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30 जुलाई से शुरू होगा सावन का पावन महीना, जानें सोमवारी तिथियां और शिवलिंग पूजन की सही विधिधर्म
29 जुल॰ 2026, 11:36 am (45 दिन पहले)· 0

30 जुलाई से शुरू होगा सावन का पावन महीना, जानें सोमवारी तिथियां और शिवलिंग पूजन की सही विधि

सावन 2026 का पवित्र महीना 30 जुलाई से शुरू हो रहा है। जानिए इस दौरान पड़ने वाले चारों सावन सोमवार की तिथियां, कावड़ यात्रा का महत्व और घर से मंदिर तक शिवलिंग पूजा का आसान तरीका।

सावन 2026 का पावन महीना 30 जुलाई 2026, गुरुवार से प्रारंभ हो रहा है। हिंदू धर्म में यह पवित्र अवधि भगवान शिव की भक्ति में लीन होने और उनका विशेष आशीर्वाद पाने के लिए सबसे उत्तम मानी गई है। इस पूरे महीने के दौरान श्रद्धालु उपवास रखते हैं और शिव मंदिरों में शिवलिंग का विशेष पूजन करते हैं। इसके साथ ही, यह पूरा महीना प्रसिद्ध कावड़ यात्रा के आयोजन के लिए भी अत्यंत शुभ माना जाता है।

कावड़ यात्रा और जलाभिषेक का धार्मिक महत्व

श्रावण मास की शुरुआत के साथ ही भक्त 'बोल बम' के जयकारों का उद्घोष करते हुए कावड़ यात्रा पर रवाना हो जाते हैं। कावड़िए दूर-दराज के पवित्र तीर्थस्थलों से पवित्र गंगाजल भरकर लाते हैं और अपने-अपने क्षेत्रों के शिव मंदिरों में पहुंचकर शिवलिंग पर अर्पित करते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, कावड़ का जल चढ़ाने के लिए सावन शिवरात्रि का दिन सबसे अधिक शुभ और फलदायी होता है।

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सावन के महीने में व्रत रखने की भी विशेष परंपरा रही है। कई श्रद्धालु पूरे महीने नियमित व्रत का पालन करते हैं, जबकि कई भक्त केवल सावन सोमवार और सावन शिवरात्रि के दिन ही व्रत रखते हैं।

सावन सोमवार व्रत 2026 की पूरी सूची

वर्ष 2026 में सावन के महीने में कुल चार सोमवार पड़ रहे हैं। सोमवारी व्रत की तिथियां इस प्रकार हैं

  • पहला सावन सोमवार: 3 अगस्त 2026
  • दूसरा सावन सोमवार: 10 अगस्त 2026
  • तीसरा सावन सोमवार: 17 अगस्त 2026
  • चौथा सावन सोमवार: 24 अगस्त 2026

शिवलिंग पूजा की सरल और प्रामाणिक विधि

सावन के दौरान शिवलिंग की पूजा-अर्चना करने की विधि बेहद सरल है। पूजा के लिए श्रद्धालु अपने घर से ही एक साफ लोटे में शुद्ध जल भरकर शिव मंदिर जाएं। जल के साथ ही पूजा सामग्री में कुछ बेलपत्र, ताजे फूल, धतूरा, भांग, एक शुद्ध घी का दीपक और भोग लगाने के लिए प्रसाद ले जाना चाहिए।

मंदिर पहुंचने पर सबसे पहले शिवलिंग पर शुद्ध जल अर्पित करें। जल चढ़ाने के बाद क्रमपूर्वक फूल, बेलपत्र, भांग और धतूरा चढ़ाएं। इसके बाद शिवलिंग के सामने घी का दीपक प्रज्वलित करें और भगवान शिव को प्रसाद का भोग लगाएं। पूजा संपन्न होने पर अर्पित किए गए प्रसाद में से कुछ हिस्सा घर वापस ले आएं और परिजनों में बांटें। इस सरल विधि से पूरे सावन महीने में नियमपूर्वक पूजन किया जा सकता है।

सवाल-जवाब

सावन 2026 का महीना किस तारीख और दिन से शुरू हो रहा है?
सावन 2026 का पावन महीना 30 जुलाई 2026, गुरुवार के दिन से शुरू हो रहा है।
सावन 2026 में कुल कितने सोमवार पड़ेंगे और उनकी तिथियां क्या हैं?
सावन 2026 में कुल 4 सोमवार हैं: पहला सोमवार 3 अगस्त, दूसरा 10 अगस्त, तीसरा 17 अगस्त और चौथा सोमवार 24 अगस्त 2026 को है।
कावड़ यात्रा का जल चढ़ाने के लिए कौन सा दिन सबसे शुभ होता है?
पवित्र तीर्थस्थलों से लाया गया गंगाजल अर्पित करने के लिए सावन शिवरात्रि का दिन सबसे शुभ माना जाता है।
शिवलिंग की पूजा के लिए घर से क्या-क्या सामग्री ले जानी चाहिए?
घर से साफ लोटे में जल, बेलपत्र, ताजे फूल, धतूरा, भांग, एक घी का दीपक और प्रसाद साथ ले जाना चाहिए।
शिवलिंग पर जल चढ़ाने के बाद पूजन का सही क्रम क्या है?
सबसे पहले जल चढ़ाएं, फिर फूल, बेलपत्र, भांग और धतूरा अर्पित करें। इसके बाद दीपक जलाकर प्रसाद का भोग लगाएं और थोड़ा प्रसाद घर लाएं।
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