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सीकर के हर्ष पर्वत पर पर्यटक 3100 फीट की ऊंचाई से पार करेंगे गहरी खाई, 1.50 करोड़ से तैयार हो रहा रोमांचक ट्रैकराजस्थान
28 अग॰ 2026, 6:49 pm (1 घंटे पहले)· 3

सीकर के हर्ष पर्वत पर पर्यटक 3100 फीट की ऊंचाई से पार करेंगे गहरी खाई, 1.50 करोड़ से तैयार हो रहा रोमांचक ट्रैक

राजस्थान के सीकर स्थित हर्ष पर्वत पर 3100 फीट की ऊंचाई पर 560 मीटर लंबी जिपलाइन का निर्माण तेजी से जारी है। 1.50 करोड़ रुपए की लागत से बन रहे इस एडवेंचर ट्रैक के अक्टूबर तक चालू होने की संभावना है।

राजस्थान के सीकर जिले में स्थित ऐतिहासिक और धार्मिक पर्यटन स्थल हर्ष पर्वत पर आने वाले पर्यटकों और श्रद्धालुओं के लिए रोमांच का एक नया अध्याय शुरू होने जा रहा है। अरावली की पर्वतमालाओं के बीच समुद्र तल से 3100 फीट की विशाल ऊंचाई पर स्थित इस स्थान पर 560 मीटर लंबी एक अत्याधुनिक जिपलाइन का निर्माण तेजी से किया जा रहा है। इस नए एडवेंचर ट्रैक के शुरू होने से यहां आने वाले लोगों को केवल धार्मिक दर्शन ही नहीं, बल्कि अरावली की हरी-भरी पहाड़ियों और गहरी खाइयों के ऊपर हवा में उड़ने का एक शानदार अनुभव भी प्राप्त होगा। वर्तमान में इस परियोजना का निर्माण कार्य आधे से अधिक पूरा कर लिया गया है, और प्रशासन को उम्मीद है कि अक्टूबर महीने तक इसे पूरी तरह तैयार करके पर्यटकों के लिए खोल दिया जाएगा।

1.50 करोड़ की लागत और वन विभाग की मंजूरी

इस महत्वाकांक्षी एडवेंचर टूरिज्म प्रोजेक्ट को सार्वजनिक-निजी सहभागिता के मॉडल पर विकसित किया जा रहा है। एक निजी कंपनी द्वारा लगभग 1.50 करोड़ रुपए की अनुमानित लागत से इस पूरी जिपलाइन संरचना का निर्माण कराया जा रहा है। इस परियोजना के क्रियान्वयन के लिए वन विभाग ने 0.706 हेक्टेयर भूमि के डायवर्जन की आधिकारिक स्वीकृति प्रदान की थी, जिसके बाद निर्माण प्रक्रिया को गति मिली। जिपलाइन के तकनीकी ढांचे के तहत पर्वत के एक सिरे पर मुख्य टावर का निर्माण कार्य पूरी तरह संपन्न हो चुका है। वहीं, दूसरे सिरे पर स्थित पवन चक्की के पार्किंग क्षेत्र के पास आवश्यक निर्माण गतिविधियों को तेजी से अंतिम रूप दिया जा रहा है।

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गहरी खाई के ऊपर से गुजरेगा रोमांचक सफर

इस 560 मीटर लंबे ट्रैक की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह पर्वत शिखर से शुरू होकर दूसरी ओर पवन चक्की पार्किंग स्थल तक विस्तृत रहेगा। पूरा सफर धरातल से सैकड़ों फीट नीचे स्थित एक गहरी और विशाल खाई के ठीक ऊपर से होकर गुजरेगा, जो एडवेंचर प्रेमियों के लिए एक अत्यंत रोमांचित कर देने वाला अनुभव होगा। इसके अतिरिक्त, पर्यटकों के मुख्य आकर्षण के लिए यहां एक विशेष स्पाइडर-मैन जिपलाइन की सुविधा भी विकसित की जा रही है। इस विशेष जिपलाइन व्यवस्था में पर्यटकों को एक अत्यंत सुरक्षित हार्नेस के जरिए कमर के सहारे लटकाया जाता है, जिससे वे दो पहाड़ियों के मध्य हवा में स्वतंत्र रूप से उड़ते हुए एक सिरे से दूसरे सिरे पर सुरक्षित लैंडिंग क्षेत्र तक पहुंच सकेंगे।

तकनीकी जांच और सुरक्षा मानक परीक्षण

परियोजना से जुड़े अधिकारियों का अनुमान है कि निर्माण से संबंधित शेष सभी कार्य अगले एक महीने की समय सीमा में पूरे कर लिए जाएंगे। निर्माण कार्य पूर्ण होने के पश्चात तुरंत पर्यटकों के लिए सेवा शुरू नहीं की जाएगी, बल्कि सबसे पहले सुरक्षा तंत्र और आवश्यक तकनीकी मानकों का कड़ा परीक्षण किया जाएगा। विशेषज्ञों की टीम द्वारा जिपलाइन के तारों, टावरों, बेयरिंग क्षमता, ब्रेक सिस्टम और हार्नेस गियर की गहन जांच की जाएगी। जब सभी सुरक्षा प्रमाण पत्र और तकनीकी अनापत्ति स्वीकृतियां प्राप्त हो जाएंगी, तभी इस रोमांचक सवारी को आम जनता और पर्यटकों के उपयोग के लिए आधिकारिक रूप से चालू किया जाएगा।

