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पेरिस में बना पहला विशाल हिंदू मंदिर, सितंबर में 13 दिन के विशेष महाउत्सव के बीच होगा भव्य उद्घाटनधर्म
25 अग॰ 2026, 2:21 pm (1 दिन पहले)· 3

पेरिस में बना पहला विशाल हिंदू मंदिर, सितंबर में 13 दिन के विशेष महाउत्सव के बीच होगा भव्य उद्घाटन

फ्रांस की राजधानी पेरिस के बुसी-सेंट-जॉर्जेस में बीएपीएस स्वामीनारायण हिंदू मंदिर बनकर तैयार हो गया है। आगामी सितंबर में 13 दिवसीय संस्कृति महोत्सव के दौरान इस भव्य धाम का औपचारिक उद्घाटन किया जाएगा।

फ्रांस की राजधानी पेरिस के बुसी-सेंट-जॉर्जेस इलाके में एक बेहद भव्य और विशाल बीएपीएस स्वामीनारायण हिंदू मंदिर पूरी तरह बनकर तैयार हो गया है। इस नए धार्मिक और सांस्कृतिक केंद्र को भारत और फ्रांस के बीच प्रगाढ़ होते सांस्कृतिक संबंधों की एक बहुत बड़ी कड़ी के रूप में देखा जा रहा है। यह अनूठा परिसर केवल एक पूजा स्थल तक सीमित नहीं है, बल्कि यह भारतीय संस्कृति के प्रसार, प्रवासी समुदाय के जुड़ाव और विभिन्न धर्मों तथा संस्कृतियों के लोगों के बीच आपसी सौहार्द और भाईदारे को बढ़ावा देने का एक प्रमुख केंद्र बनेगा। लगभग 5,000 वर्ग मीटर के विशाल क्षेत्र में फैले इस मंदिर का इस सितंबर के महीने में एक ऐतिहासिक और भव्य 13 दिवसीय संस्कृति महोत्सव के साथ आधिकारिक शुभारंभ होने जा रहा है, जिसका उद्घाटन समारोह प्रमुख संत महंत स्वामी महाराज के पावन सान्निध्य में संपन्न होगा। इस बड़े आयोजन में फ्रांस के साथ-साथ दुनिया भर के कोने-कोने से हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं और पर्यटकों के जुटने की पूरी उम्मीद जताई जा रही है।

अनोखे 13 दिवसीय सांस्कृतिक महोत्सव का पूरा कार्यक्रम

इस नवनिर्मित मंदिर के भव्य उद्घाटन और प्राण-प्रतिष्ठा के पावन अवसर पर आगामी 2 से 14 सितंबर तक पूरे 13 दिनों तक चलने वाले एक विशाल सांस्कृतिक महोत्सव का आयोजन किया जाएगा। संत महंत स्वामी महाराज अपने कर-कमलों से आगामी 6 सितंबर को मंदिर के मुख्य उद्घाटन और मूर्ति प्राण-प्रतिष्ठा की सभी धार्मिक रस्मों को पूरा करेंगे। इस दौरान आयोजित होने वाले विविध प्रकार के पारंपरिक और धार्मिक कार्यक्रमों की एक लंबी श्रृंखला तय की गई है। इस भव्य महोत्सव के तहत होने वाले प्रमुख आयोजनों की सूची में 2 सितंबर को निकलने वाली भव्य पालकी यात्रा शामिल है। इसके अलावा 2 से 13 सितंबर तक निरंतर वैदिक महायज्ञ का अनुष्ठान किया जाएगा। इस उत्सव की श्रृंखला में 3 सितंबर को जल यात्रा, 5 सितंबर को नगर यात्रा और 6 सितंबर को मूर्ति प्रतिष्ठा के साथ-साथ एक विशेष समर्पण सभा का आयोजन रखा गया है। आगे चलकर 13 सितंबर को महंत स्वामी महाराज की जन्म जयंती का पावन उत्सव मनाया जाएगा और अंत में 14 सितंबर को एक भव्य हिंदू सांस्कृतिक उत्सव के साथ इस 13 दिवसीय विशाल अनुष्ठान का समापन किया जाएगा।

