उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले अंतर्गत मैजापुर क्षेत्र के शुक्लानपुरवा गांव में स्थित प्राचीन बागेश्वर नाथ महादेव मंदिर इन दिनों आस्था के रंग में रंगा नजर आ रहा है। सावन का पवित्र महीना शुरू होते ही इस पावन स्थल पर भोलेनाथ के दर्शन और जलाभिषेक के लिए भक्तों का तांता लगा हुआ है। गोंडा जनपद के स्थानीय लोगों के अलावा आसपास के अनेक गांवों और पड़ोसी जिलों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु अपनी मनोकामनाएं लेकर यहां पहुंच रहे हैं।
सावन के सोमवार और विशेष पूजा-अर्चना का माहौल
सावन माह के दौरान, विशेष रूप से सोमवार के दिन मंदिर प्रांगण में अभूतपूर्व आध्यात्मिक रौनक देखने को मिलती है। तड़के से ही श्रद्धालु कतारों में लगकर अपनी बारी का इंतजार करते हैं। भक्तजन हाथों में बेलपत्र, धतूरा, ताजे फूल, दूध और पवित्र गंगाजल लेकर भगवान शिव के लिंग स्वरूप का श्रद्धापूर्वक अभिषेक करते हैं। पूरा मंदिर परिसर 'हर-हर महादेव' और 'बम-बम भोले' के गगनभेदी जयकारों से गूंज उठता है। श्रद्धालु यहां आकर अपने परिवार की सुख-शांति, समृद्धि और खुशहाली के लिए भगवान भोलेनाथ से प्रार्थना करते हैं।
रुद्राभिषेक और जलाभिषेक का आध्यात्मिक महत्व
मंदिर के पुजारी राम तिलक पांडेय के अनुसार, इस बागेश्वर नाथ महादेव मंदिर का इतिहास अत्यंत प्राचीन और महिमामयी है। उन्होंने बताया कि ऐसी जनमान्यता है कि जो भी भक्त सच्चे हृदय और पूर्ण भक्ति भाव से यहां आकर जलाभिषेक करता है, उसकी सभी मनोकामनाएं अवश्य पूर्ण होती हैं। सावन के महीने में यदि मंदिर परिसर में रुद्राभिषेक किया जाए, तो भगवान शिव अत्यंत प्रसन्न होते हैं और साधक की हर इच्छा पूरी करते हैं।
पुजारी राम तिलक पांडेय बताते हैं कि यदि कोई श्रद्धालु किसी कारणवश रुद्राभिषेक की संपूर्ण विधि करने में समर्थ नहीं है, तो वह केवल सच्चे मन से शिवलिंग पर जलाभिषेक कर सकता है। भोलेनाथ इतने दयालु हैं कि मात्र जलाभिषेक से ही अपने भक्तों की हर मनोकामना पूरी कर देते हैं। जनश्रुति और भक्तों के अनुभव के अनुसार, इस पवित्र स्थान पर दर्शन और पूजन करने से निसंतान दंपतियों को संतान की प्राप्ति होती है, बेरोजगार युवाओं को नौकरी मिलती है और जीवन के समस्त दुख-दर्द एवं कष्ट दूर हो जाते हैं।
मंदिर समिति की व्यवस्थाएं और वर्षभर की रौनक
बागेश्वर नाथ महादेव मंदिर में केवल सावन मास ही नहीं, बल्कि महाशिवरात्रि और अन्य प्रमुख धार्मिक त्यौहारों पर भी विशाल मेले जैसा दृश्य रहता है। इसके अतिरिक्त, हर सप्ताह के सोमवार और शुक्रवार को भी काफी संख्या में श्रद्धालु पूजा-अर्चना के लिए यहां आते हैं। भक्तों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए मंदिर समिति की ओर से विशेष इंतजाम किए जाते हैं। मंदिर परिसर में स्वच्छता, पीने के लिए शीतल जल और सुगम दर्शन के लिए कतारबद्ध व्यवस्थाएं की गई हैं।
आस्था का प्रमुख केंद्र और दर्शन के लिए उपयुक्त स्थल
पुजारी राम तिलक पांडेय का कहना है कि यह पावन मंदिर वर्षों से क्षेत्रीय लोगों की अटूट आस्था का केंद्र रहा है। सावन के दिनों में यहां का वातावरण अत्यंत आध्यात्मिक, शांत और मनमोहक रहता है। यदि आप भी सावन के इस पावन पर्व पर भगवान भोलेनाथ के दर्शन करना चाहते हैं और जलाभिषेक का पुण्य लाभ प्राप्त करना चाहते हैं, तो गोंडा के मैजापुर स्थित बागेश्वर नाथ महादेव मंदिर एक अत्यंत उत्तम और फलदायी धार्मिक स्थल है।



















