झारखंड के जमशेदपुर में स्थित टाटानगर रेलवे स्टेशन पर आने-जाने वाले रेल यात्रियों और उनके परिजनों के लिए रेलवे प्रशासन ने राहत भरा फैसला लिया है। स्टेशन परिसर के मुख्य प्रवेश द्वार के पास बनी पार्किंग का शुल्क तत्काल प्रभाव से घटा दिया गया है। नया ठेकेदार आने के बाद रेलवे अधिकारियों की पहल पर दरों में यह कटौती की गई है। इसके साथ ही, यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए ड्रॉपिंग लाइन को फिलहाल पूरी तरह नि:शुल्क कर दिया गया है। हालांकि रेलवे सुरक्षा बल ने यह स्पष्ट किया है कि ड्रॉपिंग लाइन में वाहन खड़ा करके लंबे समय तक इंतजार करने वालों के खिलाफ नियमों के तहत कार्रवाई की जाएगी।
विभिन्न श्रेणियों के वाहनों के लिए पार्किंग शुल्क में कटौती
रेलवे की ओर से जारी संशोधित दरों के तहत अब टाटानगर स्टेशन की पार्किंग में साइकिल खड़ी करने के लिए 5 रुपये देने होंगे, जो पहले 6 रुपये निर्धारित थे। दोपहिया वाहनों यानी बाइक और स्कूटी की पार्किंग का शुल्क 12 रुपये से घटाकर 10 रुपये कर दिया गया है। तीन पहिया वाहनों अथवा ऑटो चालकों को अब 18 रुपये के बजाय 15 रुपये पार्किंग चार्ज देना पड़ेगा। वहीं चार पहिया वाहनों यानी कारों के लिए पार्किंग शुल्क 48 रुपये से घटाकर 40 रुपये तय किया गया है। इस तरह रेलवे ने मुख्य द्वार पर पार्क होने वाले सभी प्रमुख श्रेणियों के वाहनों की नई दरों में सीधी राहत दी है।
लंबी अवधि की पार्किंग और रेट बोर्ड लगाने के निर्देश
अल्पकालिक पार्किंग के अलावा, 12 से 24 घंटे की अवधि के लिए वाहन खड़े करने वालों और रोजाना वाहन पार्क करने वाले नियमित यात्रियों के शुल्क में भी कमी की गई है। यद्यपि लंबी अवधि वाली पार्किंग के विस्तृत रेट का अलग से ब्योरा उपलब्ध रिपोर्ट में जारी नहीं हुआ है, इसलिए यात्रियों को पार्किंग क्षेत्र में लगाए गए आधिकारिक रेट चार्ट को देखकर ही भुगतान करने का परामर्श दिया गया है। रेलवे अधिकारियों ने ठेकेदार को सख्त निर्देश जारी किए हैं कि वह नए रेट चार्ट को बड़े और स्पष्ट अक्षरों में बोर्ड पर प्रदर्शित करे ताकि यात्रियों से कोई अतिरिक्त राशि न वसूली जा सके।
ड्रॉपिंग लाइन के नए नियम और आरपीएफ की चेतावनी
स्टेशन की ड्रॉपिंग लाइन को मुफ्त किए जाने का सबसे बड़ा लाभ उन लोगों को मिलेगा जो अपने परिवार के सदस्यों को ट्रेन में बैठाने या रिसीव करने आते हैं। पहले पार्किंग शुल्क और ड्रॉपिंग जोन को लेकर यात्रियों तथा वाहन चालकों के बीच अक्सर विवाद और शिकायतें सामने आती थीं। नई व्यवस्था से कार और ऑटो चालकों के साथ आम यात्रियों को भी बड़ी सहूलियत मिलेगी। ठेकेदार ने अपने पार्किंग कर्मचारियों को सख्त हिदायत दी है कि वे स्टेशन आने वाले यात्रियों के साथ हमेशा मधुर और सम्मानजनक व्यवहार करें। इसके साथ ही रेलवे ने चेतावनी दी है कि ड्रॉपिंग लाइन केवल वाहन से यात्रियों को उतारने और चढ़ाने के लिए है, वहां लंबे समय तक गाड़ियां पार्क करने पर आरपीएफ कड़ी कानूनी कार्रवाई करेगा।



















