टोंक में स्थित RAC (राजस्थान आर्म्ड कॉन्सटेबुलरी) की 9वीं बटालियन में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब वहां तैनात हेड कांस्टेबल हीरालाल ने कथित तौर पर फांसी लगाकर अपनी जान दे दी। मूल रूप से झुंझुनू के रहने वाले हीरालाल का शव बटालियन परिसर के अंदर उनके सरकारी क्वार्टर के ठीक पास एक पेड़ से फंदे पर लटका हुआ मिला। इस दर्दनाक घटना की जानकारी मिलते ही उनके सहकर्मियों और पुलिस महकमे में शोक की लहर दौड़ गई।
घटनास्थल पर पहुंचे आला अधिकारी, सबूत जुटाने में जुटी टीम
इस दुखद घटना की सूचना मिलने के तुरंत बाद पुलिस और RAC के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंच गए। सिटी सीओ मृत्युंजय मिश्रा और शहर कोतवाल भंवर लाल वैष्णव ने घटनास्थल का बारीकी से मुआयना किया और सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। मामले की वैज्ञानिक जांच के लिए एक MoU टीम को भी मौके पर बुलाया गया, जिसने घटनास्थल से उंगलियों के निशान और अन्य महत्वपूर्ण फॉरेंसिक साक्ष्य एकत्र किए ताकि मौत के सही कारणों का पता लगाया जा सके।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार, खुदकुशी की वजह अब तक साफ नहीं
पुलिस कर्मियों ने तुरंत शव को पेड़ से नीचे उतारा और तुरंत सआदत अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। मृतक हेड कांस्टेबल के शव को फिलहाल सआदत अस्पताल के शवगृह में रखवाया गया है, जहां उनका पोस्टमार्टम किया जाएगा। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि हीरालाल ने इतना आत्मघाती कदम क्यों उठाया, इसका अभी तक खुलासा नहीं हो पाया है। पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फॉरेंसिक जांच से मिलने वाले सुरागों के आधार पर आगे की कार्रवाई करेगी।


















