गणेश चतुर्थी के पवित्र त्योहार के अवसर पर राजस्थान की राजधानी जयपुर में प्रशासन ने व्यापक तैयारियां पूरी कर ली हैं। शहर के ऐतिहासिक और लोकप्रिय मोती डूंगरी गणेश मंदिर में इस पावन पर्व पर लाखों भक्तों के पहुंचने की पूरी उम्मीद है। इसी भारी भीड़ को सुव्यवस्थित करने और यातायात को सुचारू बनाए रखने के लिए जयपुर ट्रैफिक पुलिस ने रूट में बड़े बदलाव किए हैं ताकि किसी भी नागरिक को असुविधा का सामना न करना पड़े।
नो-व्हीकल जोन और प्रतिबंधित मार्ग
श्रद्धालुओं की सुगम आवाजाही और सड़क पर जाम की समस्या से निपटने के लिए मंदिर के आसपास के मुख्य रास्तों को पूरी तरह से वाहनों के लिए प्रतिबंधित कर दिया गया है। त्रिमूर्ति सर्किल से जेडीए चौराहा तक किसी भी प्रकार के वाहन के प्रवेश पर रोक रहेगी। इसके अलावा, आरबीआई तिराहे से मंदिर तक जाने वाली तख्तेशाही रोड और धर्मसिंह सर्किल से मंदिर तक के मार्ग को भी पूरी तरह नो-व्हीकल जोन घोषित किया गया है। इन तमाम प्रतिबंधित क्षेत्रों में केवल पैदल चलने वाले दर्शनार्थियों को ही आगे जाने की अनुमति दी जाएगी।
अतिरिक्त पार्किंग स्थलों की व्यवस्था
दूर-दराज के इलाकों से अपने वाहनों से आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा का पूरा ध्यान रखा गया है। मंदिर के पांच किलोमीटर के दायरे के भीतर कुल 15 नए पार्किंग स्थल बनाए गए हैं। इन विशाल पार्किंग क्षेत्रों में कुल 3880 दोपहिया वाहन और 3240 चारपहिया वाहन पार्क किए जा सकेंगे, जिससे मुख्य सड़कों पर यातायात बाधित नहीं होगा।
बुजुर्गों और महिलाओं के लिए निशुल्क ई-रिक्शा
पार्किंग स्थलों से मंदिर की दूरी तय करने में वृद्धजनों, महिलाओं और बच्चों को किसी तरह की शारीरिक थकान या परेशानी न हो, इसके लिए विशेष प्रबंध किए गए हैं। सभी निर्धारित पार्किंग स्थानों से मोती डूंगरी मंदिर के समीप तक निःशुल्क ई-रिक्शा सेवा चलाई जाएगी, जिसका लाभ उठाकर लोग आसानी से आवाजाही कर सकेंगे।
डिजिटल तकनीक और आपातकालीन मार्ग
यातायात प्रबंधन को आधुनिक बनाते हुए पुलिस विभाग ने शहर के प्रमुख चौराहों पर खास QR कोड प्रदर्शित किए हैं। इन कोड्स को स्कैन करके लोग डायवर्जन, नो-व्हीकल जोन और नजदीकी पार्किंग की लाइव जानकारी अपने फोन पर पा सकेंगे। इसके साथ ही, एम्बुलेंस और दमकल गाड़ियों जैसी आपातकालीन सेवाओं के निर्बाध आवागमन के लिए एक अलग सुरक्षित कॉरिडोर भी बनाया गया है।


















