जर्मन आंकड़ों की सुस्ती के बावजूद ब्रिटिश पाउंड पर यूरो का दबदबा, वैश्विक बाजार में डॉलर की बढ़तकन्नौज में पेड़ के नीचे मिला राजकिशोर दुबे का शव, सिर में लगी थी गोलीकोटा नगर निगम चुनाव में क्रॉस वोटिंग से जीतीं अनुसुइया गोस्वामी, कांग्रेस प्रत्याशी की हारस्मार्ट सिटी सहारनपुर की अजमत कॉलोनी में दूषित जलापूर्ति का संकट, घंटों बर्तन में मैल बैठाकर पानी पीने को विवश नागरिकराजस्थान में खेत की तारबंदी पर 56 हजार तक की मदद, धौलपुर के किसान की बची फसलउत्तर प्रदेश राज्यसभा चुनाव से पहले विधायक छोटे लाल वर्मा के निधन से बदला समीकरणआरबीए की नीतिगत बैठक से पहले ऑस्ट्रेलियाई डॉलर में अस्थिरता, 0.7000 के स्तर पर टिकी नजरेंसंजय लीला भंसाली की लव एंड वॉर से आलिया भट्ट का रेट्रो कैबरे लुक सामने आयाशी जिनपिंग और डोनाल्ड ट्रंप की शिखर बैठक के बाद अटलांटा पहुंचेगा चीनी पांडा का नया जोड़ादेहरादून के सहस्त्रधारा रोड पर स्कूटी सवार महिला को कार में खींचने की कोशिश, नालापानी चौक की घटना
कन्नौज में पेड़ के नीचे मिला राजकिशोर दुबे का शव, सिर में लगी थी गोलीउत्तर प्रदेश
25 सित॰ 2026, 1:01 pm (49 मिनट पहले)· 2

कन्नौज में पेड़ के नीचे मिला राजकिशोर दुबे का शव, सिर में लगी थी गोली

हत्या के प्रयास के मामले में सात साल की जेल काटकर लौटे 45 वर्षीय राजकिशोर दुबे का शव कन्नौज में संदिग्ध हालत में बरामद हुआ। पुलिस हत्या और आत्महत्या दोनों कोणों से मामले की पड़ताल कर रही है।

उत्तर प्रदेश के कन्नौज जिले में एक व्यक्ति की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आया है। करीब डेढ़ महीने पहले ही सात साल के कारावास की मियाद पूरी कर जेल से रिहा हुए 45 वर्षीय व्यक्ति का शव पेड़ के पास पड़ा मिला। मृतक के सिर में गोली लगने का गहरा घाव था। आधी रात के समय हुई इस सनसनीखेज वारदात के बाद इलाके में भारी पुलिस बल और फोरेंसिक विशेषज्ञों की टीम ने मुआयना कर जांच पड़ताल शुरू कर दी है।

ब्राह्मण नगला में आधी रात को हुई घटना

यह पूरा मामला छिबरामऊ कोतवाली पुलिस थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ब्राह्मण नगला गांव का है। मृतक की शिनाख्त 45 वर्षीय राजकिशोर दुबे के तौर पर हुई है। शुक्रवार को पुलिस की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, गुरुवार देर रात परिजनों ने अचानक तेज आवाज सुनी थी। जब वे बाहर निकले तो राजकिशोर दुबे को एक पेड़ के समीप खून से लथपथ अचेत अवस्था में पड़ा देखा। मौके की छानबीन के दौरान पुलिस को घटनास्थल से.315 बोर के दो कारतूस भी मिले हैं, जिन्हें कब्जे में ले लिया गया है।

ये भी पढ़ें

वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों और फोरेंसिक टीम ने जुटाए साक्ष्य

