दौसा के ऐतिहासिक और प्रसिद्ध नीलकंठ महादेव मंदिर में सावन महीने के आखिरी सोमवार से ठीक एक दिन पहले रविवार को श्रद्धालुओं की जबरदस्त भीड़ देखने को मिली। देवगिरी पर्वत की ऊंचाई पर स्थित इस पवित्र मंदिर में बाबा के दर्शन पाने के लिए दूर-दराज के इलाकों से शिव भक्त लगातार पहुंच रहे हैं। सावन के इस अंतिम रविवार की पूरी रात मंदिर परिसर में भक्तों का आना-जाना लगा रहा, जिससे आसपास का पूरा इलाका पूरी तरह से भगवान शिव की भक्ति में डूबा हुआ नजर आया।
मंदिर की व्यवस्था संभाल रही नीलकंठ धर्म सेवा समिति के सदस्यों और कार्यकर्ताओं ने परिसर के भीतर एक बेहद मनमोहक और भव्य झांकी सजाई है। इस अलौकिक झांकी को देखकर श्रद्धालु काफी भावुक और आनंदित महसूस कर रहे हैं। मंदिर प्रशासन की ओर से तय की गई व्यवस्था के तहत, भक्तजन झांकी के अगले हिस्से से बाबा नीलकंठ के सीधे दर्शन कर रहे हैं, वहीं झांकी के पीछे जाकर भगवान आशुतोष का जलाभिषेक और दुग्धाभिषेक किया जा रहा है। रविवार की देर रात हुई भव्य आरती के दौरान भी बड़ी संख्या में शिव भक्त उपस्थित रहे।
अंतिम सोमवार को उमड़ेगा आस्था का सैलाब
सावन महीने का आखिरी सोमवार होने के कारण दौसा जिले के तमाम छोटे और बड़े शिवालयों में भारी से भारी भीड़ जुटने की पूरी संभावना है। देवगिरी पर्वत पर बने नीलकंठ महादेव मंदिर में सुबह से ही भक्तों का तांता लगना शुरू हो चुका है। इसे ध्यान में रखते हुए मंदिर समिति और स्थानीय प्रशासन ने सुरक्षा, आवागमन और दर्शन के पुख्ता इंतजाम किए हैं ताकि किसी भी भक्त को असुविधा न हो।
भक्ति भाव से सराबोर हुआ पूरा क्षेत्र
सावन के इस आखिरी हफ्ते में भगवान शिव की पूजा और आराधना का विशेष धार्मिक महत्व माना गया है। नीलकंठ महादेव मंदिर में गूंज रहे ॐ नमः शिवाय और हर हर महादेव के जयकारों से पूरा पहाड़ी इलाका गूंज उठा है। चारों तरफ लहराते भगवा झंडे और हाथ में बेलपत्र तथा धतूरा लिए कतारों में खड़े भक्त अपनी बारी का इंतजार करते हुए बाबा के दर्शन कर रहे हैं। इस बड़े धार्मिक आयोजन से पूरे दौसा शहर में आस्था और उत्साह का अनूठा माहौल नजर आ रहा है।



















