो लगा देते हैं, लेकिन सही देखभाल न मिलने के कारण वे सूख जाते हैं या उनमें फल नहीं आते हैं। इस समस्या से निजात दिलाने के लिए पटना के गार्डनिंग एक्सपर्ट प्रमोद शाही ने कुछ खास और आसान टिप्स साझा किए हैं, जिनकी मदद से गमले को हरी मिर्चों से लबालब भरा जा सकता है।
रसोई की सूखी मिर्च से तैयार करें पौधे
गमले में मिर्च का पौधा उगाने के लिए बाजार से महंगे बीज खरीदने की कोई आवश्यकता नहीं होती है। आपकी अपनी रसोई में रखी सूखी लाल मिर्च के बीजों से ही बंपर पैदावार हासिल की जा सकती है। इसके लिए सूखी मिर्च से बीज निकालकर उन्हें 2 से 3 घंटे के लिए पानी में भिगो देना चाहिए, जिससे बीजों का अंकुरण काफी तेज हो जाता है।
पौधे के लिए एक बेहतरीन पॉटिंग मिक्स तैयार करना बेहद जरूरी होता है। इसके लिए 50 प्रतिशत सामान्य मिट्टी, 30 प्रतिशत गोबर की खाद या वर्मीकम्पोस्ट और 20 प्रतिशत कोकोपीट या रेत को आपस में अच्छी तरह मिला लें। बीजों को लगभग आधा इंच की गहराई में बोकर हल्का सा पानी दें। सामान्यतः 7 से 10 दिनों के भीतर बीज अंकुरित होकर बाहर आ जाते हैं। जब पौधा 4 से 5 इंच का हो जाए, तब उसे 10 से 12 इंच के बड़े गमले में शिफ्ट कर देना चाहिए।
धूप, पानी और 3G प्रूनिंग का रखें ध्यान
हरी मिर्च के स्वस्थ विकास के लिए हर दिन 5 से 6 घंटे की धूप मिलना बहुत जरूरी है। मिट्टी में नमी की जांच करने के बाद ही पानी डालें, क्योंकि अत्यधिक पानी देने से पौधे के फूल झड़ने लगते हैं। अधिक संख्या में फल प्राप्त करने के लिए पौधे की मुख्य शाखा को ऊपर से काट देना चाहिए, जिसे 3G प्रूनिंग कहा जाता है। इस प्रक्रिया से पौधे में नई शाखाएं निकलती हैं और ढेरों फूल खिलते हैं।
शैंपू और नीम के तेल से कीटों का सफाया
पौधे को पोषण देने के लिए हर 15 से 20 दिनों के अंतराल पर सरसों की खली का लिक्विड फर्टिलाइजर या गोबर की खाद का इस्तेमाल करना चाहिए। इसके अलावा, मिर्च के पौधों को पत्ती मरोड़ रोग और मिल्लीबग जैसे कीटों से सुरक्षित रखने के लिए एक घरेलू स्प्रे बहुत असरदार साबित होता है। इस मिश्रण को बनाने के लिए 1 लीटर पानी में 5 ml नीम का तेल और थोड़ा सा शैम्पू मिलाकर महीने में दो बार पौधे पर छिड़काव करें। इस आसान उपाय से कीट दूर रहते हैं और पौधा हरी मिर्चों से पूरी तरह भर जाता है.



















