श्रावण मास शुरू होते ही शिवभक्तों के घरों में सोमवार व्रत की तैयारियां तेज हो गई हैं। इस पूरे महीने भोलेनाथ के मंदिरों में जलाभिषेक के लिए भक्तों की भारी भीड़ उमड़ती है, और सोमवार के दिन यह उत्साह अपने चरम पर होता है। मान्यता है कि विधि-विधान से यह व्रत करने पर कुंवारी लड़कियों को मनचाहा जीवनसाथी मिलता है, जबकि विवाहित महिलाओं के घर में सुख-समृद्धि और अच्छे दांपत्य जीवन का आशीर्वाद बना रहता है।
हिंदू मान्यताओं में सावन का महीना भगवान शिव को सबसे प्रिय माना गया है। कहा जाता है कि जो भक्त सच्चे मन से इस महीने शिवजी की आराधना करता है, उसकी हर मनोकामना पूरी होती है। लेकिन व्रत के दौरान अगर कुछ जरूरी नियमों का पालन नहीं किया गया, तो पूजा अधूरी मानी जाती है और व्रत का पूरा फल नहीं मिल पाता। इसलिए सोमवार व्रत शुरू करने से पहले इन नियमों को अच्छी तरह समझ लेना जरूरी है। वैसे उज्जैन में भगवान शिव का एक ऐसा मंदिर भी है जो साल में केवल सावन महीने के एक दिन ही खुलता है, जहां दर्शन मात्र से भक्तों की मनोकामनाएं पूरी होने की मान्यता है।
सोमवार व्रत में इन 7 बातों का रखें ध्यान
शिवलिंग पूजा की सही विधि: सोमवार के दिन विधि-विधान से शिवलिंग का जलाभिषेक करें और भोलेनाथ को बेलपत्र, भांग, धतूरा व चंदन अर्पित करें। ध्यान रहे कि शिवलिंग पर भूलकर भी तुलसी, हल्दी और केतकी के फूल न चढ़ाएं, क्योंकि इन्हें शिवजी की पूजा में वर्जित माना गया है।
खंडित बेलपत्र न चढ़ाएं: शिवजी को बेलपत्र बेहद प्रिय है, लेकिन शिवलिंग पर टूटा हुआ या धारीदार बेलपत्र चढ़ाने से बचना चाहिए।
दिन में सोने से परहेज: जो भक्त सोमवार का व्रत रख रहे हैं उन्हें दिन में सोने से बचना चाहिए। इसके साथ ही प्रदोष काल यानी शाम के समय भगवान शिव की पूजा करना शुभ माना गया है।
ब्रह्मचर्य और सात्विकता: व्रत के दौरान ब्रह्मचर्य का पालन करें और आचरण में सात्विकता बनाए रखें।
तामसिक चीजों से दूरी: सोमवार के दिन तामसिक भोजन का सेवन न करें और किसी भी तरह की नशीली चीजों से दूर रहें।
दान-पुण्य जरूर करें: अपनी क्षमता के अनुसार गरीबों और जरूरतमंदों को अन्न, वस्त्र और धन का दान करें।
काले कपड़ों से परहेज: सोमवार के दिन काले रंग के कपड़े पहनने से बचें। इस दिन हरे, पीले, लाल, सफेद या केसरिया रंग के वस्त्र पहनना शुभ माना जाता है।
2026 में सावन सोमवार व्रत की तारीखें
पहला सोमवार व्रत: 3 अगस्त 2026
दूसरा सोमवार व्रत: 10 अगस्त 2026
तीसरा सोमवार व्रत: 17 अगस्त 2026
चौथा सोमवार व्रत: 24 अगस्त 2026
इन चारों सोमवार को ऊपर बताए गए नियमों का पालन करते हुए व्रत और पूजा करने से भक्तों को भगवान शिव की विशेष कृपा प्राप्त होने की मान्यता है। इसलिए व्रत शुरू करने से पहले ही इन बातों को याद रखना बेहतर रहेगा, ताकि पूजा में कोई कमी न रह जाए।



















