लेकसिटी उदयपुर में इस बार का दीपोत्सव बेहद खास और अलग अंदाज में नजर आने वाला है। त्योहार के इस सीजन में शहर के केवल पारंपरिक बाजार और आवासीय इलाके ही रोशन नहीं हो रहे हैं, बल्कि मुख्य सड़क पर भी एक ऐसा अद्भुत और भव्य नजारा तैयार किया गया है जो किसी को भी सीधे अंतरिक्ष की सैर करा देगा। उदयपुर विकास प्राधिकरण की तरफ से इस नायाब सजावट को अमलीजामा पहनाया गया है, जहां लोगों को तारों भरी रात और चमकते ग्रहों का अहसास सड़कों पर ही मिल सकेगा।
यह विशेष लाइटिंग स्ट्रक्चर आकार में काफी विशाल है और इसकी लंबाई करीब 200 फीट, चौड़ाई 50 फीट तथा ऊंचाई 22 फीट तय की गई है। इस संरचना के ठीक नीचे से जब आम नागरिक या राहगीर गुजरेंगे, तब उन्हें ऐसा आभास होगा मानो वे हमारी इस दुनिया से निकलकर किसी सुदूर ग्रह या ब्रह्मांड के अछूते कोने में पहुंच गए हों। चारों तरफ फैले नीले बादलों के बीच टिमटिमाते सितारे और घूमते हुए ग्रह इस पूरे इंस्टॉलेशन को बेहद जीवंत और आकर्षक बना रहे हैं।
काइनेटिक बॉल्स का मूवमेंट बढ़ाएगा रोमांच
इस अनूठे स्पेशल इफेक्ट प्रोजेक्ट में फाइबर से बनी विशेष काइनेटिक बॉल्स का भी इस्तेमाल किया गया है, जो लगातार गति करती रहती हैं। इन गतिशील गेंदों पर जब रंग-बिरंगी रोशनी पड़ती है, तो उनका मूवमेंट देखने वालों का ध्यान अपनी ओर स्वतः खींच लेता है। विशेष रूप से बच्चों और युवाओं के बीच यह लाइटिंग सेटअप आकर्षण का सबसे बड़ा केंद्र बनता जा रहा है। शाम ढलते ही जब शहर की स्ट्रीट लाइट्स के साथ यह सेटअप जगमगा उठता है, तो लोग यहां रुककर अपनी यादों को कैमरे में कैद करने और तस्वीरें लेने से खुद को नहीं रोक पा रहे हैं।
शहर के प्रमुख चौराहों और मार्गों पर भी सजावट
उदयपुर विकास प्राधिकरण के अलावा नगर निगम ने भी मिलकर शहर के तमाम प्रमुख मार्गों और व्यस्त चौराहों को रोशनी से सजाने का बीड़ा उठाया है। स्थानीय प्रशासन ने फतहपुरा चौराहा, पुला पुलिया, सुखाड़िया सर्किल से फतहपुरा रोड और सहेली मार्ग जैसे व्यस्त हिस्सों को आकर्षक प्रकाश व्यवस्था से जगमगा दिया है। इसके साथ ही भुवाणा सर्किल, शोभागपुरा सर्किल, रामपुरा चौराहा, सुभाष चौराहा, महाकाल चौराहा और आयुर्वेद चौराहा जैसे अहम स्थानों पर भी रोशनी का भव्य इंतजाम किया गया है, जिससे पूरे शहर में उत्सव का माहौल बन गया है।
फतहसागर से देवाली तक फैला रोशनी का कारवां
पर्यटकों के पसंदीदा ठिकानों जैसे कि फतहसागर झील और महाकाल मंदिर से लेकर रानी रोड होते हुए देवाली तक के रास्तों को भी रंग-बिरंगी लाइटों से सजाया गया है। जैसे ही सूरज ढलता है और शाम गहरी होती है, इन इलाकों में दूधिया और रंगीन रोशनी का एक अलग ही जादुई मंजर दिखाई देने लगता है। देश-विदेश से लेकसिटी की खूबसूरती निहारने आने वाले पर्यटकों के लिए भी यह आधुनिक लाइटिंग इस बार मुख्य आकर्षण का विषय बनी हुई है।
ঐतिহাসিক धरोहरों और आधुनिक तकनीक का अनूठा मेल
पारंपरिक दीयों की जगमगाहट, ऐतिहासिक महलों की भव्यता और झीलों के प्राकृतिक सौंदर्य के साथ जब इस आधुनिक तकनीक का मेल होता है, तो उदयपुर की रातें और भी ज्यादा हसीन हो जाती हैं। इस साल का दीपोत्सव केवल मिट्टी के दीपों तक सीमित नहीं है, बल्कि अंतरिक्ष के ग्रहों और सितारों के इस कृत्रिम ब्रह्मांड ने लेकसिटी की फिजाओं को एक बिल्कुल नया और आधुनिक आयाम दे दिया है।

