1000 वर्ष से अधिक पुराना ऐतिहासिक हर्षनाथ मंदिर

हर्ष पर्वत न केवल अपनी प्राकृतिक सुंदरता और रोमांचक गतिविधियों के लिए पहचाना जाता है, बल्कि इसका अपना एक समृद्ध ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व भी है। यहां स्थित प्रसिद्ध हर्षनाथ मंदिर को संपूर्ण शेखावाटी क्षेत्र की प्राचीन धार्मिक धरोहर का एक प्रमुख स्तंभ माना जाता है। ऐतिहासिक दस्तावेजों और शिलालेखों के अनुसार, चौहान शासक विग्रहराज ने 973 ईस्वी में हर्ष पर्वत की सर्वोच्च चोटी पर इस भव्य मंदिर के निर्माण की नींव रखी थी। इस धार्मिक स्थल के निर्माण कार्य को पूरा होने में लगभग 12 वर्षों का लंबा समय लगा था। इसी ऐतिहासिक पृष्ठभूमि के कारण हर्ष पर्वत का सांस्कृतिक इतिहास 1000 वर्ष से भी अधिक पुराना माना जाता है। अब धार्मिक आस्था के साथ एडवेंचर टूरिज्म का यह नया संगम सीकर में पर्यटन को नई दिशा प्रदान करेगा।

सवाल-जवाब

हर्ष पर्वत पर बन रही जिपलाइन की लंबाई और ऊंचाई कितनी है?
यह जिपलाइन अरावली पर्वतमाला में 3100 फीट की ऊंचाई पर बनाई जा रही है और इसकी कुल लंबाई 560 मीटर है।
जिपलाइन का निर्माण किस मॉडल पर और कितनी लागत से किया जा रहा है?
इसका निर्माण निजी सहभागिता के तहत एक प्राइवेट कंपनी द्वारा लगभग 1.50 करोड़ रुपए की लागत से किया जा रहा है।
पर्यटकों के लिए जिपलाइन कब तक चालू होने की संभावना है?
निर्माण और सुरक्षा तकनीकी जांच पूरी होने के बाद इसके अक्टूबर में शुरू होने की संभावना है।
स्पाइडर-मैन जिपलाइन की क्या विशेषता है?
स्पाइडर-मैन जिपलाइन में पर्यटकों को एक सुरक्षित हार्नेस के जरिए कमर के सहारे लटकाकर पहाड़ियों के बीच से उड़ाया जाता है।
हर्षनाथ मंदिर का निर्माण किसने और कब करवाया था?
हर्षनाथ मंदिर का निर्माण चौहान शासक विग्रहराज ने 973 ईस्वी में शुरू करवाया था, जिसे पूरा होने में करीब 12 वर्ष लगे थे।
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टिप्पणियाँ 2

Rohan Verma@rohan-verma·32 मिनट पहले

सीकर के हर्ष पर्वत पर 1.50 करोड़ की लागत से बन रही 560 मीटर लंबी जिपलाइन और स्पाइडर-मैन एडवेंचर सुविधा राजस्थान के धार्मिक पर्यटन को साहसिक गतिविधियों से जोड़ने का एक बेहतरीन उदाहरण है। वन विभाग से 0.706 हेक्टेयर भूमि डायवर्जन के बाद पीपीपी मॉडल पर विकसित इस परियोजना से अरावली क्षेत्र में स्थानीय रोजगार को गति मिलेगी और पर्यटन सीजन में पर्यटकों का ठहराव बढ़ेगा। बशर्ते, अक्टूबर में संचालन से पूर्व सुरक्षा मानकों और तकनीकी परीक्षणों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित हो।

Karan Malhotra@karan-malhotra·32 मिनट पहले

एक अपराध और सुरक्षा संवाददाता के रूप में मेरा मानना है कि हर्ष पर्वत जैसी 3100 फीट की ऊंचाई और गहरी खाइयों वाली भौगोलिक स्थिति में इस तरह के एडवेंचर प्रोजेक्ट के लिए केवल तकनीकी जांच ही पर्याप्त नहीं है। अक्टूबर में संचालन शुरू होने से पहले, स्थानीय प्रशासन और वन विभाग को भीड़ प्रबंधन, आपदा प्रबंधन और आपातकालीन चिकित्सा सहायता के लिए एक पुख्ता सुरक्षा प्रोटोकॉल अनिवार्य करना चाहिए, ताकि किसी भी अप्रिय हादसे को टाला जा सके।

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