सिरोही जिले की कलेक्ट्रेट के मुख्य गेट के बाहर, रोजगार कार्यालय के सामने एक परिवार लगातार दूसरे दिन बिना अन्न-जल के डटा हुआ है और यह धरना अब पूरे जिले में चर्चा का विषय बन चुका है। यह परिवार पोसालिया गांव के चिंटू सिंह उर्फ नरेंद्र सिंह का है, जिनकी हत्या को 75 दिन गुजर चुके हैं, लेकिन मुख्य आरोपी समेत कुल 9 आरोपी अब तक पुलिस की पकड़ से बाहर हैं और इसी बात ने परिवार को आंदोलन के रास्ते पर ला खड़ा किया है।
मां और भांजा दोनों लकवाग्रस्त, फिर भी भूख हड़ताल पर अड़े
इस धरने का सबसे तकलीफदेह पहलू यह है कि भूख हड़ताल पर बैठी 70 साल की मां खुद लकवे की मरीज हैं, और उनके साथ बैठा भांजा भी लकवाग्रस्त है। शरीर पूरा साथ नहीं दे रहा, फिर भी दोनों ने अन्न त्याग रखा है क्योंकि उन्हें उम्मीद है कि यही एक रास्ता बचा है जिससे प्रशासन आखिरकार हरकत में आएगा। परिवार ने साफ कर दिया है कि जब तक फरार सभी आरोपी सलाखों के पीछे नहीं पहुंचते, यह आंदोलन थमने वाला नहीं।
जांच शिवगंज सीओ के पास, टीमें बनीं लेकिन गिरफ्तारी अब भी दूर
यह हत्या का मामला शिवगंज थाने में दर्ज है और इसकी पड़ताल की कमान शिवगंज सर्कल ऑफिसर पुष्पेंद्र वर्मा के हाथ में है। परिवार के धरने पर बैठने के बाद पुलिस महकमे ने भी तेजी दिखाते हुए फरार आरोपियों को पकड़ने के लिए अलग-अलग टीमें गठित कर दी हैं और लगातार दबिश देने का दावा किया जा रहा है। बावजूद इसके, 75 दिन बाद भी एक भी गिरफ्तारी न होना परिवार के गुस्से की सबसे बड़ी वजह बना हुआ है।
बातचीत के कई दौर बेनतीजा, परिवार बोला- सिर्फ भरोसे से काम नहीं चलेगा
प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी धरनास्थल पर पहुंचे और परिजनों को मनाने के लिए कई दौर की बातचीत की, लेकिन कोई समझौता नहीं हो सका। परिवार का रुख एकदम साफ है, उन्हें कोरे आश्वासन नहीं बल्कि आरोपियों की ठोस गिरफ्तारी चाहिए। इसी बीच मृतक की मां का दर्द शब्दों में फूट पड़ा। उन्होंने कहा, "अगर बेटे को न्याय दिलाने के लिए मेरी जान भी चली जाए तो मुझे उसकी कोई परवाह नहीं है।"
वहीं तीनों बहनों के चेहरे पर भी गुस्सा साफ झलक रहा था। एक बहन ने तल्ख लहजे में कहा, "अगर पुलिस आरोपियों को गिरफ्तार नहीं कर सकती तो हमें छूट दे दी जाए, उनसे निपटने की ताकत हम रखते हैं।" परिवार के इन भावुक और गुस्से भरे बयानों ने मामले को और सुर्खियों में ला दिया है, और अब हर किसी की निगाह पुलिस की अगली कार्रवाई पर टिकी है कि आखिर फरार मुख्य आरोपी समेत बाकी आरोपी कब तक सलाखों के पीछे पहुंच पाएंगे।
एक दिन पहले करौली में भी सामने आया दर्दनाक मामला
इस धरने से ठीक एक दिन पहले राजस्थान के करौली जिले से भी एक दिल दहला देने वाली खबर सामने आई थी, जहां एक ही परिवार के चार सदस्यों ने साथ में जहर खा लिया। इस हादसे में माता-पिता और उनके बड़े बेटे की जान चली गई, जबकि छोटा बेटा गंभीर हालत में जयपुर के एसएमएस अस्पताल में भर्ती है और उसका इलाज जारी है।



