वारदात की सूचना पाकर पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार, छिबरामऊ के क्षेत्राधिकारी मयंक मिश्रा और कोतवाली थाना प्रभारी कपिल दुबे दलबल के साथ मौके पर पहुंचे। जांच के लिए तुरंत फोरेंसिक टीम को भी तलब किया गया। फोरेंसिक विशेषज्ञों ने मौके से फिंगरप्रिंट, बैलिस्टिक निशान और अन्य भौतिक साक्ष्य एकत्रित किए हैं ताकि घटनाक्रम की कड़ियों को आपस में जोड़ा जा सके। पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार के अनुसार, मृतक मूल रूप से पड़ोसी जनपद मैनपुरी के भोगांव पुलिस थाना क्षेत्र स्थित मेहरापुर गांव का निवासी था और वर्तमान में ब्राह्मण नगला में अपनी बहन के घर पर ही रह रहा था।

सात वर्ष की सजा काटकर डेढ़ माह पहले आया था बाहर

परिजनों द्वारा पुलिस को दी गई जानकारी के अनुसार, राजकिशोर दुबे अविवाहित थे। लगभग आठ वर्ष पहले उन्होंने शराब के नशे की हालत में एक व्यक्ति पर गोली चला दी थी। इस मामले में उन पर भारतीय दंड संहिता की धारा 307 यानी हत्या के प्रयास का मुकदमा दर्ज हुआ था। अदालत ने उन्हें दोषी ठहराते हुए सात साल के कारावास की सजा सुनाई थी। अपनी सजा पूरी करने के बाद वह करीब डेढ़ माह पूर्व ही जेल से छूटकर आए थे और अपनी बहन के यहां रहने लगे थे।

हत्या अथवा आत्महत्या: पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार

पुलिस अधिकारी अब इस बात की तफ्तीश में जुटे हैं कि यह सुनियोजित कत्ल का मामला है अथवा व्यक्ति ने स्वयं अपनी जान ली है। पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार ने कहा, "मौत का कारण पोस्टमार्टम के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा।" पुलिस शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ा रही है और सभी संभावित बिंदुओं पर पूछताछ जारी है।

सवाल-जवाब

मृतक की पहचान किस नाम से हुई है?
मृतक की पहचान 45 वर्षीय राजकिशोर दुबे के रूप में हुई है, जो मूल रूप से मैनपुरी जिले के मेहरापुर गांव के रहने वाले थे।
राजकिशोर दुबे का शव कहां और किस हालत में मिला?
उनका शव कन्नौज के छिबरामऊ क्षेत्र के ब्राह्मण नगला गांव में एक पेड़ के नीचे सिर में गोली लगने के निशान के साथ मिला।
घटनास्थल से पुलिस को क्या बरामद हुआ है?
पुलिस ने घटनास्थल की जांच के दौरान .315 बोर के दो कारतूस बरामद किए हैं।
राजकिशोर दुबे जेल में किस मामले में सजा काट रहे थे?
वह करीब आठ साल पहले नशे में एक व्यक्ति को गोली मारने के आरोप में आईपीसी की धारा 307 (हत्या का प्रयास) के तहत सात साल की सजा काट रहे थे।
वह जेल से कब रिहा हुए थे?
वह अपनी सात साल की सजा पूरी करने के बाद करीब डेढ़ महीने पहले ही जेल से बाहर आए थे।
पुलिस के अनुसार मौत का कारण कब स्पष्ट होगा?
एसपी विनोद कुमार के अनुसार, मौत का वास्तविक कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट सामने आने के बाद ही पूरी तरह स्पष्ट हो पाएगा।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 4

Ravikash Gupta@ravikash·अभी

सात साल की सजा काटकर लौटने के डेढ़ महीने बाद ही ऐसा होना हैरान करने वाला है।

Arjun Mehta@arjun-mehta·अभी

रविकेश जी, बात तो सही है आपकी, सात साल काटने के बाद बाहर आकर ऐसा होना वाकई अजीब है।

Rohan Verma@rohan-verma·27 मिनट पहले

सात साल की सजा काटकर लौटने के डेढ़ महीने बाद ही ऐसा होना बहुत संदिग्ध है। क्या परिवार को किसी पर शक है?

Karan Malhotra@karan-malhotra·27 मिनट पहले

रोहन भाई, वही तो! डेढ़ महीना बहुत कम वक्त होता है, जेल से लौटने के बाद दुश्मनी दोबारा जागना नामुमकिन नहीं है।

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR
Chamar no WhatsApp