सीकर रेलवे जंक्शन पर आवागमन को बेहतर बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया जा रहा है, जहां यात्रियों को जल्द ही स्टेशन परिसर में प्रवेश के लिए एक नया विकल्प मिलने जा रहा है। पिछले करीब 14 महीने से बनकर तैयार पड़े सेकंड एंट्री गेट को अब आम जनता के लिए खोलने की प्रक्रिया ने तेजी पकड़ ली है। जयपुर से आई रेलवे की एक विशेष तकनीकी टीम ने नए टिकट बुकिंग हॉल के भीतर इंटरनेट कनेक्शन और ऑटोमेटिक टिकट वेंडिंग मशीन यानी एटीवीएम जैसी जरूरी आधुनिक सुविधाएं स्थापित करने का काम शुरू कर दिया है। रेलवे के जिम्मेदार अधिकारियों के मुताबिक निर्माण एजेंसी से कार्य औपचारिक रूप से टेकओवर किए जाने के बाद आगामी एक सप्ताह के भीतर इस नए मार्ग से यात्रियों की आवाजाही विधिवत रूप से शुरू कर दी जाएगी।
शहर के बड़े हिस्से के यात्रियों को मिलेगी राहत
नया प्रवेश द्वार शुरू होने के बाद सीकर शहर के एक बहुत बड़े हिस्से से आने वाले यात्रियों को अब स्टेशन तक पहुंचने के लिए कल्याण सर्किल की तरफ लंबा चक्कर काटकर नहीं आना पड़ेगा। विशेष तौर पर पिपराली रोड, नवलगढ़ रोड, राधाकिशनपुरा और आरटीओ रोड की दिशा से आने वाले रेल यात्रियों के लिए यह नया रास्ता बेहद सुविधाजनक और समय बचाने वाला साबित होगा। मौजूदा समय में इन तमाम क्षेत्रों से आने वाले नागरिकों को मुख्य प्रवेश द्वार तक पहुंचने के लिए काफी अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ती है। सेकंड एंट्री के चालू हो जाने से स्टेशन की कुल दूरी कम होगी और यात्रियों के कीमती समय की भी उल्लेखनीय बचत होगी।
सड़क मार्ग और पार्किंग की विशेष व्यवस्था
यात्रियों की आवाजाही को सुगम बनाने के लिए नवलगढ़ पुलिया से राधाकिशनपुरा गेट तक लगभग 800 मीटर लंबी और करीब 20 फीट चौड़ी एक नई सड़क का निर्माण किया गया है, जिससे स्टेशन के इस दूसरे छोर तक पहुंचना बेहद आसान हो गया है। इसके अलावा राधाकिशनपुरा गेट से महज 250 मीटर की दूरी पर मुसाफिरों के वाहन खड़े करने के लिए एक आधुनिक पार्किंग स्थल भी विकसित किया गया है। तेज धूप और बारिश के मौसम से सुरक्षा प्रदान करने के लिए यहां एक विशाल डोम का निर्माण किया गया है, जिससे वाहन पार्क करने और स्टेशन तक पैदल जाने में सहूलियत होगी। हालांकि, टेंडर प्रक्रिया की औपचारिकताओं के कारण इस पार्किंग का संचालन विधिवत रूप से शुरू होने में थोड़ा समय लग सकता है।
यात्रियों के लिए आधुनिक सुविधाओं का विस्तार