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मंदिर की अनूठी वास्तुकला और निर्माण की खास बातें

यह भव्य मंदिर पारंपरिक भारतीय स्थापत्य कला और आधुनिक फ्रेंच इंजीनियरिंग का एक अनूठा और बेजोड़ संगम प्रस्तुत करता है। इस विशाल परिसर की बनावट को इस तरह तैयार किया गया है कि इसके ऊपरी तल पर पारंपरिक शैली का मंदिर स्थापित किया गया है, जबकि निचले हिस्से में मारू गुर्जर वास्तुकला शैली से सुसज्जित एक भव्य और विशाल सांस्कृतिक हवेली का निर्माण किया गया है। पूरे परिसर की भव्यता को बढ़ाने के लिए इसमें कुल 5 विशाल शिखर, 10 बड़े गुंबद, अत्यंत बारीक नक्काशी से सजाए गए 20 मजबूत स्तंभ, 120 नक्काशीदार खिड़कियां, 49 आकर्षक मूर्तिकला पैनल और 4 सुंदर छतरियों का निर्माण किया गया है। इस मंदिर के निर्माण कार्य में उपयोग किए जाने वाले पत्थरों की गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखा गया है, जिसके तहत ग्रीस, इटली, वियतनाम और भारत के विभिन्न हिस्सों से विशेष प्रकार का संगमरमर मंगवाया गया है। इसके अलावा मंदिर के लिए आवश्यक बलुआ पत्थर विशेष तौर पर ग्वालियर से मंगाए गए हैं। भारत के अत्यंत कुशल कारीगरों ने इन सभी पत्थरों को अपने हाथों से तराशने का काम किया है, जिन्हें बाद में फ्रांस भेजकर इस मंदिर की भव्य संरचना में स्थापित किया गया है।

महंत स्वामी महाराज का प्रेरणादायक और शांति का संदेश

इस ऐतिहासिक मंदिर के निर्माण और उद्घाटन के अवसर पर अपने विचार रखते हुए महंत स्वामी महाराज ने कहा कि इस मंदिर का निर्माण किसी एक समुदाय की विशेष पहचान स्थापित करने के उद्देश्य से नहीं किया गया है, बल्कि इसका मुख्य उद्देश्य विभिन्न संस्कृतियों और पहचान वाले लोगों को एक-दूसरे के करीब लाना है। उन्होंने आगे कहा कि हमारे रास्ते भले ही अलग-अलग हों, लेकिन आपसी सम्मान और सहअस्तित्व की साझी जमीन एक हो सकती है।

सवाल-जवाब

पेरिस में नवनिर्मित मंदिर का उद्घाटन कब होगा?
पेरिस के बुसी-सेंट-जॉर्जेस में बने इस बीएपीएस स्वामीनारायण मंदिर का उद्घाटन आगामी सितंबर में होगा, जिसकी मुख्य प्राण-प्रतिष्ठा 6 सितंबर को तय की गई है।
यह मंदिर कितने क्षेत्रफल में फैला हुआ है?
यह पूरा भव्य मंदिर परिसर लगभग 5,000 वर्ग मीटर के विशाल क्षेत्र में फैला हुआ है।
उद्घाटन समारोह कितने दिनों तक चलेगा?
मंदिर के उद्घाटन के उपलक्ष्य में 2 सितंबर से 14 सितंबर तक कुल 13 दिनों का भव्य सांस्कृतिक महोत्सव आयोजित किया जाएगा।
इस मंदिर के निर्माण में कौन-से मुख्य पत्थर इस्तेमाल हुए हैं?
मंदिर के निर्माण के लिए ग्रीस, इटली, वियतनाम और भारत से विशेष संगमरमर तथा ग्वालियर से बलुआ पत्थर मंगाए गए हैं।
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