राजस्थान के सीकर शहर स्थित कृषि उपज मंडी परिसर में आने वाले किसानों और स्थानीय नागरिकों के लिए एक बड़ी सौगात सामने आई है। मंडी परिसर के भीतर 31 लाख रुपये की लागत से तैयार किए गए एक विशाल पार्क को अब आम जनता और अन्नदाताओं के लिए पूरी तरह से खोल दिया गया है। जयपुर रोड से सనుती इस नई हरी-भरी जगह के शुरू होने से न केवल मंडी आने वाले किसानों को बल्कि आसपास के रिहायशी इलाकों में रहने वाले लोगों को भी सुबह की सैर के लिए एक बेहतरीन ठिकाना मिल गया है। इस विकास कार्य का मुख्य उद्देश्य मंडी के कामकाजी माहौल को अधिक खुशनुमा बनाना और लोगों के स्वास्थ्य का ध्यान रखना है।
इस पूरे पार्क को लगभग 1.12 हेक्टेयर के विस्तृत भूभाग पर विशेष योजनाओं के तहत विकसित किया गया है। मंडी प्रशासन की इस पहल का मकसद परिसर में हरियाली का दायरा बढ़ाना और यहां आने वाले हर व्यक्ति को स्वच्छ वातावरण प्रदान करना है। पार्क के भीतर विभिन्न प्रजातियों के छायादार और सुंदर सजावटी पौधे रोपे गए हैं। आने वाले दिनों में इस परिसर की सुंदरता को और अधिक बढ़ाने के लिए एक समर्पित ग्रीन बेल्ट विकसित करने की भी रूपरेखा तैयार की गई है, जिससे यहाँ आने वाले लोगों को पूरी तरह से प्राकृतिक और शांत माहौल मिल सके।
यह नया पार्क जयपुर रोड पर स्थित मंडी के गेट नंबर दो के पास वाली ज़मीन पर बनाया गया है, जिससे इसका सीधा फायदा आसपास की कई प्रमुख कॉलोनियों के रहवासियों को मिल रहा है। बसंत विहार, शांति नगर, हाउसिंग बोर्ड और मुख्य जयपुर रोड क्षेत्र के नागरिकों के लिए यह जगह अब सुबह की सैर का एक प्रमुख केंद्र बन गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि पहले मॉर्निंग वॉक या टहलने के लिए उन्हें काफी दूर स्मृति वन का रुख करना पड़ता था, लेकिन अब इस नए पार्क के खुल जाने से उनके घर के बेहद करीब ही एक उत्तम विकल्प उपलब्ध हो गया है।
इस पूरे प्रोजेक्ट की सबसे बड़ी विशेषता यहाँ तैयार किया गया 500 मीटर से अधिक लंबा वॉकिंग ट्रैक है, जो सुबह टहलने वालों के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रहा है। पार्क के शुरू होते ही आसपास के इलाकों से लोग बड़ी संख्या में सुबह के वक्त यहाँ पहुँचने लगे हैं। इस वॉकिंग ट्रैक के अलावा परिसर में आगंतुकों के बैठने के लिए आधुनिक और मजबूत बेंचों की भी उचित व्यवस्था की गई है। इन बेंचों के लग जाने से विशेष रूप से बुजुर्गों, महिलाओं और अन्य नागरिकों को व्यायाम या सैर के बाद आराम करने में काफी सुविधा मिल रही है।
मंडी सचिव सुमन चौधरी ने इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि पार्क के विकास का पहला चरण अब सफलतापूर्वक पूरा हो चुका है और इसे जनता को समर्पित कर दिया गया है। परिसर की सुरक्षा और संरक्षा का पूरा ध्यान रखते हुए चिन्हित पूरी भूमि को मजबूत चारदीवारी से सुरक्षित किया गया है। इस चारदीवारी की मजबूती और सुरक्षा को और पुख्ता करने के लिए इसके ऊपर आकर्षक लोहे की रेलिंग भी स्थापित की गई है, जिससे असामाजिक तत्वों की आवाजाही पर रोक लगे और एक व्यवस्थित माहौल बना रहे।
प्रशासन की ओर से पार्क के सौंदर्यीकरण पर विशेष जोर दिया गया है ताकि यह केवल एक खाली जमीन न रहकर एक जीवंत सार्वजनिक स्थल बने। परिसर के चप्पे-चप्पे पर छायादार और सजावटी पेड़ लगाए गए हैं, जो कुछ समय बाद और अधिक बड़े होकर इस क्षेत्र को हरा-भरा बना देंगे। मंडी प्रबंधन की सोच इस जगह को केवल एक सामान्य रास्ते तक सीमित रखने की नहीं है, बल्कि इसे एक आदर्श हरित और आरामदायक सार्वजनिक स्थल के रूप में विकसित करने की है जहाँ लोग सुकून के पल बिता सकें।
भविष्य की योजनाओं के तहत यहाँ ग्रीन बेल्ट का निर्माण पूरा होने के बाद इसकी सुंदरता में और अधिक निखार आने की पूरी उम्मीद है। कुल 1.12 हेक्टेयर भूमि पर फैले इस हरे-भरे परिसर से न केवल पर्यावरण सुधरेगा बल्कि आसपास के वाशिंदों को एक प्रदूषण मुक्त और शांत वातावरण मिलेगा। कृषि उपज मंडी में इस प्रकार की सुविधा मिलने से खासकर उन किसानों को बड़ी राहत मिली है जो दूर-दराज के इलाकों से अपनी उपज बेचने आते हैं और अब वे यहाँ एक शांत और हरियाली से भरे वातावरण में विश्राम कर सकते हैं।



