सेकंड एंट्री परिसर में केवल आवागमन का रास्ता ही नहीं दिया गया है, बल्कि रेल मुसाफिरों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए कई आधुनिक व्यवस्थाएं भी तैयार की गई हैं। इस नए परिसर में एक विशाल एसी टिकट विंडो हॉल बनाया गया है, जिसके भीतर यात्रियों के बैठने के लिए आरामदायक प्रतीक्षालय और आधुनिक मानकों वाले शौचालय तथा स्नानगृह भी स्थापित किए गए हैं। टिकट क्रय करने के लिए अलग से विशेष काउंटर बनाए गए हैं। रेलवे प्रशासन की तरफ से इस स्थल पर निर्बाध इंटरनेट कनेक्टिविटी और ऑटोमेटिक टिकट वेंडिंग मशीन यानी एटीवीएम की सुविधाएं भी मुहैया कराई जा रही हैं, ताकि काउंटर पर लंबी कतारों में खड़े हुए बिना आसानी से टिकट प्राप्त किया जा सके।
दिव्यांग और बुजुर्ग यात्रियों के लिए विशेष इंतजाम
इस पूरे प्रोजेक्ट के दौरान दिव्यांग और वरिष्ठ नागरिकों की जरूरतों का भी बेहद बारीकी से ध्यान रखा गया है। सेकंड एंट्री परिसर के भीतर दिव्यांगजनों के आवागमन के लिए विशेष रैंप, अलग से टिकट विंडो और पूरी तरह अनुकूलित शौचालयों का निर्माण किया गया है। इन विशेष प्रबंधों के लागू होने से बुजुर्गों और दिव्यांग रेल यात्रियों के लिए स्टेशन परिसर तक पहुंचना पहले के मुकाबले काफी सुगम और सुविधाजनक हो जाएगा। लगभग 12 करोड़ रुपए की भारी-भरकम लागत से तैयार किए गए इस संपूर्ण प्रोजेक्ट के अंतर्गत स्टेशन के इस नए हिस्से में यात्री सुविधाओं को पूरी तरह आधुनिक स्वरूप दिया गया है, और अब निर्माण कार्य पूर्ण होने के पश्चात इन्हें जनता को समर्पित किए जाने की तैयारी है।
अंतिम चरण में पहुंचा औपचारिक प्रक्रिया का काम
रेलवे महकमे से प्राप्त जानकारियों के अनुसार अब इस पूरे प्रोजेक्ट का काम बिल्कुल अंतिम दौर में पहुंच चुका है। सीनियर डीसीएम भूपेश यादव ने इस संबंध में जानकारी साझा करते हुए बताया कि आगामी दो से तीन दिनों के भीतर ठेका देने वाली कंपनी से निर्माण कार्य पूरी तरह टेकओवर कर लिया जाएगा। इसके तुरंत बाद कुछ ही दिनों के भीतर सेकंड एंट्री के रास्ते यात्रियों का प्रवेश प्रारंभ कर दिए जाने की पूरी तैयारी है। नए टिकट हॉल के अंदर इंटरनेट सेवा और एटीवीएम जैसी अन्य व्यवस्थाओं को सक्रिय करने का कार्य भी युद्धस्तर पर चल रहा है। इस प्रकार, लंबे समय से बनकर तैयार खड़े इस वैकल्पिक मार्ग का उपयोग अब बहुत जल्द आम रेल यात्रीगण कर सकेंगे।
स्टेशन पहुंचने के रूट और यातायात के दबाव में बदलाव
इस पूरी परियोजना के धरातल पर उतरने के बाद सबसे बड़ा और सकारात्मक बदलाव स्टेशन तक पहुंचने के पारंपरिक रास्ते में देखने को मिलेगा। अभी तक सीकर जंक्शन पर आने वाले समस्त यात्रियों की मुख्य एंट्री केवल कल्याण सर्किल की तरफ से ही होती थी। लेकिन सेकंड एंट्री के सुचारू रूप से शुरू हो जाने के बाद यात्रियों को नवलगढ़ पुलिया के नीचे महिला थाने के ठीक सामने तथा राधाकिशनपुरा अंडरपास के नजदीक से स्टेशन परिसर में प्रवेश पाने का नया विकल्प मिल जाएगा। इससे शहर के लगभग आधे हिस्से से आने वाले मुसाफिरों का सफर छोटा होगा और साथ ही मुख्य प्रवेश मार्ग पर रोजाना लगने वाले यातायात के भारी दबाव से भी काफी हद तक राहत मिलने की पूरी उम्मीद है।





















