सोशल मीडिया के विभिन्ना प्लेटफॉर्म पर इन दिनों समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव और प्रसिद्ध कथावाचक अनिरुद्धाचार्य का एक पुराना वीडियो तेज़ी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में दोनों की एक सड़क पर अचानक मुलाकात होती है और बातचीत के दौरान भगवान कृष्ण के जीवन से जुड़ा एक ऐसा सवाल उठता है, जिस पर दोनों के मत अलग-अलग नजर आते हैं। इस वाकये के बाद से ही इंटरनेट उपयोगकर्ताओं के बीच इस बात को लेकर बहस छिड़ गई है कि आखिर इस धार्मिक पहेली का वास्तविक और पौराणिक उत्तर क्या होना चाहिए।
सड़क पर हुई मुलाकात और भगवान कृष्ण का वह खास सवाल
वायरल हो रहे इस वीडियो के अनुसार, अखिलेश यादव और अनिरुद्धाचार्य की यह अनौपचारिक मुलाकात रास्ते में हुई थी। आम बातचीत के बीच ही अखिलेश यादव ने कथावाचक अनिरुद्धाचार्य के सामने एक अनोखा और पेचीदा सवाल रख दिया। उन्होंने पूछा कि जब भगवान कृष्ण का जन्म हुआ और वासुदेव ने उन्हें गोकुल ले जाकर मां यशोदा की गोद में सुरक्षित रखा, तब यशोदा मैया ने उन्हें सबसे पहले किस नाम से पुकारा था? इस सवाल के जवाब में अनिरुद्धाचार्य ने सहजता से कहा कि भगवान कृष्ण के तो अनेकों नाम हैं और मां ने उन्हें कन्हैया कहकर संबोधित किया होगा।
रास्ते अलग होने की बात कहकर आगे निकल पड़े अखिलेश
कथावाचक अनिरुद्धाचार्य की ओर से कन्हैया नाम बताए जाने पर अखिलेश यादव संतुष्ट नजर नहीं आए। उन्होंने तपाक से मुस्कुराते हुए प्रतिक्रिया दी कि कोई बात नहीं, यहीं से हमारे और आपके रास्ते अलग होते हैं और इतना कहकर वह अपनी बात को वहीं समाप्त कर आगे बढ़ गए। इस पूरी बातचीत का वीडियो सोशल मीडिया पर डेढ़ साल पुराना बताया जा रहा है, जिसे लोग शेयर कर रहे हैं और इस पर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। इसी क्रम में मनीष यादव रायबरेली नामक यूजर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि महाराज जी बिल्कुल शाक हो गए।
पौराणिक कथाओं और ग्रंथों के आधार पर क्या है सही उत्तर
इस पूरी चर्चा के सामने आने के बाद अब यह सवाल आम जनता के बीच भी बना हुआ है कि जन्म के तुरंत बाद मां यशोदा ने भगवान कृष्ण को वास्तव में किस नाम से पुकारा था। कई मीडिया रिपोर्ट्स और हिंदू पौराणिक ग्रंथों के हवाले से यह विवरण मिलता है कि जब वासुदेव जी नवजात कृष्ण को मथुरा से गोकुल ले गए और यशोदा जी के पास मौजूद नवजात बच्ची से उनका आदान-प्रदान किया, तब बाल रूप को देखकर उन्हें नंदलाला कहकर पुकारा गया था। चूंकि वह बालक नंद बाबा के घर लाया गया था, इसलिए स्नेहवश यह नाम जुड़ा। विश्व प्रसिद्ध ब्रिटानिका वेबसाइट के अनुसार भी भगवान कृष्ण का लालन-पालन नंद और यशोदा द्वारा किया गया था और उनके शुरुआती नामों में नंदलाला का उल्लेख प्रमुखता से मिलता है।
भगवान कृष्ण के नाम और प्रचलित मान्यताएं
आम मान्यताओं और धार्मिक परंपराओं के अनुसार यह माना जाता है कि माता यशोदा द्वारा श्रीकृष्ण को सबसे पहले नंदलाला कहकर ही पुकारा गया था। इसके अलावा यह भी सर्वविदित है कि भगवान श्रीकृष्ण के कुल 108 प्रमुख नाम हैं, जिनका स्मरण भक्त करते हैं। पौराणिक जानकारियों के अनुसार जन्म के समय देवकी और यशोदा जैसी दोनों माताओं ने अपार प्रेम के साथ उन्हें कन्हैया के रूप में भी पुकारा, जिसके कारण यह नाम जनमानस में सबसे अधिक प्रचलित हो गया और आज भी घर-घर में इसी नाम से उनकी महिमा गाई जाती है।























